alt="" width="1280" height="576" /> इसे भी पढ़ें : झारखंड">https://lagatar.in/electricity-demand-reached-record-level-in-jharkhand/">झारखंड
में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची बिजली की मांग इस आंदोलन में शामिल मजदूर नेता रामा पांडेय, मुखिया प्रफुल्लित गलोरिया तोपनो, मुखिया लीपी मुंडा, उप मुखिया सुमन मुंडू, भोला दास, अफताब आलम, आर सी हंसदा, शमशाद आलमा, आलोक अजय तोपनो, वीर सिंह मुंडा, गुंजन कुमार, शान्तियल भेंगरा आदि अन्य नेताओं ने इसे मजदूर एकता की बडी़ जीत बताते हुये सभी सेलकर्मी व ठेका मजदूरों के अलावे सेल प्रबंधन को भी धन्यवाद दिया.
alt="" width="1120" height="504" /> इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-breaking-criminals-firing-in-mango-police-engaged-in-investigation/">जमशेदपुर
ब्रेकिंग : मानगो में अपराधियों ने की फायरिंग, जांच में जुटी पुलिस उल्लेखनीय है कि ठेका मजदूर मार्शल पूर्ति सेल के ठेकेदार संत प्रसाद तिवारी के अधीन सप्लाई मजदूर के रूप में कार्यरत था. 14 अप्रैल को मेघाहातुबुरु प्लांट में कार्य के दौरान उसका अचानक रक्तचाप बढ़ने की वजह से वह मूर्क्षित होकर गिर गया था. उसे अधिकारियों व सहयोगी श्रमिकों ने तत्काल सेल की किरीबुरु-मेघाहातुबुरु जेनरल अस्पताल में भर्ती कराया. जाँच के बाद चिकित्सकों ने पाया की उसका एक अंग काम नहीं कर रहा है. जिसके बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुये पहले ओडिशा का एक प्राईवेट अस्पताल में भेजकर ब्रेन का सीटी स्कैन कराया गया. सीटी स्कैन में ब्रेन में रक्त जमा होने तथा नश फटने की बात सामने आने के बाद उसे तत्काल बेहतर इलाज हेतु सेल की बोकारो जेनरल अस्पताल भेजा गया. बोकारो में इलाज के दौरान हीं 15 अप्रैल की सुबह मार्शल पूर्ति की मौत हो गई. दूसरी तरफ मार्शल पूर्ति मामले को लेकर आंदोलन में शामिल ठेका मजदूर देर शाम आंदोलन स्थल पर हीं गिर बेहोश हो गया था एवं बाद में उसकी मौत हो गई थी. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-increased-drinking-water-crisis-in-bagbeda-colony-water-supply-through-tanker/">जमशेदपुर
: बागबेड़ा कॉलोनी में पेयजल संकट गहराया, टैंकर से हुई जलापूर्ति नोवामुंडी प्रखंड प्रमुख पूनम गिलुवा एवं किरीबुरु पूर्वी की मुखिया मंगल सिंह गिलुवा ने मेघाहातुबुरु प्रबंधन और सीआईएसएफ पर आरोप लगाया की वह एक साजिश के तहत दोनों को आंदोलन स्थल पर जाने नहीं दिये। सीआईएसएफ ने खदान गेट पर हीं दोनों को को रोक दिया. दोनों ने गहरा आक्रोश जाहिर किया और कहा कि प्रबंधन अपनी गलती छुपाने के लिये जनप्रतिनिधि को रोक रही है. [wpse_comments_template]

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