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खदान बंद होने के कारण हो गया था बेरोजगार
उसने बताया कि वह तीन साल पूर्व करमपदा स्थित खदान में माइनिंग सुपरवाईजर के रूप में कार्यरत था, लेकिन खदान बंद होने से वह बेरोजगार हो गया. इसके बाद उसने सेल की खदान के सिविल विभाग में बतौर ठेका मजदूर छह माह तक कार्य किया, लेकिन उसके बाद वह पुनः बेरोजगार हो गया. पिछले तीन वर्षों से रोजगार हेतु वह निरंतर सेल के ठेकेदारों से आग्रह करता रहा, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-damage-to-roads-due-to-illegal-overloading-in-seraikela-district/">आदित्यपुर: सरायकेला जिले में अवैध ओवरलोडिंग से सड़कों को हो रहा नुकसान
ठेकेदारों से काम को लेकर निराशा मिलने के कारण उठाया ऐसा कदम
विदित हो कि घटना वाले दिन व उससे पहले भी लालू पूर्ति ने कई ठेकेदारों को काम के लिये संपर्क किया था. लेकिन निराशा मिलने की वजह से वह ऐसा कदम उठाने को मजबूर हो गया. लालू पूर्ति के दो बच्चे केन्द्रीय विद्यालय मेघाहातुबुरु में पढ़ते हैं. उन्हें सीएसआर योजना के तहत मुफ्त शिक्षा दी जाती है. वहीं, लालू पूर्ति ने बताया कि वह अब दुबारा ऐसा कदम नहीं उठायेगा, क्योंकि उसके जैसे हजारों बेरोजगार हैं जो संघर्ष कर रहे हैं और वह ऐसा कदम नहीं उठाते हैं. इसे भी पढ़ें : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-preparations-for-bahuda-rath-yatra-complete-naga-monks-take-out-rath-yatra/">चांडिल: बांहुड़ा रथ यात्रा की तैयारी पूरी, नागा संन्यासी निकालते हैं रथ यात्रा [wpse_comments_template]

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