: बनहरदी में 17 सितंबर से बालक-बालिका वर्ग का फुटबॉल टूर्नामेंट स्वयं सहायता समूह में शामिल होने के लिए समूह में न्यूनतम 10 महिलाएं और अधिकतम 20 महिलाओं का सदस्य होना जरूरी है. इसके अलावा महिलाओं के पास आमदनी का एक साधन होना चाहिए ताकि वह निर्धारित बचत को हर महीने जमा कर सके. वैसे तो स्वयं सहायता समूह को संचालित करने के लिए समूह में तीन पदाधिकारी होते हैं. जिनमें अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष होते हैं. लेकिन इसके अतिरिक्त भारत सरकार के द्वारा भी स्वयं सहायता समूह के लिए एक सखी नियुक्त की जाती है. जो समूह को संचालित करने का कार्य करती है. इसे भी पढ़ें :डुमरिया">https://lagatar.in/dumaria-after-complaint-the-dealer-distributed-ration-without-deduction/">डुमरिया
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वित्तीय पंजी की जांच की मांग
समूह के सदस्य आर्थिक रूप से कमजोर होते है तो समूह का मुख्य उद्देश्य उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करना होता है. स्वयं सहायता समूह के द्वारा अपने सदस्यों के मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एक निर्धारित अवधि के लिए निर्धारित ब्याज दरों पर लोन उपलब्ध कराया जाता है. लेकिन कुछ समूहों की महिलाएं ज्यादा लोन ले ली है जो समय पर वापस नहीं कर पा रही है. इससे दूसरी महिलाओं को लोन नहीं मिल पा रहा है. इससे विवाद गहराता जा रहा है. विभागीय पदाधिकारी सभी महिला समूहों की वित्तीय पंजी की इसे भी पढ़ें :घाटशिला">https://lagatar.in/ghatshila-culture-mp-club-held-a-meeting-regarding-the-preparation-of-jatra/">घाटशिला: संस्कृति सांसद क्लब ने जात्रा की तैयारी को लेकर की बैठक [wpse_comments_template]
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