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किरीबुरु : सेल की मेघाहातुबुरु खदान के क्रसिंग प्लांट के इलेक्ट्रिक पैनल में भीषण आग

 
Kiriburu (Shailesh Singh) : सेल की मेघाहातुबुरु खदान के क्रसिंग प्लांट के इलेक्ट्रिक पैनल में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई. घटना शुक्रवार सुबह लगभग छह बजे की है. आग लगने से खदान का उत्पादन प्रभावित हुआ. जिस समय आग लगी उस समय सेलकर्मियों की नाइट शिफ्ट की ड्यूटी खत्म हुई थी और ए शिफ्ट की ड्यूटी शुरू हो रही थी. अचानक सेलकर्मी व ठेका मजदूरों ने इलेक्ट्रिक पैनल में आग लगा हुआ देखा तो सभी को घटना की जानकारी दी. इसके बाद सभी आग बुझाने में लग गये. लेकिन आग तब तक पैनल के केबल विकराल रुप धारण कर लिया था. घटना की सूचना तत्काल सीआईएसएफ को दी गई. सीआईएसएफ के पदाधिकारी व जवान आग बुझाने के यंत्र व रेत आदि लेकर पहुंचे. हालांकि घटनास्थल पर धुआं काफी भर जाने और घुटन होने की वजह से आग बुझाने में काफी परेशानी हुई. इसके बावजूद आग बुझाने का केमिकल और भारी मात्रा में रेत डाल लगभग एक घंटे के प्रयास के बाद आग पर काबू पाया जा सका. इस आग बुझाने में सीआईएसएफ जवानों का अहम योगदान रहा. अन्यथा भारी नुकसान उठाना पड़ता. इसे भी पढ़ें : सीतामढ़ी">https://lagatar.in/sitamarhi-tiger-attacked-two-women-working-in-the-field-no-action-taken-by-forest-department/">सीतामढ़ी

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माइनिंग व क्रसिंग का उत्पादन ठप

इस घटना की वजह से मेघाहातुबुरु खदान का माइनिंग व क्रसिंग का उत्पादन पूरी तरह से ठप हो गया है. सूत्रों का कहना है कि इसे ठीक करने में कम से कम दो दिन लगेगा. सेल के कई बडे़ अधिकारी व सेलकर्मी घटनास्थल पर मौजूद हैं. सभी युद्ध स्तर पर इसे ठीक करने में लग गये हैं. सेलकर्मियों का कहना है कि सेल की झारखण्ड स्थित किरीबुरु, मेघाहातुबुरु, गुवा, चिड़िया और ओडिशा स्थित बोलानी जैसी बड़ी खदानें 30 किलोमीटर के दायरे में हैं. इसके बावजूद आग बुझाने के लिए एक भी दमकल नहीं है. आग लगने की घटना हमेशा होती है. कई बार टाटा स्टील से दमकल मंगवाना पड़ता है. [wpse_comments_template]
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