Shailesh Singh Kiriburu : किरीबुरु थाना अन्तर्गत महावीर चौक स्थित संतोष जायसवाल की इलेक्ट्रिकल दुकान में 10 जनवरी की शाम लगभग पांच बजे लगी भीषण आग से दुकान व घर का सारा समान जलकर राख हो गया. इस घटना का एक बड़ा कारण वहां सभी दुकानों में पेट्रोल बेचना है. किरीबुरु में एक भी पेट्रोल पंप नहीं हैं. इस कारण लोगों को दुकानदार बड़ाजामदा या बड़बिल से गैलन में पेट्रोल लाकर अपनी दुकानों में रखते हैं और प्रति लीटर 10 रुपए अधिक में बेचते हैं. दुकान में भी पेट्रोल रखा हुआ था. इस कारण आग जल्दी और ज्यादा फैल गई. इस कारण अधिक नुकसान हुआ. दुकान मालिक संतोष के अनुसार लगभग 15 लाख रुपए का नुकसान हुआ है. इस घटना में गंभीर रूप से आग से झुलसी संतोष की पत्नी का इलाज टीएमएच अस्पताल जमशेदपुर में चल रहा है. उन्हें पहले सेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वे 65 प्रतिशत झुलस गई थीं. बाद में उन्हें टीएमएच जमशेदपुर रेफर कर दिया गया था. संतोष ने बताया कि वे घटना से कुछ देर पहले अपने बेटे का एक्स-रे कराने सेल अस्पताल किरीबुरु गए थे. इस दौरान पत्नी दुकान में थी. दुकान में ठंड की वजह से हीटर जल रहा था और पास में मोबाईल फोन चार्ज में लगा था. किसी का फोन आने पर पत्नी फोन उठाई व चार्जिंग का तार खोल दी. शायद वह तार हीटर के सम्पर्क में आ गया, जिससे आग लग गई. दुकान में सिर्फ पांच लाख रुपए का कीमती मोबाइल फोन सेट था. इसके अलावे बिक्री के लिए टेलीविजन व अन्य इलेक्ट्रॉनिक व इलेक्ट्रिकल के सामान थे. विभिन्न बैंकों से लोन लेकर सामान खरीदा गया था. घर व दुकान जलने से पूरा आशियाना ही उजड़ गया. अब रहने व खाने के लिए भी छत नहीं बचा. इस नुकसान की भरपाई कर पाना लंबे समय तक संभव नहीं है. पहले पत्नी की जान बचाना प्राथमिकता है.
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alt="" width="300" height="135" /> यह आग तब बुझा जब सेल प्रबंधन ने अपना पानी टैंकर (हौलपैक) भेजा. अगर यह नहीं आता तो आसपास के दुकान व घर भी जल गई होती. हालांकि नोवामुंडी से टाटा स्टील की दमकल वाहन भी घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन तब तक आग पर काबू पाया जा चुका था. हालांकि यहां सेल जैसी महारत्न कंपनी की छह खदानें किरीबुरु, मेघाहातुबुरु, गुवा, चिड़िया, बोलानी, काल्टा में लगभग 5 से 30 किलोमीटर की परिधि में है, लेकिन किसी भी खदान में दमकल नहीं है. हर साल सेल की विभिन्न खदानों में भीषण आग लगती है. अनेकों बार दमकल वाहन खरीदने की मांग सेल प्रबंधन में होती रही है.
सेल ने हौलपैक पानी का टैंकर भेजा तक आग बुझाया गया
alt="" width="300" height="135" /> यह आग तब बुझा जब सेल प्रबंधन ने अपना पानी टैंकर (हौलपैक) भेजा. अगर यह नहीं आता तो आसपास के दुकान व घर भी जल गई होती. हालांकि नोवामुंडी से टाटा स्टील की दमकल वाहन भी घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन तब तक आग पर काबू पाया जा चुका था. हालांकि यहां सेल जैसी महारत्न कंपनी की छह खदानें किरीबुरु, मेघाहातुबुरु, गुवा, चिड़िया, बोलानी, काल्टा में लगभग 5 से 30 किलोमीटर की परिधि में है, लेकिन किसी भी खदान में दमकल नहीं है. हर साल सेल की विभिन्न खदानों में भीषण आग लगती है. अनेकों बार दमकल वाहन खरीदने की मांग सेल प्रबंधन में होती रही है.
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