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किरीबुरु : सेल अस्पताल में महिला की मौत से सेलकर्मियों में आक्रोश

 
Kiriburu (Shailesh Singh) : एटक किरीबुरु इकाई के सचिव जगमोहन सामड की मां लीलमणि सामड (78 वर्ष) की इलाज के दौरान सेल के किरीबुरु-मेघाहातुबुरु जेनरल अस्पताल में 28 अप्रैल की शाम मौत हो गई. इसके बाद सेलकर्मियों में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है. परिजनों ने शव ले जाने से इनकार कर दिया. बाद में अधिकारियों के समझाने पर शव को उठाया गया. दूसरी ओर, स्थिति की गंभीरता को देखते हुये अस्पताल प्रांगण में अतिरिक्त सीआईएसएफ एवं झारखंड पुलिस के जवानों की तैनाती कर दी गई है. बाद में सीजीएम कमलेश राय से फोन पर वार्ता एवं वरिष्ठ प्रबंधक रमेश कुमार सिन्हा के अस्पताल आकर आक्रोशित सेलकर्मियों को समझाने के बाद शव को शाम लगभग 7 बजे अस्पताल से ले जाया गया. इस दौरान आक्रोशित सेलकर्मी प्रबंधन से अस्पताल की व्यवस्था को सुधारने, अन्यथा बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी. इसे भी पढ़ें : हमेशा">https://lagatar.in/always-consider-yourself-successful-dr-rajesh-arora/">हमेशा

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घटना के बाबत जगमोहन सामड ने कहा कि उनकी मां की तबीयत अचानक खराब होने के बाद सेल के गुवा अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वहां स्थिति बिगड़ने के बाद चिकित्सक ने तत्काल बडे़ अस्पताल ले जाने की बात कही. उसके बाद हमने किरीबुरु अस्पताल के सीएमओ डॉ कुमार से सम्पर्क कर बडे़ अस्पताल में तत्काल रेफर करने को कहा, लेकिन डॉ कुमार ने ऐसा नहीं कर गुवा अस्पताल में हुए इलाज का ब्योरा मंगवाया. उन्होंने रिपोर्ट देखने के बाद मरीज को किरीबुरु लाने को कहा. मरीज को गुवा से किरीबुरु अस्पताल 27 अप्रैल की रात लगभग 8 बजे लाया गया. सुबह लैब का मशीन खराब होने की वजह से मरीज की रक्त नहीं हो पाई और शुक्रवार की शाम लगभग 3.30 बजे चिकित्सकों की लापरवाही से मौत हो गई. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-roshan-singh-in-cable-basti-and-mo-in-hayatnagar-miscreants-shot-irshad/">जमशेदपुर

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अस्पताल के बाहर मौजूद अन्य सेलकर्मियों ने बताया कि चिकित्सकों के बीच का विवाद व अलग-अलग गुटबाजी की वजह से यह अस्पताल खुद मृत हालत में पहुंच गया है. यहां इलाज कराने से मरीज डरते हैं. यहां डायग्नोसिस व विशेषज्ञ चिकित्सक की भारी कमी है. इस मामले में सीएमओ डॉ एम कुमार, डॉ पीआर सिंह ने बताया कि मरीज की मौत में चिकित्सकों की कोई लापरवाही नहीं है. मृतका बीते पांच दिनों से गुवा अस्पताल में भर्ती थी. कल स्थिति बिगड़ने पर रात में लाया गया था. मरीज किडनी, हार्ट, उच्च रक्तचाप, मधुमेह समेत अन्य गंभीर बीमारी से ग्रसित थी. उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की गई. शुक्रवार की सुबह मरीज को रेफर कर एम्बुलेंस की भी व्यवस्था कर दी गई थी. लेकिन इसी दौरान उनका हार्टबीट तेज हुआ और अचानक मौत हो गई. कोई चिकित्सक नहीं चाहता है कि मरीज की मौत हो. [wpse_comments_template]
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