Kiriburu (Shailesh Singh) : लाइव लोकेशन के तहत हाजिरी बनाने की व्यवस्था
प्रारम्भ होने से पश्चिम सिंहभूम जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा आदि तमाम सरकारी व्यवस्था में सुधार
आयेगी. पश्चिम सिंहभूम जिला अन्तर्गत विभिन्न अनुमंडल व प्रखंड स्तर पर कार्यरत तमाम सरकारी स्कूलों में नियुक्त शिक्षक,
आंगनवाड़ी केन्द्रों में नियुक्त कर्मीयों, अस्पतालों एवं स्वास्थ्य
केन्द्रों में नियुक्त चिकित्सक, एमपीडब्लू, एएनएम, सेविका, सहायिका आदि की हाजिरी लाइव लोकेशन के आधार पर बनायी जानी
चाहिये. उक्त विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों को अनुमंडल व प्रखंड स्तर पर उपायुक्त, सिविल सर्जन, जिला शिक्षा पदाधिकारी की संयुक्त निगरानी में
व्हाट्सऐप ग्रुप बनाकर उस ग्रुप से सभी को
जोड़ देना
चाहिए. इसे भी पढ़ें : गालूडीह">https://lagatar.in/galudih-fruit-trees-were-planted-in-primary-school-kashia/">गालूडीह
: प्राथमिक विद्यालय काशीया में फलदार पौधे लगाए गए उपायुक्त करें ग्रुप की विशेष निगरानी
इस ग्रुप की विशेष
रुप से निगरानी उपायुक्त को करनी
चाहिए. सभी को ड्यूटी स्थल से ड्यूटी के
प्रारम्भ होने तथा समाप्ति होने का लाइव लोकेशन
बनाये गये उक्त
व्हाट्सऐप ग्रुप में भेजना अनिवार्य किया जाना
चाहिए. जो भी चिकित्सक, शिक्षक आदि कर्मचारी व अधिकारी अपने-अपने कार्य स्थल से गायब पाये जाते हैं अथवा वह अपना लाइव लोकेशन उक्त ग्रुप में नहीं डालते हैं, वैसे लोगों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर उनके वेतन से पैसे काटने व विभागीय कार्रवाई
प्रारम्भ किया जाना
चाहिए. ऐसा कार्य पूर्वी सिंहभूम जिले में
वहाँ के उपायुक्त द्वारा
प्रारम्भ कर दिया गया
है. जिससे स्वास्थ्य व अन्य व्यवस्थाओं में काफी सुधार होने की बात कही जा रही
है. पूर्वी सिंहभूम में शुरू हो चुकी है लाइव लोकेशन हाजिरी
पूर्वी सिंहभूम में सरकारी चिकित्सकों, पारा मेडिकल स्टाफ आदि का
व्हाट्सऐप पर आने वाले लाइव लोकेशन से हाजिरी बनना शुरू हो गया
है. जब पूर्वी सिंहभूम में यह व्यवस्था शुरू की जा सकती है तो पश्चिम सिंहभूम में ऐसा क्यों नहीं हो सकता
है. इसे उपायुक्त को गंभीरता से लागू करके नियमित निगरानी स्वयं करने की जरूरत
है. ऐसी व्यवस्था लागू होते हीं सारंडा जैसे
पिछड़े क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा आदि सेवाओं से
जुड़े लोग अपने-अपने कार्य स्थल से गायब रहने के बजाय जनता की सेवा करना शुरू कर
देंगे. लोगों को मिलेगा इसका लाभ
लाइव लोकेशन हाजिरी बनने से लोगों को तमाम क्षेत्र में लाभ मिलने की संभावना बढ़
जायेगी. सारंडा में शिक्षा, स्वास्थ्य की स्थिति यह है कि अस्पतालों से डाक्टर, एमपीडब्लू, एएनएम आदि के अलावे स्कूलों से शिक्षक-शिक्षिकायें,
आंगनवाड़ी केंद्रों से सेविका, सहायिका अधिकतर गायब रहते
हैं. इसका सीधा असर ग्रामीणों को मिलने वाली सेवाओं पर
पड़ता है. कुछ चिकित्सक तो अपने घर पर चले जाते हैं या महीनों अन्यत्र प्राइवेट प्रैक्टिस करते रहते हैं जबकि शिक्षक
वर्षात या खेती के मौसम में स्कूल के बजाय अपने
खेतो में खेती या अन्य कार्य करते रहते
हैं. उपायुक्त व सरकार को उक्त व्यवस्था में सुधार हेतु ऐसे हीं कुछ बडे़ व
कडे़ कदम उठाने की जरूरत
है. [wpse_comments_template]
Leave a Comment