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किरीबुरु : मौत के 30 घंटे बाद भी अस्पताल 45 हजार के लिए मां को नहीं दे रहा बेटे शव

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Kiriburu (Shailesh Singh) : किरीबुरु का युवक जेना सोय (17 वर्ष) का शव मौत के लगभग 30 घंटे बाद भी राउरकेला स्थित जयप्रकाश अस्पताल में पड़ा है. अस्पताल प्रबंधन बकाया पैसा का भुगतान नहीं करने की वजह से शव परिजनों को नहीं दे रहा है. मृतक की मां व अन्य परिजनों को 24 जुलाई की शाम राउरकेला की ब्राह्मणी थाना की पुलिस ने थाना में बुलाकर बताया था कि शव का पोस्टमार्टम 25 जुलाई को कराया जायेगा. पोस्टमार्टम के बाद जेना सोय का शव परिजनों को मिल पायेगा अथवा नहीं यह उन्हें पता नहीं. इसे भी पढ़ें : सावन">https://lagatar.in/second-monday-of-sawan-crowd-of-devotees-gathered-in-other-pagodas-of-the-state-including-hill-temple/">सावन

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जेना की मौत 24 जुलाई को अस्पताल में हुई

उल्लेखनीय है कि जेना सोय मौत 24 जुलाई की सुबह लगभग 4 बजे राउरकेला स्थित जयप्रकाश अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर में इलाज के दौरान हो गई थी. लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने बकाया पैसा लगभग 85 हजार रुपये जमा करने के बाद ही मृतक का शव परिजनों को देने की बात कही थी. मृतक का परिवार अत्यंत गरीब है और उनके पास पैसा नहीं है. इसके बावजूद वे 24 जुलाई को बकाया पैसे में से 40 हजार रुपए जमा किया. अब तक वे लोग कुल 2 लाख 80 हजार रुपए जमा कर चुके हैं. मात्र 45 हजार रुपये के लिये शव को नहीं दिया जा रहा है. इसे भी पढ़ें : यूपी">https://lagatar.in/up-a-horrific-road-accident-on-purvanchal-expressway-8-passengers-killed-many-injured/">यूपी

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ऑपरेशन के लिए पहले ही जमा किए थे दो लाख रुपए

[caption id="attachment_368288" align="alignnone" width="1040"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/Kiriburu-Jai-Prakash-Hospital.jpg"

alt="" width="1040" height="480" /> राउरकेला का जय प्रकाश हॉस्पिटल.[/caption] घटना के संबंध में मृतक जेना सोय की मां अश्रिता सोय और भांजा बलदेव ने बताया कि जेना सोय का ऑपरेशन करने की बात कह अस्पताल प्रबंधन ने पहले ही दो लाख रुपये जमा करा लिये थे और ऑपरेशन भी नहीं किया. मौत से पूर्व तक का इलाज का बिल लगभग 3 लाख 25 हजार बता दिया. इसमें से दो लाख 80 हजार रुपए दिए जा चुके हैं. अब और पैसा नहीं है कि अस्पताल प्रबंधन को दे पायें. इसे भी पढ़ें : शर्मसार:">https://lagatar.in/shame-minor-raped-for-3-months-in-bokaro-pleaded-with-police-to-save-life/">शर्मसार:

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आयुष्मान कार्ड से नहीं होता है इलाज

जेना की मां और भांजा ने कहा कि सरकार गरीबों को इलाज के लिये आयुष्मान कार्ड तो पकड़ा दी है, लेकिन इस कार्ड से इलाज कराने के लिये क्षेत्र में कोई भी बड़ा अस्पताल नहीं है. प्राइवेट अस्पताल मरीज की मौत होने पर भी फर्जी बिल बनाते रहते हैं. इसे रोकने के लिये सरकार को विशेष कदम उठाते हुये विशेष नियम बनाने चाहिए, ताकि मरीज की मौत होने के बाद उसका इलाज का सारा बिल माफ हो. इसे भी पढ़ें : गालूडीह">https://lagatar.in/galudih-people-are-upset-due-to-the-parking-of-vehicles-under-the-passing-bridge-there-have-been-many-accidents/">गालूडीह

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सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था जेना

उल्लेखनीय है कि बीते 15 जुलाई को जेना सोय मोटरसाइकिल से ओडिशा के बमबारी से किरीबुरु लौट रहा था तभी ॐ शांति स्थल मंदिर के समीप रात्रि लगभग 8 बजे सड़क  दुर्घटना में घायल हो गया था. जेना को पहले सेल की किरीबुरु अस्पताल लाया गया. यहाँ के चिकित्सकों ने उसकी खराब स्थिति को देख बेहतर इलाज हेतु राउरकेला स्थित आईजीएच अस्पताल रेफर किया. आईजीएच अस्पताल प्रबंधन ने जगह नहीं होने की बात कह जेना सोय को राउरकेला के हीं जय प्रकाश अस्पताल ले जाने की बात कही. इसके बाद जेना सोय को 16 जुलाई की सुबह 4 बजे जय प्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया गया. जयप्रकाश अस्पताल में 24 जुलाई की सुबह 4 बजे जेना की मौत हो गई थी. मौत के बाद बकाया पैसा को लेकर 25 जुलाई को जेना का शव परिजनों को नहीं दिया गया अथवा पोस्टमार्टम से संबंधित जरूरी प्रक्रिया पूर्ण नहीं कराई गई. [wpse_comments_template]

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