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किरीबुरु : मच्छरों को नियंत्रित करने का सेल व अस्पताल प्रबंधन काम करे शुरू : राजेंद्र

Kiriburu (Shailesh Singh)डेंगू व मलेरिया हिल्टॉप, प्रोस्पेक्टिंग, मुर्गापाड़ा समेत किरीबुरु एवं मेघाहाताबुरु के तमाम आवासीय क्षेत्रों में महामारी की तरह फैलता जा रहा है. इसके लिये मुख्य कारण शहर में मच्छरों का प्रकोप में भारी वृद्धि होना है. उक्त बातें झारखंड मजदूर संघर्ष संघ, किरीबुरु के महामंत्री राजेन्द्र सिंधिया ने कही. उन्होंने सेल की किरीबुरु एवं मेघाहातुबुरु प्रबंधन ने साथ-साथ सेल अस्पताल प्रबंधन को मुख्य रुप से जिम्मेदार बताया. उन्होंने कहा कि पहले सेल की दोनों खदान व अस्पताल प्रबंधन मच्छरों के नियंत्रण हेतु विशेष ध्यान देते हुये पूरे शहर में फॉगिंग व जरुरी दवाओं का नियमित छिड़काव कराती थी. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/ranchi-violence-case-hearing-in-hc-on-october-3-decision-expected/">रांची

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स्थिति यह हो गई थी कि लगभग एक दशक तक पूरा शहर मच्छरों के अलावे डेंगू व मलेरिया से मुक्त था. किसी के घर में मच्छरदानी नहीं दिखती थी, लेकिन पिछले एक-दो वर्षों से प्रबंधन व अस्पताल प्रबंधन ने कॉस्ट कंट्रोल के नाम पर इस ओर ध्यान देना बंद कर दिया है. इससे पूरे शहर में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है. दिन के उजाले में भी लोग मच्छरों से परेशान हैं. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/ranchi-violence-case-hearing-in-hc-on-october-3-decision-expected/">रांची

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उन्होंने कहा कि इस गंभीर मामले को लेकर अनेकों बार सेल प्रबंधन से वार्ता हुई. प्रबंधन ने भी माना की मच्छर शहर में बढ़ गये हैं. अस्पताल प्रबंधन मच्छरों के नियंत्रण से संबंधित कार्य को व्यवस्थित तरीके से प्रारम्भ करने, जरूरी दवाओं का छिड़काव व फॉगिंग व्यवस्था चालू करने में विलम्ब की. इससे मच्छर अनियंत्रित हो गये और मलेरिया तथा डेंगू का प्रभाव बढ़ गया. उन्होंने कहा कि फॉगिंग मशीन, जरुरी दवाओं और मैन पॉवर की भारी कमी भी इसके मुख्य कारण हैं. उन्होंने प्रबंधन से इस मामले को गंभीरता से लेने तथा मच्छरों को नियंत्रित करने हेतु युद्ध स्तर पर कार्य प्रारम्भ कराने का आग्रह किया. [wpse_comments_template]

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