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किरीबुरु: भाकपा माओवादी ने बिहार-झारखंड में ‘समाधान-प्रहार’ अभियान के विफल होने का दावा किया

 
Kiriburu (Shailesh Singh):  भाकपा माओवादी संगठन ने माओवादियों का सफाया करने के लिये चलाए गए मिशन `समाधान-प्रहार (2017-2022)’ अभियान को विफल बताया है. संगठन के  बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमिटी के प्रवक्ता आजाद ने प्रेस बयान जारी कर दावा किया कि सरकार का झारखंड के बूढ़ा पहाड़ और बिहार के छक्कर बंधा, भीम बांध में पुलिस कैंप स्थापित कर माओवादियों के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक जीत और बिहार को माओवादियों से मुक्त होने की घोषणा `समाधान-प्रहार`  की विफलता पर पर्दा डालने वाला सफेद झूठ है. इसे भी पढ़ें: वायुसेना">https://lagatar.in/iaf-gets-strength-10-indigenous-light-combat-helicopters-included-in-prachanda-fleet-rajnath-takes-off/">वायुसेना

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जहां जीतने की गारंटी नहीं होती वहां से पीछे हट जाते हैं: प्रवक्‍ता

माओवादी संगठन के प्रवक्‍ता ने अपने बयान में माना है कि ऑपरेशन ग्रीन हंट के तहत विभिन्न नामों से चलाया जाने वाला ब अभियान के कारण शक्ति सापेक्षिक रूप से कुछ कमजोर हुई है. प्रवक्‍ता का कहना है कि छापामार युद्ध की रणनीति के अनुसार हम तभी लड़ते हैं जब जीतने की गांरटी होती है. जहां जीतने की गारंटी नहीं होती है वहां से पीछे हट जाते हैं. बूढ़ा पहाड़, छक्कर बंधा और भीम बांध में चलाए गए अभियान के दौरान जब हम पीछे हटे,  तो दो-चार पुलिस कैंप स्थापित कर दिया गया है. इसका मतलब यह कतई नहीं है कि वहां से माओवादियों का पूर्ण रूप से सफाया हो गया है. इन इलाकों में अभियान के दौरान हमारे दस्ता के साथ मुठभेड़ ही नहीं हुई.  इसलिए न हमारे एक भी साथी मारे गए हैं  न ही पकड़े गए हैं और न एक भी हथियार पकड़ाया है. फिर पूरा क्षेत्र माओवादियों से कैसे मुक्त हो गया? इसे भी पढ़ें: जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-if-you-do-not-give-extortion-then-you-will-not-allow-the-handcart/">जमशेदपुर

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