Kiriburu (Shailesh Singh) : मैं खुद एक ठेका मजदूर था और हूं. हमारा संगठन ठेका मजदूरों की समस्याओं की ढेर से संघर्ष करते हुये उत्पन्न हुआ है. गुआ खदान के ठेका अथवा सप्लाई मजदूरों ने संगठित होकर लड़ाई लड़ अनेक सुविधायें प्राप्त की हैं. यह बातें झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष रामा पांडेय ने मेघाहातुबुरु कार्यालय में किरीबुरु एवं मेघाहातुबुरु के अपने कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों से कहीं. उन्होंने कहा कि किरीबुरु-मेघाहातुबुरु के ठेका मजदूरों को भी अगर गुआ के ठेका मजदूरों की तरह सारी सुविधाएं व लाभ चाहिए तो यहां के सभी ठेका मजदूरों को आपसी राजनीति छोड़कर एक मंच पर आना होगा. इसे भी पढ़ें : खरगे">https://lagatar.in/kharge-gets-green-signal-baijnath-ram-can-soon-take-oath-as-minister/">खरगे
की मिली हरी झंडी, बैजनाथ राम जल्द ले सकते हैं मंत्री पद की शपथ
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2024/02/Kiriburu-Union-1-scaled.jpg"
alt="" width="2560" height="1145" /> उन्होंने कहा कि हम स्वयं ठेका मजदूरों के हक व अधिकार के लिये सेल जैसी शक्तिशाली प्रबंधन से लड़कर गुआ के मजदूरों जैसी सारी सुविधाएं दिलायेंगे. उन्होंने कहा कि किरीबुरु-मेघाहातुबुरु के ठेका मजदूरों का शोषण आज भी ठेकेदार कर रहे हैं. ठेका मजदूरों को आवास, बेहतर चिकित्सा सुविधा आदि नहीं मिल रहा है. यह दुःखद है. जब तक ठेका मजदूर संगठित नहीं होंगे, तब तक शोषण होता रहेगा. इसे भी पढ़ें : बड़ी">https://lagatar.in/existence-of-dozens-of-families-in-danger-lives-in-danger/">बड़ी
आबादी के अस्तित्व पर संकट, खतरे में जान ! उन्होंने कहा कि ठेका मजदूरों की तरह ही यहां के स्थायी सेलकर्मियों की अनेक समस्याएं हैं. सेलकर्मियों की समस्याओं का समाधान के लिए भी लंबी लड़ाई आपसी एकता के साथ लड़ना है. गुआ की सभी यूनियन एक साथ लड़ाई लड़कर बाहरी लोगों को गुआ खदान में योगदान देने नहीं दिया. सभी 18 बाहरी लोग एचआरडीसी में हैं. वहीं किरीबुरु-मेघाहातुबुरु खदान में बाहरी लोग नौकरी प्राप्त करने में सफल रहे. यही संगठित होने और अलग-अलग रहने का प्रतिफल है. आने वाले दिनों में जल्द ही किरीबुरु, मेघाहातुबुरु, गुआ और चिड़िया खदान के सभी यूनियन व ठेका तथा स्थायी श्रमिक मिलकर तमाम समस्याओं व स्थानीय को नौकरी देने की मांग को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ी जायेगी. इसे भी पढ़ें : गोड्डा">https://lagatar.in/mini-factory-of-fake-english-liquor-busted-in-godda-two-arrested-including-3-santhal-news/">गोड्डा
में नकली अंग्रेजी शराब की मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार समेत संथाल की 3 खबरें इस दौरान किरीबुरु के महामंत्री राजेन्द्र सिंद्रिया, मेघाहातुबुरु के महासचिव अफताब आलम, अंतरयामी महाकुड़, इंतखाब आलम, कामता प्रसाद, राज नारायण शर्मा, आलम अंसारी, दलविन्द्र सिंह, संजय तिग्गा, आनंद हस्सा पुरती, लक्ष्मी नारायण राउत, अनिल शर्मा, बासु करुवा, लाल, राम हेस्सा, सुनील पासवान, रजनीकांत पाठक, शशि नाग, मो. जावेद आदि दर्जनों मौजूद थे. [wpse_comments_template]
की मिली हरी झंडी, बैजनाथ राम जल्द ले सकते हैं मंत्री पद की शपथ
alt="" width="2560" height="1145" /> उन्होंने कहा कि हम स्वयं ठेका मजदूरों के हक व अधिकार के लिये सेल जैसी शक्तिशाली प्रबंधन से लड़कर गुआ के मजदूरों जैसी सारी सुविधाएं दिलायेंगे. उन्होंने कहा कि किरीबुरु-मेघाहातुबुरु के ठेका मजदूरों का शोषण आज भी ठेकेदार कर रहे हैं. ठेका मजदूरों को आवास, बेहतर चिकित्सा सुविधा आदि नहीं मिल रहा है. यह दुःखद है. जब तक ठेका मजदूर संगठित नहीं होंगे, तब तक शोषण होता रहेगा. इसे भी पढ़ें : बड़ी">https://lagatar.in/existence-of-dozens-of-families-in-danger-lives-in-danger/">बड़ी
आबादी के अस्तित्व पर संकट, खतरे में जान ! उन्होंने कहा कि ठेका मजदूरों की तरह ही यहां के स्थायी सेलकर्मियों की अनेक समस्याएं हैं. सेलकर्मियों की समस्याओं का समाधान के लिए भी लंबी लड़ाई आपसी एकता के साथ लड़ना है. गुआ की सभी यूनियन एक साथ लड़ाई लड़कर बाहरी लोगों को गुआ खदान में योगदान देने नहीं दिया. सभी 18 बाहरी लोग एचआरडीसी में हैं. वहीं किरीबुरु-मेघाहातुबुरु खदान में बाहरी लोग नौकरी प्राप्त करने में सफल रहे. यही संगठित होने और अलग-अलग रहने का प्रतिफल है. आने वाले दिनों में जल्द ही किरीबुरु, मेघाहातुबुरु, गुआ और चिड़िया खदान के सभी यूनियन व ठेका तथा स्थायी श्रमिक मिलकर तमाम समस्याओं व स्थानीय को नौकरी देने की मांग को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ी जायेगी. इसे भी पढ़ें : गोड्डा">https://lagatar.in/mini-factory-of-fake-english-liquor-busted-in-godda-two-arrested-including-3-santhal-news/">गोड्डा
में नकली अंग्रेजी शराब की मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार समेत संथाल की 3 खबरें इस दौरान किरीबुरु के महामंत्री राजेन्द्र सिंद्रिया, मेघाहातुबुरु के महासचिव अफताब आलम, अंतरयामी महाकुड़, इंतखाब आलम, कामता प्रसाद, राज नारायण शर्मा, आलम अंसारी, दलविन्द्र सिंह, संजय तिग्गा, आनंद हस्सा पुरती, लक्ष्मी नारायण राउत, अनिल शर्मा, बासु करुवा, लाल, राम हेस्सा, सुनील पासवान, रजनीकांत पाठक, शशि नाग, मो. जावेद आदि दर्जनों मौजूद थे. [wpse_comments_template]
Leave a Comment