Kiriburu (Shailesh Singh) : लिपुंगा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे नदी का प्रदूषित पानी इस्तेमाल को मजबूर है. इससे इन्हें गंभीर बिमारी होने का खतरा है. स्कूल में एक चापाकल है, जो महीनों से खराब है. लगभग एक किलोमीटर दूर एक चापाकल से बच्चे पानी ढोकर लाते हैं, तब बच्चों के लिये मध्याहन भोजन पकाया जाता है. भोजन खाने से पहले व बाद में अपने-अपने थाली व बर्तन बच्चे नदी के लाल व प्रदूषित पानी अथवा गड्ढे में जमा बारिश का प्रदूषित पानी से धोने को मजबूर हैं. नदी में बर्तन धोने के दौरान पैर फिसलने से किसी बच्चे के बहने व डूबने से मौत भी हो सकती है. ऐसे हालात के लिए जिम्मेदार कौन हैं. इसे भी पढ़ें : चाकुलिया">https://lagatar.in/chakulia-mla-sameer-mahanti-inspected-sardiha-high-school/">चाकुलिया
: विधायक समीर महंती ने सरडीहा हाई स्कूल का किया निरीक्षण [caption id="attachment_711956" align="aligncenter" width="600"]
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/07/kiriburu-pani-1.jpg"
alt="" width="600" height="400" /> दूर से खाना बनाने हेतु पानी ढोकर लाते बच्चे[/caption]
: विधायक समीर महंती ने सरडीहा हाई स्कूल का किया निरीक्षण [caption id="attachment_711956" align="aligncenter" width="600"]
alt="" width="600" height="400" /> दूर से खाना बनाने हेतु पानी ढोकर लाते बच्चे[/caption]
Leave a Comment