- हाथियों के हमले के समय कोई नहीं था घर में
और फोल्डर’ वाली सरकार ने चार वर्षों तक भ्रष्टाचार व लूट का खेल खेला : प्रतुल शाहदेव
alt="" width="600" height="400" /> ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 8 हाथी ने घर को चारों ओर से घेर लिया. इसमें दो बच्चे भी थे. हाथियों ने पहले दीवार व छत तोड़ दिया. इसके बाद घर में रखे टेलीविजन, बिस्तर, बर्तन, बक्सा, खटिया आदि सभी सामान को तोड़ दिया. ग्रामीण हाथी को भगाने की काफी कोशिश किये, लेकिन वे भाग नहीं रहे थे. उल्लेखनीय है कि इस घटना से एक दिन पूर्व भी हाथियों ने हिल्टॉप के डालमिया बस्ती के चार ग्रामीणों का घर तोड़ दिया था. इसे भी पढ़ें : 8">https://lagatar.in/transfer-posting-of-8-ias-utkarsh-gupta-becomes-director-of-information-technology/">8
IAS की ट्रांसफर-पोस्टिंग, उत्कर्ष गुप्ता बने सूचना प्रद्योगिकी के निदेशक
alt="" width="600" height="400" /> सारंडा में हाथी जहां-जहां भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं वह क्षेत्र हाथियों का प्रारम्भ से कॉरिडोर रहा है. हाथियों के कॉरिडोर वाले जंगल को काट व इन्क्रोचमेंट कर दर्जनों नये गांव बसा लिये गये हैं. उनके कॉरिडोर प्रभावित होने की वजह से हाथी हिंसक रुख अपनाये हुये हैं. हाथियों के आतंक से दर्जनों वन व इन्क्रोचमेंट गांव के ग्रामीण भयभीत हैं. इन्क्रोचमेंट वन भूमि पर बसे लोगों को वन विभाग द्वारा मुआवजा भी नहीं दिया जाता है. इससे ग्रामीणों की परेशानी के साथ-साथ नुकसान की भरपाई नहीं हो पाती है. [wpse_comments_template]
Leave a Comment