- प्रतिमाह 5 से 6 लाख रुपये की अवैध वसूली होगी
अमेरिका महाद्वीप में लगा पूर्ण सूर्यग्रहण, चार मिनट 28 सेकंड तक अंधेरा छाया रहा इस अवैध नये टैक्स से परेशान कुछ हाइवा मालिकों ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि झारखंड रजिस्ट्रेशन वाली प्रत्येक वाहन से डेढ़ हजार रूपये तथा ओडिसा रजिस्ट्रेशन वाली वाहनों से चार हजार रूपये मांगा जा रहा है. यह पैसा की मांग अवैध तरीके से झारखंड सरकार के दो विभाग के विशेष पदाधिकारियों की जा रही है. पैसा नहीं देने वाले वाहनों के खिलाफ गलत व फर्जी तरीके से कार्यवाही करने की भी धमकी दी जा रही है. इस धमकी से सभी वाहन मालिक परेशान व पीड़ित हैं. वाहन मालिकों ने बताया कि बड़ाजामदा सेक्टर की सभी खदानें बंद होने से उनके सामने पहले से ही बेरोजगारी व वाहन का किश्त चुकाने की समस्या खड़ी है. इसे भी पढ़ें : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-grand-kalash-yatra-started-on-the-first-day-of-chaitra-navratri/">चांडिल
: चैत्र नवरात्र के पहले दिन निकली भव्य कलश यात्रा क्षेत्र में सिर्फ टाटा स्टील की एक मात्र विजय-टू खदान चालू है. इससे हमारी वाहनें दिनभर में एक ट्रीप माल ढुलाई कर पाती है. इस खदान से महीना में मुश्किल से 15-20 दिन कार्य होता है. इस खदान से लगभग 253 वाहन वर्तमान में लौह अयस्क की ढुलाई करते हैं. इसमें से लगभग 70-80 वाहन ओडिसा रजिस्ट्रेशन एवं बाकी झारखण्ड रजिस्ट्रेशन वाली हैं. महिना में लगभग 20 ट्रीप ढुलाई से जो पैसा मिलता है उससे वाहन का किश्त, चालक-खलासी का वेतन, वाहन का मेंटेनेंस आदि खर्च मिलाकर स्वयं के पास कुछ भी नहीं बचता है, बल्कि बाजार से उधार ही लेना पड़ता है. पिछले कुछ दिनों से टाटा स्टील के खिलाफ जारी आंदोलन की वजह से सभी वाहनें खड़ी हैं. इसे भी पढ़ें : पूर्व">https://lagatar.in/in-the-land-scam-related-to-former-cm-hemant-ed-arrested-saddam-the-mastermind-of-making-fake-deed-sought-7-days-custody-from-the-court/">पूर्व
CM हेमंत से जुड़े लैंड स्कैम में ED ने फर्जी डीड बनाने के मास्टरमाइंड सद्दाम को किया गिरफ्तार, कोर्ट से मांगी 7 दिन की कस्टडी इससे आय का श्रोत बिल्कुल बंद हो चुका है. हमारे वाहनों के सारे कागजात जैसे परमीट, इन्सुरेंस, फिटनेश आदि सब ओके रहता है. ऐसे में हमसे यह डेढ़ व चार हजार रूपये क्यों मांगा जा रहा है. सूत्रों ने कहा कि ओडिसा रजिस्ट्रेशन वाले कुछ वाहन मालिक पहले एक विभाग को इस लिये 2700 से 3000 रूपये तक प्रतिमाह देते थे क्योंकि उनका झारखण्ड में चलाने का परमिट नहीं होता था. झारखण्ड का परमिट बनाने पर अधिक खर्च आता था जिस कारण वह विभाग को हीं कुछ पैसा देकर झारखण्ड में अपनी वाहनों को चलाते थे. ओडि़सा रजिस्ट्रेशन वाला ऐसे अनेक वाहन आज भी बड़ाजामदा क्षेत्र में अवैध तरीके से चल रहे हैं. ऐसे वाहनों से 6 हजार रूपये प्रतिमाह मांगा गया था. इसे भी पढ़ें : झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-instructions-to-provide-financial-assistance-to-two-naxalites-who-surrendered/">झारखंड
: आत्मसमर्पण करने वाले दो नक्सलियों को आर्थिक सहायता देने का निर्देश लेकिन बाद में ओडि़सा रजिस्ट्रेशन की सभी वाहनों से 4 हजार रूपये देने को कहा गया है. गलत वाहनों के खिलाफ विभाग कार्यवाही नहीं कर सभी वाहन मालिकों पर एक नया टैक्स लगा रही है जो गलत है. वाहन मालिकों ने कहा कि इसकी गोपनीय शिकायत वह जल्द चुनाव आयोग, केन्द्र व राज्य सरकार के अलावे स्थानीय सांसद, विधायक से करने वाले हैं. ताकि इस नये टैक्स से हमें सरकार मुक्ति दिलाने का कार्य कर सके. [wpse_comments_template]
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