Kiriburu (Shailesh Singh) : संक्रमीनेत्र (आंख आना) की बीमारी से किरीबुरु-मेघाहातुबुरु समेत सारंडा क्षेत्र के कई लोग ग्रसित हो रहे हैं . इस बीमारी की वजह से लोगों के आंख में दर्द, जलन, आंख की बाहरी झिल्ली और पलक के भीतरी हिस्से में सूजन एवं संक्रमण, लालिमा के साथ-साथ निरंतर पानी गिरने की समस्या हो रही है. नेत्र रोग विशेषज्ञ के नुसार इस बीमारी को कंजक्टिवाइटिस बीमारी अथवा आंख आना कहते हैं.यह संक्रमित व्यक्ति के आंख से बहने वाली पानी के संपर्क से दूसरे में फैलता है. इसे भी पढ़ें :चांडिल">https://lagatar.in/chandil-wild-elephants-broke-the-house-the-child-saved-his-life-by-entering-under-the-outpost/">चांडिल
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बचाव के उपाय
इसे दूसरे में फैलने से रोकने के लिए अपनी आंखों को अपने हाथ से न छुएं, जब भी जरूरी हो अपने हाथों को धोएं, अपनी निजी चीजों जैसे तौलिया, तकिया आदि को किसी से साझा न करें, अपने रूमाल, तकिये के कवर, तौलिये आदि चीजों को रोज धोएं. वायरल कंजक्टिवाइटिस के लिए कोई उपचार उपलब्ध नहीं है. 7-8 दिनों में इसके लक्षणों में अपने आप सुधार आ जाता है. वैसे कपड़े को हल्के गरम पानी में डुबोकर आंखों पर रखने से लक्षणों में आराम मिलता है. बैक्टीरियल कंजक्टिवाइटिस के किसी भी संक्रमण के लिए एंटीबायोटिक्स सबसे सामान्य उपचार है. इसे भी पढ़ें :चक्रधरपुर">https://lagatar.in/chakradharpur-procession-on-the-navami-of-muharram-the-youth-performed-stunts-in-the-arena/">चक्रधरपुर: मुहर्रम की नवमी पर निकला जुलूस, अखाड़ा में युवाओं ने किया करतब [wpse_comments_template]
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