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किरीबुरु : बोकना गांव में निर्माणाधीन जलमीनार में भ्रष्टाचार, न्यूनतम मजदूरी नहीं देने का आरोप

Kiriburu (Shailesh Singh) : नोवामुंडी प्रखंड अन्तर्गत बोकना गांव में हर घर नल जलापूर्ति योजना के तहत निर्माणाधीन जलमीनार में व्याप्त भारी भ्रष्टाचार व मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी ठेकेदार द्वारा नहीं दी जाती है. इसकी शिकायत पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा ने पत्र लिखकर डीसी से की है. उन्होंने इसकी जांच की मांग भी की है. उन्होंने कहा कि उक्त जलमीनार का निर्माण कर रहा ठेकेदार विभागीय पदाधिकारी की सांठ-गांठ से भ्रष्टाचार कर रहा है. उक्त योजना से संबंधित किसी भी प्रकार का बोर्ड कार्य स्थल पर नहीं लगाया गया है. इससे उक्त कार्य की प्राक्कलन राशि, कार्य में लगे मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी, जलमीनार में पानी की क्षमता, कितने गांव व उसके टोलों में निवास करने वाले कितने घरों में कनेक्शन देना है आदि का कोई पता नहीं चल रहा है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-two-day-indoor-games-tournament-2023-concludes-at-karim-city-college-winning-students-and-teachers-awarded/">जमशेदपुर

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इस कार्य में लगे मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी के नाम पर मात्र 200 रुपये दिये जाते हैं. 8 घंटे से अधिक कार्य कराया जा रहा है, लेकिन अतिरिक्त कार्य के एवज में कोई पैसा नहीं दिया जा रहा है. इस भीषण गर्मी में कार्य स्थल पर मजदूरों की सुरक्षा से संबंधित कोई सुविधा व व्यवस्था नहीं है. जलमीनार का निर्माण भ्रष्टाचार की बुनियाद पर किया जा रहा है. अभी से ही दीवारों में दरारें आ गई हैं. इसे भी पढ़ें : तोशाखाना">https://lagatar.in/charges-framed-against-imran-khan-in-toshakhana-case/">तोशाखाना

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उन्होंने कहा कि पश्चिम सिंहभूम जिले में करोड़ों रुपये की लागत से बनी अथवा निर्माणाधीन इस तरह की लगभग 90 फीसदी योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई हैं. इससे जनता को विशेष लाभ नहीं हुआ है, बल्कि ऐसी योजनाओं से ठेकेदार व विभागीय पदाधिकारी लाल होते जा रहे हैं. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-youth-festival-program-organized-at-gc-jain-commerce-college/">चाईबासा

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ऐसी सभी योजनाओं की उच्च स्तरीय व सीबीआई से जांच कराई जानी चाहिए. ऐसे कार्य को करने वाले ठेकेदारों व देखरेख करने वाले विभागीय पदाधिकारियों की संपत्ति की भी जांच की जानी चाहिए. मंगल सिंह बोबोंगा ने उपायुक्त के अलावे शिकायत व जांच की मांग संबंधित प्रति पीएचईडी विभाग के कार्यपालक अभियंता, एसडीओ जगन्नाथपुर आदि को भी दी है. [wpse_comments_template]

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