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किरीबुरु : प्रतिबंधित सिरप कारोबार का उद्भेदन से मौलानगर के लोग खुश

 
  • ड्रग्स माफिया की कमर तोड़ने हेतु मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग
Kiriburu (Shailesh Singh) : प्रतिबंधित WINCEREX कफ सिरफ के रुप में देश का भविष्य कहे जाने वाले युवाओं को नशाखोरी से बर्बाद करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने वाली हाटगम्हरिया पुलिस की कार्यवाही से सबसे ज्यादा खुश जगन्नाथपुर के मौलानगर के लोग हैं. यहां के अनेक लोगों ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि हमारे यहां हमेशा विभिन्न वाहनों से उक्त सिरप की पेटियां उतारी जाती थी एवं यहां से कुछ लोग गलत कारोबार कर युवाओं को नशाखोरी के दलदल में फंसा रहे थे. हमलोग चाहकर भी विरोध नहीं कर पा रहे थे. इन्होंने बताया कि यह काफी गलत कार्य हो रहा था. इसे भी पढ़ें : लापुंग">https://lagatar.in/lapung-young-man-brutally-murdered-in-ghaghari-forest-crushed-with-stone-and-then-both-eyes-gouged-out/">लापुंग

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इसमें हमारी बस्ती के बच्चों के अलावे विभिन्न शहरों व बस्तियों के बच्चे बर्बाद हो रहे थे. बच्चे जब नशाखोरी के दलदल में फंस जाते हैं तो उनके अभिभावकों पर क्या गुजरती है, समाज में क्या बदनामी होती है. इससे ड्रग्स माफियाओं को कोई लेना नही होता. उन्हें तो बस बच्चे मरते व बर्बाद होते रहे लेकिन उनका जेब अवैध कमाई से भरता रहे. लोगों ने बताया कि नशा के इस कारोबार में शामिल जो लोग भी जिस थाना क्षेत्र के शामिल हैं, उसकी निष्पक्ष जांच कर उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जानी चाहिए. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/ranchi-jharkhands-revenue-increases-by-seven-percent-due-to-gst/">रांची

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हालांकि इसमें तीन राज्य बिहार, झारखण्ड व ओडि़सा के ड्रग्स माफिया शामिल है. इसलिये सरकार को इस मामले की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंप देनी चाहिए. सबसे जरुरी है कि नशा से युवाओं को बर्बाद करने वाली उक्त सिरफ कहाँ और किस फैक्ट्री में बन रही है, उसे बिना कागजात व जीएसटी के कैसे अवैध तरीके से बिहार से झारखण्ड होते ओडि़सा तक भेजा जा रहा है, कितने माफिया शामिल हैं, इन सबका पर्दाफाश होना चाहिये. सिर्फ एक वाहन पकड़ व कुछ को पकड़ जेल भेज देने से यह अवैध कारोबार रूकने वाला नही है. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/ranchi-ed-raid-at-cms-press-advisors-residence-ends-after-14-hours/">रांची

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लोगों ने बताया कि सिर्फ जगन्नाथपुर के मौलानगर व जैतगढ़ में करोड़ों रुपये की उक्त सिरप की पेटी वाहनों से उतारी जाती थी. जगन्नाथपुर बाजार में खुलेआम कुछ युवा उक्त सिरप को पकडे़ नशा में मदमस्त देखे जाते थे. लेकिन ड्रग माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही नहीं होती थी. पहले भी दो बार इस सिरप के साथ कुछ लोगों को पकड़ जेल भेजा गया था. लेकिन मामले की जांच आगे नहीं बढा़ई गई थी. जिससे माफियाओं का वर्चस्व निरंतर कायम रहा. उल्लेखनीय है कि बीते दिनों हाटगम्हरिया पुलिस ने बिहार से जगन्नाथपुर, जैतगढ़, नोवामुण्डी, बडा़जामदा व चम्पुआ भेजी जा रही उक्त सिरप लदा बोलेरो पिकअप वाहन को 50 पेटी सिरप जिसमें 6 हजार बोतलें थी को वाहन के चालक के साथ पकडा़ था. इसका मुख्य सरगना बिहार का निवासी तथा अन्य माफिया उक्त शहरों के हैं. [wpse_comments_template]
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