एबीएम कॉलेज में मनाया गया कारगिल विजय दिवस
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क्या था मामला
इस संबंध में उच्च न्यायालय के अधिवक्ता ए के रसीदी ने बताया कि हाईकोर्ट के डब्ल्यूपी (एस) संख्या- 1730/2020, दिनांक- 29 सितम्बर 2021 में पारित आदेश के आलोक में सुनवाई की जा रहा है. वर्ष 2015 में सेल की किरीबुरु एंव मेघाहातुबुरु खादान में 106 एसीटीटी की पदों पर बहाली हुई थी. उस बहाली हेतु यहाँ के नियोजन कार्यालय से यहाँ के स्थानीय व ग्रामीण बेरोजगारों की सूची भेजी जानी थी. योग्यता रखने वाले अनेक स्थानीय बेरोजगारों को इस नियोजन कार्यालय से नाम नहीं भेजा गया.पत्र भेज पक्ष जानने के लिए बुलाया
इससे प्रभावित 9 बेरोजगारों ने हाईकोर्ट में एक रीट याचिका दायर की थी. हाईकोर्ट ने नियोजन कार्यालय किरीबुरु को आदेश दिया है कि वह शिकायत कर्ता के दावे पर सुनवाई कर उनका पक्ष लें. इसके बाद नियोजन कार्यालय ने सभी 9 शिकायतकर्ताओं को पत्र भेज आज उनका पक्ष जानने के लिये बुलाया गया. इसे भी पढ़ें : किरीबुरू">https://lagatar.in/kiriburu-coordination-committee-meeting-of-cisf-crpf-and-district-police-held/">किरीबुरू: सीआईएसएफ, सीआरपीएफ एंव जिला पुलिस की को-ऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक आयोजित
बाहरी लोगों को नौकरी देने का आरोप
शिकायतकर्ताओं की तरफ से हमने नियोजन कार्यालय से सेल की उक्त बहाली में चयनित 106 लोगों का स्थायी पता, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र की पूर्ण जानकारी मांगी है. ए के रसीदी ने कहा कि उक्त बहाली में चयनित कई लोग ऐसे हैं जो स्थानीय नहीं होकर भी किरीबुरु, मेघाहातुबुरु का फर्जी पता डालकर अपने आप को स्थानीय बताया. इसमें अनेक ऐसे लोग भी हैं जो दूसरे राज्यों में रहते थे एवं वहीं शिक्षा भी प्राप्त किये थे. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-departmental-mla-representative-of-health-minister-met-seraikela-sp/">आदित्यपुर: सरायकेला एसपी से मिले स्वास्थ्य मंत्री के विभागीय विधायक प्रतिनिधि अनुचित तरीके से जो लोग इस नियोजन कार्यालय के माध्यम से सेल की उक्त बहाली में नौकरी प्राप्त किये हैं, वैसे लोगों को नौकरी से हटाया जाये एंव उनके स्थान पर रीट याचिका दायर करने वाले लोगों को बहाल किया जाये. याचिका दायर करने वालों में दयानन्द लागुरी, वीरेन्द्र सवैंया, मधुसुदन सुंडी, सुधीर सिंकु, निरन तिरिया, लौद्धा कच्छप, डिकुल कोडा़, अशोक सिंकु, गोपाल लागुरी, जसबेन्दर बानरा, मनोरंजन देवगम, दिनेश हाईबुरु शामिल हैं. इन लोगों ने कहा कि स्थानीय होने के बावजूद उक्त बहाली में उन्हें प्राथमिकता नहीं दी गई. [wpse_comments_template]

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