Kiriburu (Shailesh Singh) : शेयर बाजार में निवेश कर मोटी कमाई कराने का लालच दिला कर नोवामुंडी प्रखंड अन्तर्गत उईसिया गांव निवासी धनुज केराई करोड़ों रुपये की ठगी कर अब तक फरार है. उसने अपने स्थानीय कुछ साथियों एवं दुबई के कुछ लोगों के साथ मिलकर पश्चिम सिंहभूम जिले के सैकड़ों सेल, टाटा स्टील के कर्मचारियों, सरकारी शिक्षक, अन्य विभागों के कर्मचारियों, व्यवसायियों, सेवानिवृत्त शिक्षक व कर्मचारियों से करोड़ों रुपये की उगाही की थी. धनुज केराई के धोखाधडी़ के शिकार हुये लोग अब एक-एक कर उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने लगे हैं. बीते दिनों सोनुवा थाना में एक शिक्षक ने 45 लाख रुपये ठगी करने की प्राथमिकी दर्ज कराई है. धनुज को लेकर वर्ष 2022 से ही लोगों ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), आईबी, झारखण्ड व पश्चिम सिंहभूम पुलिस को पत्र लिखकर अवगत कराया था. इसके बावजूद वह गिरफ्त से बाहर है. इसे भी पढ़ें : जेएफटीए">https://lagatar.in/single-drama-competition-organized-on-the-stage-of-jfta/">जेएफटीए
के मंच पर एकल नाट्य प्रतियोगिता का आयोजन धनुज केराई के बारे में बताया जाता है कि वह पहले नोवामुंडी थाना क्षेत्र का छोटा-मोटा ठगबाज था. शातिर दिमाग धनुज केराई ने कम समय में अरबपति बनने की ठान ली थी. वह कुछ स्थानीय व देश के बाहर के कुछ साथियों के साथ मिलकर भोले भाले सरकारी नौकरी व शिक्षण कार्य से जुड़े आदिवासी व अन्य को कम समय में पैसा दोगुणा करने का प्रलोभन देकर एक-एक व्यक्ति से लाखों लाख रुपये लेकर अपने खाते में डालना प्रारम्भ किया. धनुज केराई लोगों से यह पैसा शेयर बाजार में लगाने के नाम पर लेता था. पैसों का निवेश करने के एवज में प्रत्येक माह 10-12 फीसदी ब्याज निवेशक को देने का प्रलोभन दिया जाता. पैसा निवेश करने वाले लोगों से कोर्ट का एक नोटरी पेपर पर एग्रिमेंट वह कराता था. एक-दो माह तक तो वह निवेशक को 10 फीसदी लाभ देता था, लेकिन बाद में वह 4, 3, 2 फीसदी तक घटते जाता था और अंततः पैसा देना बंद कर देता था. प्रारम्भ में वैसे सरकारी कर्मचारी अथवा व्यापारी जिनके पास मोटी रकम नहीं थी और वे भी शेयर बाजार में अपना पैसा निवेश करना चाहते थे, उसे यह 10 फीसदी प्रतिमाह के ब्याज दर पर लोन भी उपलब्ध कराता था. जिनसे हर माह उनके एजेंट ब्याज वसूली कर लेते थे. इसे भी पढ़ें : धर्म">https://lagatar.in/allegations-of-harassment-in-the-name-of-religion-complaint-to-rural-sp/">धर्म
के नाम पर प्रताड़ित करने का आरोप, ग्रामीण एसपी से शिकायत इस गिरोह के झांसे में फंस पैसा निवेश करने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि यह कारोबारी अपनी कंपनी का अब तक नाम भी नहीं बताया है और ना ही शेयर बाजार में पैसे का निवेश संबंधित कोई बांड पेपर अथवा जरूरी प्रमाण ही दिया है. उनका लाखों रुपये निवेश है. पैसे की मांग करने पर कहा जाता था कि जल्द लाभ के साथ वापस कर दिया जायेगा. अगर थाना में शिकायत करोगे तो हम पकडे़ जायेंगे और तुम सबका पैसा डूब जायेगा. इसे भी पढ़ें : बजट">https://lagatar.in/minister-of-state-for-education-annapurna-devi-told-budget-2023-as-the-budget-of-amritkal/">बजट
2023 को शिक्षा राज्यमंत्री अन्नपूर्णा देवी ने बताया अमृतकाल का बजट सूत्रों का कहना है कि इस कारोबार का मास्टर माइंड दुबई का कोई व्यक्ति है जो धनुज केराई के साथ मिलकर उईसिया, रेंगाड़बेडा़, डांगुवापोसी, केंदुआ, जगन्नाथपुर, रुगुड़साई, कुन्द्रीझोर, रहिमाबाद, हेसापी, मोंगरा, काकुईता आदि गांवों व शहरों में स्थित अपने कुछ खास एजेन्टों को विशेष सुविधा, पैसा व ऐशो-आराम उपलब्ध करा लोगों से पैसों की निरंतर उगाही करवा रहा है. पैसा देने वालों में मोंगरा, हेसापी, रेंगाड़बेड़ा, बुरुबोड़ता, कंशलापोश, जगन्नाथपुर, नोवामुण्डी, किरीबुरु, डांगुवापोसी आदि क्षेत्र के पीडीएस संचालक, शिक्षक, सेलकर्मी, टाटा स्टील कर्मचारी, व्यवसायी आदि हैं. इसके लिये बकायदा चाईबासा, जमशेदपुर और कोलकाता में कार्यालय भी खोले जाने की भी बात सामने आ रही है. पैसों का लेनदेन कैश अथवा चेक के माध्यम से किया जाता था. [wpse_comments_template]
किरीबुरु : पश्चिम सिंहभूम के लोगों से अरबों रुपये ठगने वाला धनुज अब तक फरार

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