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किरीबुरू : ठेका मजदूरों के बकाया पैसा और सेल अस्पताल से संबंधित समस्या को लेकर हुई बैठक

Kiriburu (Shailesh Singh): ठेका मजदूरों का बकाया पैसा और सेल अस्पताल से संबंधित समस्या को लेकर झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे और सेल प्रबंधन किरीबुरू के सीजीएम कमलेश राय आदि पदाधिकारियों की बैठक हुई.  बैठक में ठेका श्रमिकों का मुद्दा उठाया गया. 01 अप्रैल 2021 से बढ़े वेतन की एरियर पर चर्चा हुई. इसे तुरंत भुगतान करने की मांग रामा पांडे ने की, जिसे सेल प्रबंधन किरीबुरू ने स्वीकार करते हुए तुरंत भुगतान करने का वादा किया. ज्ञात हो की 01 अप्रैल 2021 से केंद्र सरकार ने ठेका श्रमिकों का वेतन बढ़ाने का आदेश जारी किया था. उस आधार पर ठेका श्रमिकों को बढ़ा वेतन का भुगतान नहीं हुआ था.  मिनिमम 12 रुपये से लेकर 23 रुपये तक की बढ़ोतरी का एरियर ठेका श्रमिकों को मिलना है. इसे भी पढ़ें :किरीबुरू">https://lagatar.in/kiriburu-40-kva-soundless-dg-set-installed-in-kendriya-vidyalaya-meghahatuburu/">किरीबुरू

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एक खदान समूह में एक नियम बनाने की मांग स्वीकार 

लेकिन वह अब तक भुगतान नहीं हुआ है. उसे यथा शीघ्र भुगतान करने को कहा गया. साथ ही ठेका श्रमिकों का फिजिकल रुप से हाजिरी बनाने पर सहमती हुई. जो ठेकेदार वक्त पे वेतन भुगतान नहीं करेगा उसे पेनाल्टी के दायरे में लाने की मांग रखी गई. इसे भी प्रबंधन ने स्वीकार करते हुए टेंडर पेपर में शर्त शामिल करने की बात कही. झारखंड ग्रुप ऑफ माइन्स के गुवा खदान में यह नियम लागू है. उसे किरीबुरू में भी लागू करने पर सहमति बनी. एक खदान समूह में एक नियम बने मांग को स्वीकार किया गया. किरीबुरु जनरल अस्पताल के मुद्दे पर चर्चा हुई. मरीजों के रेफर में आ रही दिक्कतों को उठाया गया. रेफर हों कर इलाज के पश्चात रिव्यू चेक अप में जाने में आ रही दिक्कतों पर चर्चा हुई. इलाज के पश्चात एक बार कम से कम रिव्यू के लिए भेजना अनिवार्य करने की मांग रखी गई. इसे भी पढ़ें :धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-till-the-last-day-in-the-service-camp-more-than-6-thousand-kanwariyas-got-pure-food/">धनबाद

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एक रिव्यू अनिवार्य करने की मांग रखी गई

ट्रीटमेंट कर रहे चिकित्सकों के बिना अनुमति से दवा परिवर्तन करना हानि कारक बताया गया. अत: एक रिव्यू अनिवार्य करने की मांग रखी गई. अस्पताल में भी जरुरी दवाइयां न मिलना चिंता जनक बताया गया. लोग बाहर से दवाइयां खरीद कर लाते हैं.  इसके अनेक उदाहरण सीजीएम माइन्स को दिया गया. राउरकेला के आईजीएच अस्पताल रेफर हों कर जाने वाले मरीजों को वहां से खरीद कर लाए दवा के पैसों का भुगतान नहीं होने पर चिंता और दुःख प्रकट किया गया. यह व्यवस्था पहले नहीं था. मरीज कब मेडिसिन लाएंगे और कब खाएंगे, इस पर विशेष ध्यान आकर्षण किया गया. अस्पताल के साथ बात कर समाधान करने के प्रयास का वादा सीजीएम ने की. बढ़ती मच्छरों की तादात पर चिंता व्यक्त किया गया. टेंडर होने के बाबजूद क्यों फॉगिंग नहीं हो रहा है. सीजीएम ने आश्चर्य प्रकट किया. बैठक की शुरुआत महामंत्री राजेन्द्र सिंधिया के द्वारा अस्पताल की मुद्दों से हुआ और ठेका श्रमिकों की समस्या और शोषण पर समाप्त हुआ. बैठक में प्रबंधन की ओर से उप महाप्रबंधक कार्मिक एवं प्रशासन अमित विश्वास, उपाध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा, लक्ष्मी नारायण राउत, संयुक्त महामंत्री सुनील कुमार पासवान, सचिव अजय बानरा, प्रभा सिद्धू, इंद्रमणि आपट, पी सी मल्लिक, रंजन कुमार पट्टनायक, रमेश नायक, नवीन कोंगारी, पंकज महतो आदि मौजूद थे. इसे भी पढ़ें :चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-tribal-ho-samaj-team-leaves-for-delhi-to-participate-in-picketing/">चाईबासा

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