: केन्द्रीय विद्यालय मेघाहातुबुरु का लापता छात्र भुवनेश्वर में मिला
खदानों की स्थिति जर्जर व दयनीय होती जा रही है
पत्र के माध्यम से संतोष पंडा ने बताया की बीएमएस न केवल एक श्रमिक संगठन है बल्कि यह राष्ट्र निर्माण का एक हिस्सा है. इसलिए, किरिबुरु और मेघाहातुबुरु लौह अयस्क खदानों के लिए सेंट्रल और साउथ ब्लॉक खानों की स्टेज-टू फौरेस्ट क्लियरेंस वर्ष 2010 से लंबित है. वर्तमान में फाइल केंद्रीय वन विभाग के पास लंबित है. हाल ही में दिसंबर माह में डीजी वन (केंद्रीय) को फाइल भेजी गई है. किरीबुरु और मेघाहातुबुरु खदानों की स्थिति दिनों दिन जर्जर व दयनीय होती जा रही है. कुछ ही समय में स्थिति और खराब हो जाएगी तथा यह खदान लौह अयस्क के अभाव में बंद होने की स्थिति में पहुंच जायेगी. अगर यह खदानें बंद हुई तो सेल की तमाम स्टील प्लांटों का उत्पादन प्रभावित होगा. जिससे देश की अर्थव्यवस्था व विकास प्रभावित होगा. इसे भी पढ़ें :लातेहार">https://lagatar.in/latehar-cultural-festival-will-be-celebrated-on-vivekananda-jayanti-former-cm-raghuvar-das-will-be-included/">लातेहार: विवेकानंद जयंती पर मनाया जायेगा सांस्कृतिक उत्सव, पूर्व सीएम रघुवर दास होंगे शामिल [wpse_comments_template]

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