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किरीबुरु : एनजेसीएस की बैठक में नहीं निकला समाधान, सेलकर्मियों में नाराजगी

Kiriburu (Shailesh Singh) : दिल्ली में सेलकर्मियों की समस्याओं के समाधान हेतु 19 जुलाई को आयोजित एनजेसीएस की बैठक में कोई नतीजा नहीं निकलने से सेलकर्मियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है. इस संबंध में झारखंड मजदूर संघर्ष संघ, किरीबुरु इकाई के महामंत्री राजेन्द्र सिंधिया ने कहा कि उक्त बैठक में कोई भी चर्चा समाधान पूर्ण नहीं रहा, सिर्फ खानापूर्ति की गई. किसी मुद्दें पर सहमति नहीं बनी. एरियर, रात्रि पाली भत्ता, दासा, एचआरए समेत अन्य ज्वलंत पूर्ण मुद्दें ज्यों के त्यों रहे. अगर कुछ फैसला करना ही नहीं था तो बैठक का आयोजन क्यों किया गया! इतने पैसों की बर्बादी क्यों कि जा रही है! इसे भी पढ़े : धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-security-agency-will-be-restored-to-protect-the-houses-in-belgadia-township/">धनबाद:

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स्टील सेक्टर में सिर्फ सेल को छोड़ सभी का हो गया है वेज संशोधन : महामंत्री

राजेन्द्र सिंधिया ने कहा कि प्रबंधन कह रही है कि गत वर्ष से इस वर्ष में हानि हुई है. हानि का कोई भी कारण हो सकता है. सारे फैसले अब कमेटी में होगें. लेकिन जब कमेटी बैठती है तो कोई फैसला हुए बिना बेनतीजन समाप्त हो जाती है. ऐसे में फिर एक और डेट मिल जाता है, कब तक ऐसा चलता रहेगा! बैठक ऐसा हो जो नतीजे तक जाए, चाहे एक दिन का हो या चार दिन का, समाधान कर के उठे. स्टील सेक्टर में सिर्फ सेल को छोड़ सभी का वेज संशोधन हो गया है. इस पर सहमति बने नौ माह हो गए, फिर भी अब तक पूर्ण सहमति नहीं बन पाई है. यह एनजेसीएस बैठक पर सवालिया निशान पैदा करता है. अब एनजेसीएस कमिटी पर कर्मचारियों का भरोसा टूटता जा रहा है. इसे भी पढ़े : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-police-will-take-the-two-accused-who-surrendered-in-amit-murder-case-on-remand/">जमशेदपुर:

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खदान के श्रमिक संगठन बने हुए हैं मूक दर्शक 

आज की बैठक में भी सिर्फ संयंत्रों के कर्मचारियों ने भाग लिया, खदानों से किसी को नहीं बुलाया गया. जबकि पांचों घटक दलों के श्रमिक संगठन खदानों में हैं. लेकिन न तो घटक दलों की नजर खदानों के श्रमिक संगठनों पर है न ही सेल प्रबंधन को इससे कोई मतलब है. खदान के श्रमिक संगठनें मूक दर्शक बने हुए हैं. आज भी बिना नतीजे के पांचों घटक दल वापस लौटे हैं. एनजेसीएस से ऑफिसर्स एसोसिएशन मांग करे तो सब मील जाता है लेकिन मजदूर मांग करे तो खाली हाथ लौटना पड़ता है. अब तो एनजेसीएस के मजदूर प्रतिनिधि यूनियन सदस्यों को भी समझना पड़ेगा उनकी अहमियत कर्मचारियों में क्या है. इसे भी पढ़े : धनबाद:गुरुनानक">https://lagatar.in/dhanbad-farewell-to-the-students-of-political-science-in-guru-nanak-college/">धनबाद:गुरुनानक

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