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किरीबुरू : सेल में आर्थिक नाकेबंदी से पूर्व 18 सितम्बर को उपायुक्त ने बुलाई त्रिपक्षीय वार्ता

 
Kiriburu (Shailesh Singh) : सेल के किरीबुरू एवं मेघाहातुबुरु खदान में 19 सितम्बर से सारंडा के ग्रामीणों द्वारा आहूत अनिश्चितकालिन आर्थिक नाकेबंदी की घोषणा के बाद उपायुक्त ने 18 सितम्बर की शाम 3 बजे से चाईबासा कार्यालय में त्रिपक्षीय बैठक बुलाई है. इस बैठक के संबंध में जगन्नाथपुर के एसडीओ शंकर एक्का ने सेल की चारो खदान प्रबंधन एवं सारंडा के मानकी-मुण्डाओं को पत्र लिख उपायुक्त की अध्यक्षता में होने वाली वार्ता हेतु आमंत्रित किया है. एसडीओ ने पत्र में कहा है कि मानकी-मुण्डाओं की इस आर्थिक नाकेबंदी से विधि-व्यवस्था असामान्य होने की संभावना है. ऐसी स्थिति में सभी को बैठक में उपस्थित होना अनिवार्य है. दूसरी तरफ इस मामले को लेकर सारंडा पीठ के मानकी लागुड़ा देवगम ने कहा कि उन्हें एसडीओ का पत्र मिला है. यह आर्थिक नाकेबंदी हम अकेले नहीं बल्कि सारंडा के सभी गांवों के मुंडाओं द्वारा आहूत किया गया है. सभी मुंडा अगर बैठक में जाने के लिए तैयार होंगे तो वह जाएंगे. अन्यथा अकेले वह नहीं जाएगे. इसे भी पढ़ें : भुरकुंडा">https://lagatar.in/akash-das-of-bhurkunda-won-gold-in-the-16th-jharkhand-state-boxing-championship-and-many-news-of-ramgarh/">भुरकुंडा

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बेरोजगारों की पीड़ा नहीं समझ रही है सरकार व प्रशासन

लागुड़ा देवगम ने कहा कि यह सारंडा के ग्रामीणों के लिए दुर्भाग्य की बात है कि जिस सेल की खदानों को खोलने हेतु लोक सुनवाई व अन्य ग्राम सभा में हम ग्रामीण पूरा सहयोग व समर्थन करते आ रहे हैं. लेकिन जब नौकरी देने की बात होती है तो वह बाहरी को दे रहे हैं. सारंडा के बेरोजगार, रोजगार हेतु दूसरे प्रदेश में पलायन कर रहे हैं. सरकार व पुलिस मानव तस्करी को रोकने के नाम पर बेरोजगारों को पकड़ बाहर नौकरी करने जाने नहीं देती है. ऐसे में बेरोजगार क्या करेंगे. सिर्फ हम ग्रामीण सेल द्वारा पर्यावरण में फैलाया जा रहा जहर को खाकर एवं पीकर बीमार होकर मरते रहें. सरकार व प्रशासन भी सारंडा के बेरोजगारों की पीड़ा नहीं समझ रही है. ऐसी स्थिति में अब यहां के शिक्षित बेरोजगार मानसिक रूप से परेशान होते जा रहे हैं. वह अब हम मानकी-मुण्डाओं की भी बात सुनने को तैयार नहीं हैं. सब्र की बांध युवाओं की टूट रही है. प्रशासन व सरकार को समझना होगा की युवा गलत रास्ते पर नहीं जाएं, उनके रोजगार हेतु प्रयास सरकार व सेल प्रबंधन को हीं करना होगा. [wpse_comments_template]
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