- अधिवेशन में 10 प्रस्ताव पारित किये गए
: आईआईटी-आईएसएम बना रोबोफेस्ट गुजरात 3.0 का चैंपियन
alt="" width="600" height="400" /> धनुर्जय लागुरी ने बताया की झारखंड प्रदेश भारतीय मजदूर संघ द्वारा आयोजित अधिवेशन में 10 प्रस्ताव लाया गया. इसमें न्यूनतम मजदूरी 379 रुपए से बढा़कर 693 रूपये करने के साथ ही सामाजिक सुरक्षा भी दी जाए. झारखंड प्रदेश में कार्यरत 1.02 लाख आंगन आंगनवाड़ी सेविकाओं का न्यूनतम वेतनमान 18 हजार रुपए के साथ ही उन्हें सरकारी कर्मचारियों के भांति ग्रेच्युटी की सुविधा दी जाए. झारखंड प्रदेश में सहिया, बीटीटी वर्कर्स घोषित करते हुए उन्हें 15000 से 18000 हजार दिया जाए, साथ हीं उन्हें पेंशन एवं ग्रेच्युटी की भी सुविधा दी जाए. सभी संगठित क्षेत्र में कार्यरत असंगठित ठेका मजदूरों को माननीय सर्वोच्च न्यायालय के श्रम कानून के तहत समान काम का समान वेतन दिया जाए. सभी को स्थाई कर्मचारियों की भांति सभी सुविधाएं दी जाए. रोजगार गारंटी योजना को झारखंड प्रदेश में कृषि कानून के तहत तब्दील किया जाए ताकि झारखंड प्रदेश से बड़ी संख्या में ग्रामीण मजदूरों का पलायन रुख सके, सामाजिक सुरक्षा कानून 2020 झारखंड प्रदेश में अविलम्ब लागू किया जाए. इसे भी पढ़ें : सऊदी">https://lagatar.in/foreign-minister-should-bring-back-45-laborers-of-jharkhand-from-saudi-arabia-jayant-sinha/">सऊदी
अरब से झारखंड के 45 मजदूरों को वापस लाइए विदेशमंत्री जी : जयंत सिन्हा असंगठित क्षेत्र के लिए लेबर वेलफेयर बोर्ड की स्थापना की जाए. भारतीय श्रम सम्मेलन के 45वां सत्र में लिए गए निर्णय के अनुसार झारखंड प्रदेश के आंगनबाड़ी, आशा, सहिया, मिड डे मिल कर्मी, मनरेगा कर्मी, सर्व शिक्षा अभियान के तहत स्कीम वर्क्स को उचित वेतन एवं सामाजिक सुरक्षा दी जाए. अंतिम वेतन के 50 फीसदी के बराबर पेंशन निर्धारित करते हुए महंगाई भत्ता के साथ जोड़कर पेंशन राशि का समय पर पुनर्निर्धारण किया जाए. इसे भी पढ़ें : रांचीः">https://lagatar.in/ranchi-now-you-will-not-have-to-go-out-for-by-pass-surgery-facility-is-available-in-raj-hospital/">रांचीः
बाई-पास सर्जरी के लिए अब नहीं जाना होगा बाहर, राज अस्पताल में मिल रही सुविधा सामाजिक सुरक्षा स्वायत्त संस्थान स्थापित किया जाए. सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज योजना लागू किया जाए ताकि आम नागरिक स्वास्थ संबंधी महंगी इलाज से बच सके. प्रत्येक जनप्रतिनिधि द्वारा असंगठित श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा से संबंधित मामला को लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा, विधान परिषद में चर्चा की जाए एवं संबंधित कानून पर जल्द से जल्द निपटारा किया जाए. किसी भी संस्थान में इपीएफ, ईस 1, ग्रेच्युटी पेंशन मे लापरवाही परिलक्षित प्रिंसिपल एंपलॉयर उससे संबंधित कार्यालय पर कार्रवाई की जाए. [wpse_comments_template]
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