: कराटे प्रतियोगिता के ग्रुप ए में काजल गुप्ता व ग्रुप बी में वैभव तेजस बने विजेता [caption id="attachment_396151" align="aligncenter" width="600"]
alt="" width="600" height="400" /> ग्रामीणों संग बैठक करते एनआरबीसी के पदाधिकारी[/caption]
समस्याओं से हुए अवगत
मालूम हो कि रांगरिंग गांव के एनआरबीसी जिसके माध्यम से 126 बच्चों को विद्यालय से जोड़ा गया है. वहीं, चेरवालोर के एनआरबीसी के माध्यम से 45 बच्चे और मनोहरपुर प्रखंड के टोयबो में 32 बच्चों को शिक्षा दी जा रही है. इस दौरान ग्रामीणों ने पदाधिकारियों को स्थानीय समस्याओं से अवगत कराया. जिसमें सड़क, बिजली, राशनकार्ड, विद्यालय, आंगनबाड़ी, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा आदि समस्या शामिल थी. इसे भी पढ़ें : नोवामुंडी">https://lagatar.in/noamundi-kajal-gupta-in-group-a-of-karate-competition-and-vaibhav-tejas-in-group-b-became-the-winner/">नोवामुंडी: कराटे प्रतियोगिता के ग्रुप ए में काजल गुप्ता व ग्रुप बी में वैभव तेजस बने विजेता
क्षेत्र में है सुविधाओं का अभाव
रांगरिंग स्थित एनआरबीसी केंद्र में रांगरिंग और बोड़दाभठ्ठी के ग्रामीणों के साथ बैठक किया गया. बैठक में बच्चों की स्थिति के बारे में चर्चा किया गया. रांगरिंग के मुंडा विजय अँगरिया ने कहा कि वर्ष 1980 में हमारे पूर्वज रांगरिंग में मेघाहातुबुरु खादान का डैम बनाने आये थे एवं यहीं गांव बनाकर बस गयें. 40 वर्ष बाद भी हमारे गांव में सरकारी सुविधा आज तक नहीं पहुंची है. हमारे बच्चे शिक्षा से वंचित थे. 2 अक्टूबर 2019 को एस्पायर संस्था ने ग्रुप सर्वेक्षण कर विद्यालय से दूर बच्चों का आंकड़ा संग्रह कर हमारे गांव में एनआरबीसी केंद्र की शुरुवात की तब जाकर हमारे गांव के लोंगो को शिक्षा का महत्व के बारे जानकारी मिली. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-deputy-commissioner-flagged-off-the-reading-campaign/">चाईबासा: उपायुक्त ने हरी झंडी दिखाकर रीडिंग कैंपेन का किया शुभारंभ

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