Kiriburu (Shailesh Singh) : चाईबासा में एक खान निरीक्षक की बदौलत पूरे कोल्हान प्रमंडल में जारी बालू व अन्य खनिज सम्पदाओं की तस्करी कैसे रोकी जाये! पूरे झारखण्ड के बालू घाट झारखंड स्टेट मिनिरल्स डेवलपमेंट कार्पोरेशन (जेएसएमडीसी) के अधीन है. जेएसएमडीसी की ही जिम्मेदारी है कि वह बालू घाटों का टेंडर करा उसे चलायेगी. इससे प्राप्त राजस्व राज्य सरकार को जायेगा. जेएसएमडीसी का पूरे झारखण्ड में एक मात्र कार्यालय रांची में है. इसके अलावे किसी भी जिले में कोई कार्यालय नहीं है. रांची स्थित कार्यालय में भी लगभग आधा दर्जन ही अधिकारी-कर्मचारी हैं. इसे भी पढ़ें : सूडान">https://lagatar.in/sudan-criminals-opened-fire-in-abyei-52-including-two-peacekeepers-killed-64-injured/">सूडान
: अबेई में अपराधियों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग, दो शांतिदूत समेत 52 की मौत, 64 घायल बालू का अवैध खनन रोकने के लिये खनन विभाग के अलावे प्रशासनिक स्तर पर जिले के उपायुक्त, एसपी, डीएफओ के नेतृत्व में टास्क फोर्स का गठन किया गया है. इसमें एसडीएम, एसडीपीओ, अंचलाधिकारी, थाना प्रभारी, खनन विभाग के इन्स्पेक्टर आदि हैं. पूरे झारखण्ड का बालू घाट बंद है, लेकिन बालू से जुड़ी सरकारी विकास योजनाओं से लेकर प्राईवेट व अन्य कंस्ट्रक्शन, सड़क, भवन, पुल-पुलिया आदि से जुडे़ निर्माण कार्य निरंतर जारी है. यह कैसे संभव हो रहा है. इसे भी पढ़ें : पटना">https://lagatar.in/patna-truck-went-out-of-control-due-to-tire-burst-crushed-6-people-4-died/">पटना
: टायर फटने से ट्रक हुआ बेकाबू, 6 लोगों को रौंदा, 4 की मौत, दो की हालत गंभीर चाईबासा जिले के खनन विभाग में खान निरीक्षक के पांच पद सृजित हैं. इसमें से एकमात्र खान निरीक्षक के रुप में सुनील कुमार नियुक्त हैं. सुनील कुमार के जिम्मे सिर्फ चाईबासा जिला के अलावे जमशेदपुर से लेकर बहरागोड़ा तक का अतिरिक्त दायित्व तमाम प्रकार के अवैध खनन गतिविधियों को रोकने हेतु दिया गया है. इसे भी पढ़ें : बहरागोड़ा">https://lagatar.in/baharagora-one-dead-in-collision-between-truck-and-bike/">बहरागोड़ा
: ट्रक और बाइक की टक्कर में एक की मौत चाईबासा खनन विभाग 4400 करोड़ रुपये का राजस्व देने वाला जिला है. ऐसी स्थिति में खनन विभाग अपना सारा ध्यान जिले की बड़ी खनन कंपनियों पर देती है. इन पर अधिक ध्यान देने का कारण यह है कि अगर थोड़ी भी निगरानी में चूक हुई तो ये कंपनियां बड़ा खेल कर सकती हैं. इससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंच सकता है. एक अकेला खान निरीक्षक वाली चाईबासा जिले के खनन विभाग की स्थिति यह है कि अगर उसे बहरागोड़ा, बड़ाजामदा, नोवामुण्डी, मनोहरपुर आदि क्षेत्रों में बालू या अन्य खनिज संपदा की तस्करी की सूचना मिले तो वहां जाते-जाते बालू या अन्य खनिज सुरक्षित स्थान पर डम्प हो जायेगा. सिर्फ लकीर पीटने के अलावे कुछ नहीं मिलेगा. इसे भी पढ़ें : सीएम">https://lagatar.in/30-january-read-the-big-news-of-jharkhand-and-the-country-in-your-favorite-newspaper-shubham-sandesh/">सीएम
पर ईडी की दबिश, सियासी भूचाल के साथ ब्यूरोक्रेसी में मचा हड़कंप, झामुमो कार्यकर्ताओं ने आंदोलन की दी चेतावनी, सीएम मामले में संज्ञान लें राज्यपाल : भाजपा समेत कई अहम खबरें पढ़ें अपने प्रिय अखबार शुभम संदेश में बालू घाट का टेंडर से पूर्व क्लियरेंस कराने के लिये पर्यावरण विभाग व प्रदूषण नियंत्रण पर्षद विभाग से सहमती लेना होता है. दोनों विभाग एक तो सहमती नहीं देता है और ना हीं बालू की अवैध तस्करी को रोकने की दिशा में हीं वह कोई पहल अथवा सकारात्मक कार्य करता है. ऐसे में सारा खेल पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाकर, प्रदूषण को फैलाते हुये अवैध रुप से चल रहा है, सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंच रहा है और माफिया मालामाल हो रहा है. सारंडा को भी नो माइनिंग जोन घोषित कर दिया है, जिस कारण यहां सेल व टाटा स्टील की खदानों को छोड़ लौह अयस्क की तमाम प्राईवेट खदानें व खनन गतिविधियां वर्षों से बंद है. इससे भारी बेरोजगारी व पलायन की स्थिति उत्पन्न है. सरकार का मैनेजमेंट व प्रशासनिक आधारभूत संरचना पूरी तरह से फेल बताया जा रहा है. इसे भी पढ़ें : नौकरी">https://lagatar.in/land-for-job-scam-tejashwi-yadav-will-appear-before-ed-today/">नौकरी
के बदले जमीन घोटाला : तेजस्वी यादव आज ईडी के समक्ष होंगे पेश, मीसा भारती से 5 फरवरी को होगी पूछताछ [wpse_comments_template]
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