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किरीबुरु : सारंडा में चापाकल लगाने के लिए कम गहराई तक किया जा रहा बोरिंग

Kiriburu (Shailesh Singh)पश्चिम सिंहभूम पीएचईडी विभाग ने सारंडा के छोटानागरा पंचायत के ग्रामीणों को पेयजल समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए डीप बोरिंग मशीन तो भेजी है, ठेकेदार गांवों में तय मानकों से काफी कम डीप बोरिंग कर रहे हैं. ठेकेदार कम डीप बोरिंग कर पीएचईडी विभाग से अधिक गहरा बोरिंग करने का बिल बना कर पैसा उठा ले रहे हैं. ऐसा करने से ये चापाकल बहुत जल्द फेल हो जाएंगे अथवा दूषित पानी निकलने लगेगा. ऐसे भी छोटानागरा पंचायत का बाईहातु जल मीनार से पंचायत के सभी गांवों में पानी नहीं जा रहा है. छोटानागरा एवं गंगदा पंचायत के गांवों में पेयजल समस्या को लेकर ही 14 मार्च को सलाई चौक के पास ग्रामीणों ने एनएच सड़क जाम किया था. उसके बाद पीएचईडी विभाग के कार्यपालक अभियंता ने पेयजल समस्या वाले गांवों व टोला में मशीन भेज बोरिंग कराने की बात कही थी. उसी के तहत यह बोरिंग हो रही है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-cyclist-hit-by-car-admitted-to-mgm/">जमशेदपुर

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छोटानागरा पंचायत के छोटानागरा गांव निवासी मुंडा बिनोद बारिक एवं महिला समिति की महिलाओं ने बताया कि हमारे गांव के धर्मगुटू टोला में 210 फीट एवं कंशगढ़ टोला में 130 फीट डीप बोरवेल किया गया. इस संबंध में जब बोरिंग करने वाले लोगों और विभागीय अभियन्ता से फोन पर बात करने पर अभियन्ता ने बताया कि पानी की समस्या नहीं होने दी जायेगी. जरूरत पड़ी तो फिर से डीप बोरिंग करवा दी जायेगी, लेकिन जहां अधिक अथवा कम बोरिंग हुआ है वहां पर्याप्त पानी है, जिस वजह से ऐसा हुआ है. कंशगढ़ में कम डीप बोरिंग की वजह एयर लेना एवं नीचे की मिट्टी धंसना भी बताया जा रहा है. इसके अलावे छोटानागरा पंचायत के बढु़ईया, जोजोपी, राकाडबरा, बाई टोला में भी डीप बोरवेल होना है. समस्या यही है कि कम डीप बोर वाला चापाकल गर्मी में कहीं सूख न जाये. [wpse_comments_template]

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