alt="" width="300" height="180" /> Kiriburu : भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (सेल), बोकारो स्टील प्लांट की किरीबुरु और मेघाहातुबुरु लौह अयस्क खदान प्रबंधन ने अलग-अलग नोटिस जारी किया है. इसमें कहा गया है कि सेल की उक्त खदान के खनन पट्टा क्षेत्र अन्तर्गत आने वाले रेलवे हटिंग, एक्सचेंज कार्यालय के पीछे, मंगलाहाट व बैंक मोड़ के पीछे समेत तमाम हाटिंगों में अनाधिकृत रूप से जमीन कब्जा कर मकान बना कर रह रहे हैं, जो संरक्षित वन क्षेत्र के अधीन आता है. यह नियम के विरुद्ध है. अतः सभी लोग उक्त अनाधिकृत स्थान को शीघ्र व अति शीघ्र खाली कर दें नहीं तो कार्यवाही की जाएगी. सेल की उक्त दोनों खदान प्रबंधनों द्वारा जारी उक्त नोटिस को लेकर सेल के लीज क्षेत्र अन्तर्गत विभिन्न हाटिंगों में झोपड़ी बनाकर रह रहे सैकड़ों परिवारों में भय व आक्रोश देखा है. उल्लेखनीय है कि उक्त हाटिंग दशकों पूर्व सेल अधिकारियों की आंख के सामने व नाक के नीचे बसा. प्रारम्भ में कोई भी अधिकारी ऐसे हाटिंगों को बसने का विरोध नहीं किया. आज जब बड़ी बस्ती बस गई है तो उसे खाली करने संबंधित नोटिस जारी किया गया है. इसे भी पढ़ें : तेजी">https://lagatar.in/the-stock-market-opened-with-a-boom-sensex-strengthened-by-315-points-buying-in-all-sectors/">तेजी
के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 315 अंक मजबूत, सभी सेक्टर में लिवाली ऐसे हाटिंग में रहने वाले अधिकतर लोग दोनों खदानों में बतौर ठेका मजदूर कार्य करते हैं. ऐसे हाटिंगों में पाइप लाइन द्वारा प्रबंधन पेयजल आपूर्ति की सुविधा उपलब्ध कराई है. वहीं मेन मार्केट हाटिंग क्षेत्र के लोगों को झारखंड बिजली बोर्ड द्वारा बिजली कनेक्शन दिया गया है. सभी को आधार व राशन कार्ड जैसी सुविधा भी प्रदान की गई है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि विभिन्न हाटिंगों में रहने वाले आखिरकार सैकड़ों परिवार जाएं जो कहां जायें. इस मामले में राजनीति भी गरमाने की संभावना बढ़ गई है. सेल प्रबंधन के उच्च अधिकारी सूत्रों ने बताया की यह नोटिस सेल की पर्यावरण व लीज विभाग की तरफ से सभी अवैध हाटिंगों को खाली करने के लिए जारी किया गया है. [wpse_comments_template]
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