Search

किरीबुरू : सागजुड़ी में हाथियों के झुंड ने युवक को कुचला, मौत

Kiriburu (Shailesh Singh) : नक्सल प्रभावित सारंडा रिजर्व वन क्षेत्र के समठा वन प्रक्षेत्र अन्तर्गत बडा़ सागजुडी़ गांव निवासी राजेश गुड़िया पिता मानसिंह गुड़िया को हाथियों के समूह ने पटक कर कुचल दिया. इससे उसकी घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गई.  यह घटना 6 मार्च की रात लगभग 8.30 से 9 बजे के बीच की बताई जा रही है. इस घटना की सूचना के बाद वन विभाग की टीम 7 मार्च को दोपहर सागजुड़ी गांव स्थित घटनास्थल पहुंच मृत युवक का शव उठाकर पोस्टमार्टम हेतु अपने साथ लेकर गई है. ग्रामीणों को वन विभाग ने भरोसा दिलाया है कि वह ऐसी घटनाओं के एवज में वन विभाग कीओर से मुआवजा दिया जाएगा. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-police-engaged-in-investigation-by-registering-fir-for-murder-against-woman/">जमशेदपुर

: महिला के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस
दूसरी तरफ घटना के बाबत सारंडा क्षेत्र के प्रसिद्ध सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ता सुशील बारला ने बताया की राजेश गुड़िया नामक युवक 6 मार्च की रात लगभग 8.30 बजे अपने घर से महज 20 मीटर दूर जाकर अपने किसी साथी से मोबाईल पर बात कर रहा था. तभी पीछे से हाथियों का समूह आकर उसपर हमला कर दिया. राजेश पर हाथी तब तक प्रहार करता रहा, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई. हाथियों के प्रहार से राजेश का शरीर का अंदरुनी पार्ट्स तक बाहर निकल गया. राजेश सेल की मेघाहातुबुरु खदान का पूर्व सेलकर्मी मान सिंह गुड़िया का पुत्र है. वन विभाग राजेश के आश्रित को मुआवजा के साथ-साथ एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का कार्य करे. इसे भी पढ़ें : .जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-four-including-two-minors-arrested-with-stolen-bike-one-caught-with-brown-sugar/">जमशेदपुर

: चोरी की बाइक के साथ दो नाबालिग समेत चार गिरफ्तार, ब्राउन शुगर के साथ भी एक धराया
दूसरी तरफ ग्रामीण सूत्रों से मिल रही जानकारी अनुसार सारंडा के विभिन्न गांवों के ग्रामीण अब जंगली हाथियों व तेंदुआ के हमलों से त्रस्त होकर अब उनकी हत्या फसरी (तार से बनाई गई फांसी) लगाकर करने के अलावे अन्य पारम्परिक तरीकों से करने की रणनीति बना रहे हैं. इसकी मुख्य वजह यह है कि वन विभाग के कर्मचारी अथवा अधिकारी ऐसे सुदूरवर्ती गांव क्षेत्र के ग्रामीणों की मदद वन्यप्राणियों से करने हेतु सूचना के बाद भी नहीं पहुंचते हैं. हाथी, तेंदुआ, जंगली सूअर, भालू जैसे वन्प्राणी निरंतर उनपर, उनके घरों, पालतू जानवरों आदि पर हमला कर भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं. वन विभाग न तो ऐसे हमलों को रोक पा रहा है और न ही ग्रामीणों को मुआवजा दे रहा है. हालांकि लगातार न्यूज ग्रामीणों से अपील निरंतर कर रहा है कि वह आवेश में आकर वन्यप्राणियों का शिकार नहीं करें. यह फॉरेस्ट अधिनियम के तहत बडा़ अपराध है. ऐसा अपराध करने से ग्रामीण बडी़ कानूनी परेशानी में पड़ सकते हैं. वह वन विभाग के साथ वार्ता कर इस समस्या का समाधान करने की कोशिश करें. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp