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किरीबुरू : भोजपुरी संस्कृति व परंपरा के रक्षक लाल बचन यादव की हार्टअटैक से मौत

[caption id="attachment_451350" align="aligncenter" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/10/Kiriburu-Lal-Bachan-Yadav.jpg"

alt="" width="600" height="705" /> मृतक लाल बचन यादव का फाइल फोटो.[/caption] Kiriburu (Shailesh Singh) : भोजपुरी लोक संस्कृति व परम्परा को लौहांचल में अब तक बचाकर रखने वाले चर्चित सामाजिक व्यक्ति लाल बचन यादव की मौत हार्टअटैक से रांची में हो गई. उनकी मौत से किरीबुरु-मेघाहातुबुरु के अलावे लौहांचल के हिन्दी व भोजपुरी भाषी समेत तमाम वर्ग के लोगों में निराशा है. लाल बचन यादव किरीबुरू के मुर्गापाड़ा क्षेत्र में रहते थे. वह गाय पालन व दूध बेच कर अपना व परिवार का भरण-पोषण करते थे. वह लोगों के बीच अपने बेहतर व्यवहार, मिलनसार छवि के अलावे हिन्दी व भोजपुरी लोक संस्कृति की रक्षा करने के लिए जाने जाते थे. वह अधिकतर समय समाज के लोगों के साथ रहते थे. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-center-for-catalyzing-workshop-on-child-marriage-organized/">चाईबासा

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सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन में बढ़-चढ़कर लेते थे हिस्सा

लौहांचल के किसी भी शहर में दु-गोला, चैता, होली के गीत व अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते थे. उनकी मौत से शहर में होने वाले कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है. बता दें कि 20 अक्टूबर को हुए हार्टअटैक के बाद लाल बच्चन यादव को रांची में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था जहां उनकी मौत हो गई. शुक्रवार को किरीबुरू में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया. [wpse_comments_template]

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