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किरीबुरू : 2 फीसदी कृषि टैक्स लगाए जाने के विरोध में शहर की राशन दुकानें बंद

 
Kiriburu (Shailesh Singh) : झारखंड सरकार की ओर से खाद्यान्न खरीददारों से 2 फीसदी कृषि बाजार टैक्स व तुरंत नष्ट होने वाले कृषि उपज पर 1 फीसदी टैक्स लागू करने के विरोध में  तथा चैम्बर ऑफ कॉमर्स, चाईबासा के अह्वान पर 15 फरवरी की अहले सुबह से हीं किरीबुरु एवं मेघाहातुबुरु शहर की तमाम राशन व खाद्यान्न दुकानें बंद है. राशन आदि दुकानें बंद रहने की वजह से शहर के उपभोक्ताओं, खासकर रोज कमाने व खाने वाले गरीब जनता को खाद्यान्न व राशन सामग्री नहीं मिलने की वजह से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. किरीबुरु के इतिहास में यह पहला अवसर है जब किरीबुरु की दुकानें पूरी तरह से बंद है. इससे पहले दुकानदारों ने नक्सलियों अथवा राजनीतिक संगठनों के किसी भी बंद के अह्वान पर कभी भी अपनी दुकानें बंद नहीं रखी. इसे भी पढ़ें :आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-fire-broke-out-in-plastic-factory-vishwanath-enterprises-in-kandra/">आदित्यपुर

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सुबह सभी राशन दुकान बंद रही

[caption id="attachment_555259" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/02/rashan-dukan-band-3-300x200.jpg"

alt="" width="300" height="200" /> बंद राशन व किराना दुकानें[/caption] उल्लेखनीय है कि किरीबुरु एवं मेघाहातुबुरु शहर सारंडा जंगल के बीच ऊंची पहाड़ी पर बसा है. यहां सेल की दो बड़ी खदानें होने की वजह से सेलकर्मियों से कई गुणा अधिक मजदूर व गरीब वर्ग के लोग हैं. गरीब वर्ग दिन में मेहनत मजदूरी करते हैं तो शाम में मिलने वाले पैसों से राशन खरीदते हैं. लेकिन बुधवार सुबह सभी राशन दुकान बंद रहने की वजह से उन्हें राशन की समस्या उत्पन्न हो गई है. इसके अलावे इन दुकानों से कई कुली व मजदूरों का रोजगार जुड़ा है जो प्रभावित हुआ है. इसे भी पढ़ें :एक्टर">https://lagatar.in/actor-manoj-bajpayee-taunted-cm-nitish-kumar-said-assurance-for-the-construction-of-film-city-for-15-years/">एक्टर

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लोग सरकारी राशन व वनोत्पाद के भरोसे जिंदा

किराना दुकानदार चंदन चौधरी, संतोष चौधरी, रामाशीष प्रसाद आदि ने बताया की झारखंड जंगल व पहाड़ों का राज्य है. यहां कृषि उत्पाद काफी कम होता है. प्रायः समान झारखंड के बाहर से आता है. इन सामान पर सरकार पहले से हीं जीएसटी ले रही है. इसके बावजूद अलग से 2 फीसदी टैक्स लगाने से झारखंड की गरीब जनता पर महंगाई की मार बढे़गी. सारंडा क्षेत्र की तमाम प्राईवेट खदाने पहले से बंद है. इससे भारी बेरोजगारी व पलायन वर्षों से बढ़ी है. हजारों परिवार के पास पैसा नहीं है और वह सरकारी राशन व वनोत्पाद के भरोसे जिंदा हैं. इस टैक्स के लागू होने से सभी की परेशानी और बढे़गी. इसे भी पढ़ें :हार्दिक">https://lagatar.in/hardik-pandya-married-again-with-wife-cricketer-shared-romantic-photo-on-insta/">हार्दिक

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