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किरीबुरू : कार्यालय का सारा कार्य हिन्दी में करें - कमलेश राय

 
Kiriburu (Shailesh Singh) : सेल की किरीबुरू प्रबंधन के तत्वावधान में एचआरडीसी सेंटर हिल्टॉप में राजभाषा हिन्दी पखवाड़ा का शुभारम्भ बतौर मुख्य अतिथि सीजीएम कमलेश राय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इसके बाद सीजीएम ने सभी सेलकर्मियों को शपथ दिलाया. उन्होंने कहा कि हम राजभाषा के संवर्द्धन के प्रति सदैव प्रयासरत रहेंगे. सभी ने सेल के चेयरमैन अमरेन्दु प्रकाश का संदेश पढ़ा. अमरेन्दु प्रकाश ने अपने संदेश में कहा कि हिन्दी भाषा मनोभाव व्यक्त करने का सबसे सशक्त माध्यम है. किसी भी देश का समग्र विकास तभी संभव है जब उसके निवासी अपनी मातृभाषा में चिंतन, मनन और लेखन करें. मातृभाषा ही ज्ञान तथा अनुभव की अभिव्यक्ति का सबसे सहज और उत्तम माध्यम है. भारत की प्राचीन साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत में आधुनिक काल के अनेक जटिल प्रश्नों के उत्तर छुपे हैं. निःसंदेह इस प्राचीन ज्ञान को आधार बनाकर 21वीं सदी के भारत का बेहतर विकास किया जा सकता है. इस प्राचीन ज्ञान से मार्गदर्शन पाने के लिए हिंदी का सहज ज्ञान अत्यंत आवश्यक है. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-namo-fans-club-is-donating-lives-to-dengue-patients-satish-sharma/">आदित्यपुर

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1949 में आज ही के दिन हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिला था

इतिहास के विभिन्न चरणों में भारत में विभिन्न भाषाओं में शासकीय कामकाज होता रहा लेकिन जनमानस की भाषा हिंदी ही बनी रही. इसी को ध्यान में रखते हुए हमारे संविधान निर्माताओं ने हिंदी को राजभाषा के रूप में स्वीकार करने का निर्णय लिया. भारत के संविधान में 14 सितम्बर के दिन ही सन 1949 में हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया गया था. इसी उपलक्ष्य में प्रति वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है. आज आवश्यकता है कि हम हिंदी के इस सबल पक्ष को लेकर आगे बढ़े और अपना अधिकाधिक कार्यालयी कार्य हिंदी में करें. सेल एक महारत्न कंपनी है और यह हमारे फौलादी इरादों और कड़ी मेहनत का ही परिणाम है कि हमारी पहचान देश की सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक कंपनियों में होती है. जिस तरह हम अपने औद्योगिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए तत्पर रहते हैं और संविधान के विभिन्न प्रावधानों और उसके अधीन बने अधिनियमों और नियमों का पालन करते हैं, उसी तत्परता और निष्ठा के साथ राजभाषा संबंधी नियमों-अधिनियमों और इनके अधीन जारी आदेशों का अनुपालन करना हमारा संवैधानिक और नैतिक दायित्व है. [wpse_comments_template]
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