Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

किरीबुरू : एक प्रभारी चिकित्सक के भरोसे चल रहा जगन्नाथपुर का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र

Advertisement
Advertisement
Kiriburu (Shailesh Singh) : जगन्नाथपुर का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सीमित संसाधनों, चिकित्सकों व तमाम प्रकार के मैन पावर की भारी कमी के बावजूद जगन्नाथपुर अनुमंडल क्षेत्र की लगभग 1.20 लाख आबादी अथवा मरीजों का बोझ उठा रहा है. इस अस्पताल में प्रतिनियुक्ती पर एक वर्ष पूर्व आई प्रभारी चिकित्सक जयश्री किरण के नेतृत्व में भारी सुधार देखने को मिल रहा है. लोगों का कहना है कि डॉ. जयश्री किरण हमेशा अस्पताल में मौजूद रह कर मरीजों का इलाज व सारी व्यवस्था देखते रहती हैं. इस वजह से सारे स्टाफ भी सक्रिय होकर कार्य करते हैं. विदित हो कि इस अस्पताल में प्रतिदिन 80-100 मरीज इलाज हेतु आते हैं. हाट-बाजार अथवा मौसम परिवर्तन के समय मरीजों की संख्या बढ़ते-घटते रहती है. [caption id="attachment_401055" align="aligncenter" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/08/jagannathpur-chc2.jpeg"

alt="" width="600" height="270" /> कुपोषण केन्द्र में भर्ती बच्चों को देखती डॉ. जयश्री.[/caption] इसे भी पढ़े : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-karate-training-of-children-for-self-defense-started-at-pilid-stadium/">चांडिल

: पिलीद स्टेडियम में आत्मरक्षा के लिए बच्चों का कराटे प्रशिक्षण शुरू  

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जगन्नाथपुर की वर्तमान स्थिति

[caption id="attachment_401059" align="aligncenter" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/08/jagannathpur-chc1.jpeg"

alt="" width="600" height="270" /> अस्पताल में लगा आक्सीजन प्लांट.[/caption] यह 30 बेड की क्षमता वाला अस्पताल है. इसमें कुपोषण (एमटीसी) के लिए अलग विभाग व वार्ड बने हैं. कुपोषित बच्चों के वार्ड में अलग से 10 बेड हैं. साथ ही आयुष्मान मरीजों की भर्ती हेतु अलग 12 बेड का वार्ड है. मरीजों की संख्या बढ़ने पर यथासंभव यहां बेडों की संख्या भी बढ़ाकर मरीजों का इलाज किया जाता है. हमेशा प्रयास किया जाता है कि यहां से मरीज बेड के अभाव में वापस नहीं लौटें. इस अस्पताल के लिए नया ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है, जिसमें लगभग 50 बेड को सीधे ऑक्सीजन पाइप लाइन से जोड़ा गया है. यहां रक्त जांच हेतु विशेष लैब है, जहां कोविड व ट्रुनेट जांच, एचआईवी, टीबी संक्रमण आदि जांच की सुविधा है. इस अस्पताल में प्रसूति केन्द्र, युवा मैत्री केन्द्र की अलग से सुविधा है. इस अस्पताल में प्रतिदिन 24 घंटे इलाज की सुविधा है. अस्पताल में मात्र एक एम्बुलेंस है. इसे भी पढ़े : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-the-ryotdars-submitted-a-memorandum-to-the-mp-against-the-rigging-in-the-name-of-land-purchase/">चांडिल

: जमीन खरीद के नाम पर हो रही धांधली के खिलाफ रैयतदारों ने सांसद को सौंपा ज्ञापन

अस्पताल में मैन पावर की स्थिति

वहीं, इस अस्पताल में सात चिकित्सक के जगह वर्तमान में एक स्थायी तथा एक प्रतिनियुक्त मिलाकर कुल दो चिकित्सक हैं. इनमें प्रभारी चिकित्सक डॉ. जयश्री किरण जबकि आरबीएसके से जुड़े चिकित्सकों में डॉ. इकबाल, डॉ. रामनाथ शर्मा, डॉ. निरोला महतो हैं. इस अस्पताल में पारा मेडिकल व अन्य स्टाफों की संख्या कुल- 73 है व सहिया 118 है. इस अस्पताल के अधीन पूरे अनुमंडल क्षेत्र में 24 सब सेंटर हैं. इसमें जैतगढ़ स्थित पीएचसी केन्द्र बिना डॉक्टर के एक फार्मासिस्ट व एक एएनएम के भरोसे चल रहा है. सभी सब सेंटर एक-एक एएनएम के भरोसे जबकि तीन सब सेंटर में एएनएम प्रतिनियुक्ती पर है. वहीं, बड़ानंदा सब सेंटर खाली है. इसे भी पढ़े : अधिवक्ता">https://lagatar.in/advocate-rajiv-kumar-case-ed-will-interrogate-businessman-amit-agarwal-today/">अधिवक्ता

राजीव कुमार मामला : व्यवसायी अमित अग्रवाल से आज ईडी करेगी पूछताछ

मरीजों का बेहतर इलाज करने के लिए अस्पताल को किया गया है पुरस्कृत

[caption id="attachment_401060" align="alignnone" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/08/jagannathpur-chc-1.jpeg"

alt="" width="600" height="726" /> आयुष्मान के तहत बेहतर इलाज करने के लिये स्वास्थ्य मंत्री से पुरस्कार लेती डॉ. जयश्री किरण.[/caption] विदित हो कि पिछले कुछ माह से अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों के खाने में भारी सुधार आया है. मरीजों को अब बेहतर भोजन जांच कर दिया जा रहा है. एमटीसी केन्द्र में भर्ती मरीजों के लिये नाश्ता भी प्रारंभ किया गया है, जो पहले नहीं मिलता था. कुपोषित बच्चों के लिये अलग किचन है. इसमें भर्ती बच्चों की मां को भी भोजन तथा प्रत्येक दिन 130 रूपये की दर से पैसा भी दिया जाता है. हालांकि इस अस्पताल में डॉक्टर व स्टाफ के रहने की कोई सुविधा नहीं है. कुछ आवास है भी तो वह जर्जर स्थिति में है. वहीं, मरीजों के लिये सरकार से दवा भी उपलब्ध कराया जाता है व दवा की कमी होने पर आयुष्मान के तहत खरीद कर उपलब्ध कराया जाता है. साथ ही इस अस्पताल को स्वास्थ्य मंत्री ने आयुष्मान मरीजों का बेहतर इलाज करने हेतु पिछले दिनों पुरस्कृत भी किया है. अर्थात राज्य के टॉप पांच अस्पतालों में से एक इस अस्पताल काे पुरस्कार मिला है, जो यहां के लोगों के लिये गर्व की बात है. इसे भी पढ़े : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-the-last-date-for-enrollment-and-registration-in-ignou-is-september-9/">जमशेदपुर

: इग्नू में नामांकन एवं पंजीकरण की अंतिम तिथि नौ सितंबर

अधिक से अधिक मरीजों की जान बचा सकें यह हम सभी का पहला कर्तव्य : डॉ. जयश्री किरण

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जयश्री किरण ने लगातार न्यूज से बातचीत में कहा कि थोड़ा है और थोडे़ की जरूरत है. हम उपलब्ध संसाधनों के बदौलत अधिक से अधिक मरीजों का इलाज कर उनकी जान बचा सकें यह हम सभी का पहला कर्तव्य व लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि कम समय में इस अस्पताल की चिकित्सा सुविधा में अप्रत्याशित सुधार किया गया है, लेकिन मैं अभी भी पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हूं. हमारे सारे सहयोगी स्टाफ बेहतर कार्य कर रहे हैं. इनसे निरंतर कार्य लिया जा रहा है, ताकि और बेहतर किया जा सके. मरीजों व जनता से सहयोग की अपेक्षा है. अभी तक सबका सहयोग मिल रहा है. चिकित्सक और स्टाफ की संख्या बढे़गी तो हम और बेहतर कर पायेंगे. इसे भी पढ़े : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-selection-of-anganwadi-worker-in-rawtara-on-september-1/">चांडिल

: रावताड़ा में आंगनबाड़ी सेविका का चयन एक सितंबर को 
[wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही