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तीन साल से चल रहा था रोजगार दिलाने का खेल
60 लाख रुपये की ठगी करने का खेल पिछले तीन सालों से चल रहा था. ठगी करने के पहले महिलाओं को यह कहा गया था कि उन्हें रोजगार दिलाने के लिये लोन दिया जायेगा. इसके बाद उनकी दीनचर्या में सुधार आने लगेगी. महिलाओं ने भी दिलीप और अंबिका के झांसे में आकर उसके हिसाब से ही चलने लगी. लोन तो उन्हें मिलता था, लेकिन खाते में रुपये आने के बाद दिलीप और अंबिका पूरे रुपये अपने पास मंगा लेते थे. महिलाओं के पास कुछ भी नहीं बचता था. [caption id="attachment_339131" align="aligncenter" width="365"]alt="" width="365" height="243" /> संतोषी महाकुड़.[/caption]
15 हजार से 40 हजार दिलाता था लोन
दिलीप और अंबिका ने जब ठगी का यह खेल शुरू किया तब 15 हजार रुपये ही लोन दिलाने का काम करता था. बाद में वह 40 हजार रुपये तक का लोन दिलाने लगा था. लोन तो महिलाओं को समय पर मिल जाता था, लेकिन उनके खाते में कुछ रहता ही नहीं था. महिलाओं को सिर्फ रोजगार दिलाने का आश्वासन ही मिलता था.निजी बैंक के कर्मचारी की मिलीभगत का आरोप
महिलाओं को लोन दिलाने में जगन्नाथपुर के भारत फाइनेंसियल इनक्लूजन लिमिटेड प्राईवेट बैंक के कर्मचारी महावीर महतो की मिलीभगत की बात सामने आ रही है. अंबिका और दिलीप अपने घर पर ही महावीर को बुलाते थे लोन की सभी प्रक्रियाओं को पूरी करने के बाद खाते में लोन की राशि भी पहुंच जाती थी. [caption id="attachment_339132" align="aligncenter" width="374"]alt="" width="374" height="249" /> भुक्तभोगी एस बेगम.[/caption]
अगरबत्ती, मोमबत्ती, पापड़ व साबुन बनाने का नहीं दिया रोजगार
भुक्तभोगी बडा़जामदा की एस बेगम, पूर्णिमा देवी, संतोषी नायक, गुवा निवासी संतोषी महाकुड़ सेमत दर्जनों महिलाओं ने बताया की अम्बिका चौधरी एंव उसका पति दिलीप चौधरी ने महिलाओं से कहा था कि अगरबत्ती, मोमबत्ती, पापड़ और साबुन बनाने का रोजगार दिलायेगा. वह अपने घर पर ही बुला लेता था. तुमलोग घर पर बैठी हो. बैंक से आजीविका और स्वरोजगार के लिये लोन दिलवा देते हैं. उसी रुपये से सभी महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ दिया जायेगा.मशीन खरीदने के नाम पर ले लेता था रुपये
दोनों आरोपी इस कारण से लोन के रुपये को अपने पास मंगवा लेते थे कि उन्हें इसके लिये मशीन खरीदने की जरूरत पड़ेगा. स्वरोजगार को वृहत पैमाने पर फैलाने और अधिक लाभ अर्जित करने के लिये मशीनों की खरीद करना होगा. उत्पादित समानों को बेचने के लिये वृहत बाजार भी उपलब्ध करा देंगे. यह मशीन हम आपके रुपये से ही खरीदेंगे. स्वरोजगार के लिये जगन्नाथपुर के निजी बैंक से सभी को लोन भी दिलवा देगा. [caption id="attachment_339135" align="aligncenter" width="346"]alt="" width="346" height="232" /> आरोपी के आवास पर लटका ताला.[/caption]
लोन की राशि जमा करने के लिये बैंककर्मी बना रहा दबाव
महिलाओं ने बताया की बैंक का कर्मचारी लोन का रुपये जमा करने के लिये अब दबाव बनाने लगा है. महिलाओं ने कहा कि उनके पास तो रुपये है नहीं.अब उनके लिये आत्महत्या करने की नौबत भी आने वाली है. अब मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की जा रही है. महिलाओं ने इसकी शिकायत 23 जून को ओड़िशा के बड़बिल थाने में जाकर की है.आरोपी का मोबाइल है स्वीच ऑफ
बैंक कर्मचारी महावीर महतो से जब लगातार न्यूज ने सम्पर्क कर उससे मामले की सच्चाई जाननी चाही तो उसने अपना मुंह नहीं खोला. दोबारा प्रयास करने पर उसका मोबाइल स्वीच ऑफ बताया. आरोपी दिलीप चौधरी का मोबाइल भी स्वीच ऑफ बता रहा है. इसे भी पढ़ें : किरीबुरु">https://lagatar.in/kiriburu-three-day-summer-camp-organized-at-recreation-club/">किरीबुरु: रिक्रेशन क्लब में तीन दिवसीय समर कैंप आयोजित [wpse_comments_template]

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