Kiriburu (Shailesh Singh) : महाशिवरात्रि के अवसर पर किरीबुरु स्थित श्री श्री लोकेश्वरनाथ धाम मंदिर में शिव भक्तों की भीड़ उमड़ी है. सुबह से ही भारी तादाद में महिला, पुरुष व युवतियां उपवास रख तथा स्नान व नये वस्त्र धारण कर पूजा की थाली में बेलपत्र, धतूरा, भांग, अबीर, गुलाल, बेर, उम्बी, नारियल, अगरबत्ती, चंदन, रोली आदि लेकर मंदिर पहुंच भगवान शिव की पूजा व जलाभिषेक किया. मंदिर के पुजारी आलोक मिश्रा विधिवत पूजन कार्य में शामिल हैं. इस दौरान मंदिर प्रांगण में ओडि़सा से आये सांस्कृतिक कलाकारों द्वारा अखंड किर्तन पाठ का आयोजन किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें : नोवामुंडी">https://lagatar.in/noamundi-shiva-devotees-performed-jalabhishek-in-temples-on-mahashivratri/">नोवामुंडी
: महाशिवरात्रि पर शिव भक्तों ने की मंदिरों में जलाभिषेक
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2024/03/Kiriburu-Lokeshvar-Shiv-1.jpg"
alt="" width="600" height="400" /> महाशिवरात्रि को लेकर भगवान शिव से जुड़ी तरह तरह की मान्यतायें हैं, जिसमें कहा जाता है कि इस विशेष दिन ही ब्रह्मा के रुद्र रूप में मध्यरात्रि को भगवान शंकर का अवतरण हुआ था. इसी दिन भगवान शिव ने तांडव नृत्य कर अपना तीसरा नेत्र खोला था और ब्रह्माण्ड को इस नेत्र की ज्वाला से समाप्त किया था. इसके अलावा कई स्थानों पर इस दिन को भगवान शिव के विवाह से भी जोड़ा जाता है और यह माना जाता है कि इसी पावन दिन भगवान शिव और मां पार्वती का विवाह हुआ था. [wpse_comments_template]
: महाशिवरात्रि पर शिव भक्तों ने की मंदिरों में जलाभिषेक
alt="" width="600" height="400" /> महाशिवरात्रि को लेकर भगवान शिव से जुड़ी तरह तरह की मान्यतायें हैं, जिसमें कहा जाता है कि इस विशेष दिन ही ब्रह्मा के रुद्र रूप में मध्यरात्रि को भगवान शंकर का अवतरण हुआ था. इसी दिन भगवान शिव ने तांडव नृत्य कर अपना तीसरा नेत्र खोला था और ब्रह्माण्ड को इस नेत्र की ज्वाला से समाप्त किया था. इसके अलावा कई स्थानों पर इस दिन को भगवान शिव के विवाह से भी जोड़ा जाता है और यह माना जाता है कि इसी पावन दिन भगवान शिव और मां पार्वती का विवाह हुआ था. [wpse_comments_template]
Leave a Comment