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किरीबुरू : समय पर पहुंचने के चक्कर में होती हैं दुर्घटनाएं

Kiriburu (Shailesh Singh) : कोल्हान प्रमंडल के विभिन्न सड़क मार्गों पर निरंतर हो रही यात्री बसों की दुर्घटना अनेक सवाल खड़े कर रहा है. इसमें परिवहन विभाग की कार्य प्रणाली पर भी लोग सवाल खड़े कर रहे हैं. विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि पहले किसी एक रूट की यात्री बसों को रुट परमिट लगभग एक घंटा के अंतराल पर मिलता था. इससे बस चालकों के पास पर्याप्त समय अपने गणतव्य तक पहुंचने के लिये होता था. लेकिन सूत्रों अनुसार अब इसे घटाकर 10 मिनट के आसपास कर दिया गया है. जिस कारण चालकों के पास समय काफी कम रहता है एवं वह समय पकड़ने व यात्रियों को रास्ते से अधिक से अधिक बस में सवार करने के चक्कर में काफी तेज रफ्तार में बस दौड़ाने लगते हैं. इससे दुर्घटना की संभावना काफी अधिक बनी रहती है. इसे भी पढ़ें :घाटशिला">https://lagatar.in/ghatshila-ghatshila-post-office-running-on-god-for-one-month/">घाटशिला

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मुख्य सड़क की स्थिति काफी दयनीय

ऐसे भी किरीबुरु से चाईबासा अथवा बड़बिल से चाईबासा मुख्य सड़क की स्थिति काफी दयनीय हो गई हैं. पूरे रास्ते में ऊंची-नीची पहाड़िया एवं संकिर्ण तीखे मोड़ हमेशा दुर्घटना को आमंत्रण देते रहते है. लोगों को कहना है कि एक बस मालिक एक रुट पर कुछ देर के अंतराल पर ही तीन-तीन परमिट लिये हुए है. एक बस उस समय पर चलाते हैं. ऐसे में बस चालक भी यात्रियों को उठाने के लिये तेज रफ्तार से बस को सड़क पर दौड़ाते हैं. विभिन्न शहरों में मौजूद एजेंट भी एक-दूसरे की बस के टाईम फेल होने पर स्टैंड में खड़ा होकर यात्रियों को उठाने की इजाजत नहीं देते हैं. इस कारण ऐसे बस चालक रास्ते से यात्रियों को उठाने व अपना समय पकड़ने के लिये बस को तेज रफ्तार में दौड़ाते हैं. परिवहन विभाग परमिट के समय में थोड़ा परिवर्तन कर दो बसों को खुलने के बीच के समय का एक अच्छा मार्जिन देना प्रारम्भ कर दे तो शायद सड़क पर बसों की भाग दौड़ व रफ्तार कम हो, इससे दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है. इसे भी पढ़ें :जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-foundation-stone-of-international-hijaz-academy-to-be-laid-on-may-10/">जमशेदपुर

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