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किरीबुरु : सेल के जीएम को पत्र नक्सली या अपराधियों ने भेजा, इसका खुलासा नहीं हो पाया

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alt="" width="360" height="504" /> Kiriburu : सेल की किरीबुरु और मेघाहातुबुरु खदान के महाप्रबंधक के नाम भाकमा माओवादी संगठन के कुख्यात नक्सली नेता 25 लाख रुपए का इनामी अनमोल दा के नाम पर एक-एक करोड़ रुपए देने के लिए पत्र भेजा गया है. हालांकि यह पत्र अपराधियों ने या नक्सलियों ने दिया है, इसका खुलासा नहीं हो पाया है. उल्लेखनीय है कि 10 जून की रात लगभग 8.30 बजे सेल की मेघाहातुबुरु लौह अयस्क खदान के लोडिंग साइडिंग के पास  दो संदिग्ध युवक पहुंचे और सेलकर्मी रोलेन जोजोवार व गुनिया लकड़ा को बंद लिफाफा देकर दोनों खदानों के महाप्रबंधक को देने की बात कह चले गये थे. दोनों संदिग्ध के पास वॉकी-टॉकी और छोटा हथियार होने की बात कही जा रही थी. इसे भी पढ़ें : घाटशिला">https://lagatar.in/ghatshila-auction-process-will-start-for-28-vehicles-seized-from-forest-area/">घाटशिला

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बंद लिफाफा में पत्र में अनमोल का नाम लिखा है

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alt="" width="360" height="504" /> भाकपा माओवादी संगठन के दक्षिणी छोटानागरा जोनल कमेटी के नाम से सेल प्रबंधन को पत्र लिखा गया है. पत्र लिखने वाले का नाम अनमोल लिखा है. उल्लेखनीय है कि अनमोल दा उर्फ लालचंद हेम्ब्रम उर्फ समर जी उर्फ सुशांत पर सरकार ने 25 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा है. वह भाकपा माओवादी संगठन के झारखंड रीजनल कमेटी का प्रवक्ता रह चुका है. भाकपा माओवादी के वरिष्ठ नक्सली नेता संदीप दा (अब जेल में) ने कुछ वर्ष पूर्व गिरफ्तारी से पूर्व लगातार न्यूज के संवाददाता से कोल्हान रिजर्व वन क्षेत्र के घने जंगल में बातचीत के दौरान बताया था कि संगठन ने दक्षिणी छोटानागरा जोनल कमेटी को खत्म कर अब दक्षिणी जोनल कमेटी बना दिया है. इसके बाद भाकपा माओवादी संगठन की प्रेसवार्ता अब दक्षिणी जोनल कमेटी, जिसके प्रवक्ता अशोक के नाम पर होता है ना कि दक्षिणी छोटानागरा जोनल कमेटी के नाम पर. इसे भी पढ़ें : घाटशिला">https://lagatar.in/ghatshila-sbi-credit-card-became-the-life-of-a-doctor-fraud-of-20-thousand-rupees/">घाटशिला

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कुछ पत्र लगातार न्यूज के पास प्रमाण के तौर पर हैं मौजूद

भाकपा माओवादियों ने पिछले कुछ वर्ष के दौरान सड़क, पुल निर्माण कार्य में लगे अनेक ठेकेदारों, वनोत्पाद से जुड़े कारोबारियों आदि को लेवी के लिए पत्र दिया गया है. यह पत्र दक्षिणी जोनल कमेटी के लेटर पैड पर दिया गया है. सभी पत्रों में निवेदक के स्थान पर क्रांतिकारी अभिनंदन के साथ दक्षिणी जोनल कमेटी, भाकपा माओवादी लिखा गया है. ऐसे पत्रों में मई-2022 में लेवी के लिए लिखा गया कुछ पत्र भी लगातार न्यूज के पास है. भाकपा माओवादियों के नाम पर सारंडा क्षेत्र में कुछ असामाजिक तत्व भी फर्जी लेटर पैड छपवाकर ठेकेदारों व कारोबारियों को पत्र देकर नक्सलियों के नाम पर लेवी लेने की कोशिश में लगे रहते हैं. मई-2022 में कुछ असामाजिक तत्वों ने सारंडा में एक ठेकेदार को लेवी हेतु फर्जी पत्र दिया था. यह प्रमाण भी लगातार न्यूज के पास मौजूद है. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-electricity-cut-every-half-hour-due-to-load-shedding-in-kuluptanga-and-jugsalai-feeders-people-upset/">आदित्यपुर

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सेल किसी भी परिस्थिति में नक्सलियों को लेवी नहीं देगा

कुख्यात माओवादी नेता अनमोल दा यह जानता है कि सेल की किरीबुरु और मेघाहातुबुरु प्रबंधन भारत सरकार की इकाई है. वह किसी भी परिस्थिति में नक्सलियों को लेवी नहीं देगा. वर्ष 2004 में लेवी को लेकर नक्सलियों का बड़ा दस्ता दिन में मेघाहातुबुरु खदान में घुसकर सेल के चार अधिकारियों का अपहरण कर लिया था, लेकिन प्रबंधन के नाम लेवी से संबंधित पत्र देकर चारों अधिकारियों को सकुशल कुछ घंटे बाद छोड़ दिया था. इस घटना के बाद भी सेल प्रबंधन ने नक्सलियों को लेवी नहीं दिया था, जबकि नक्सलियों ने किरीबुरु व मेघाहातुबुरु खदान के अनेक उपकरणों, पानी पंप हाउस, पाइप लाइन को उड़ाकर दबाव बनाने का कार्य किया था. अनमोल दा के बारे में हमेशा यह कहा जाता है कि वह अधिक हिंसक प्रवृत्ति का नहीं, बल्कि ग्रामीणों के साथ बेहतर संबंध बनाकर चलने वाला माओवादी नेता है. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/rjd-called-the-riots-in-ranchi-a-failure-of-the-police-told-the-decision-to-shoot-straight-was-wrong/">रांची

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अनमोल दा की लिखावट अलग

अनमोल दा की लिखावट काफी अच्छी है. वह अपने हाथों से लिखे कई पत्र सारंडा के ग्रामीणों के नाम से भेजते रहे हैं. भेजे गये पत्र के अंत में वह सिर्फ अनमोल लिखते हैं. इसके अलावे लगातार न्यूज के संवाददाता से अनमोल उर्फ समर दा ने अनेकों बार मिलकर साक्षात्कार दिया है. झारखंड से नक्सल समस्या कैसे समाप्त होगी, इस सवाल का जवाब अनमोल से लगातार न्यूज के संवाददाता ने लिखित लिया था. उस पत्र को झारखंड सरकार को वर्ष-2011 में सौंपा गया था. झारखंड सरकार ने लगातार न्यूज के संवाददाता को झारखंड से नक्सल समस्या कैसे खत्म होगी, इस विषय पर शोध करने का दायित्व दिया था. उसी कड़ी में जब अनमोल उर्फ समर जी झारखंड रिजनल कमेटी, भाकपा माओवादी के प्रवक्ता थे तब उनसे मुलाकात कर हस्तलिखित पत्र लिया गया था. अनमोल के लिखे पत्र में और सेल प्रबंधन को लेवी के लिए दिए गए पत्र में मौजूद लिखावट भिन्न है. ऐसी स्थिति में सेल प्रबंधन को लेवी के लिए दिए गए पत्र को लेकर अनेक सवाल खड़े हो रहे हैं. इसे भी पढ़ें : देश">https://lagatar.in/communal-forces-are-dominating-the-country-we-will-have-to-fight-for-the-rights-of-ourselves-and-the-people-banna-gupta/">देश

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पूरे मामले की जांच कर रहे हैं पुलिस अधिकारी

बड़ा सवाल यह है कि पत्र भाकपा माओवादी नक्सलियों ने या फिर असामाजिक तत्वों ने सेल प्रबंधन को दिया है. हालांकि अनमोल दा की शरणस्थली झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिला का सारंडा, कोल्हान, पोड़ाहाट जंगल के अलावे ओडिशा का सुन्दरगढ़, सम्बलपुर, देवझर आदि जिला के जंगल हैं. इस मामले की सत्यता की जानकारी पुलिस के उच्च अधिकारी जानने में लगे हैं. पुलिस का मानना है कि घटना वाले दिन सारंडा जंगल क्षेत्र में किसी भी भाकपा माओवादी दस्ते की गतिविधियां नहीं थी. ऐसे में यह पत्र किसने दिया, इसकी जांच की जारी है. [wpse_comments_template]

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