Kiriburu (Shailesh Singh) : बकरीद पर्व के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने किरीबुरु स्थित मस्जिद में सुबह लगभग 7.30 बजे बकरीद की नमाज अदा की. मस्जिद के मौलाना नौसाद ने सभी को नमाज अदा कराई. नमाज के बाद सभी ने आपसी प्रेम व भाईचारें के साथ एक-दूसरे से गले मिल बकरीद की बधाईयां दी. हालांकि नमाज अदा करने के दौरान वर्षा होने की वजह से नमाजियों को मस्जिद आने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा. मस्जिद प्रांगण में बैठे दर्जनों गरीब बच्चों को मुस्लिम भाईयों ने दान स्वरूप पैसे दिये तथा सभी धर्म व समुदाय के लोगों के साथ आपसी प्रेम व भाईचारे के साथ रहकर एक-दूसरे को निरंतर सहयोग करने की बात कही. इसे भी पढ़ें :चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-snake-bites-seven-people-in-four-days-three-die/">चाईबासा
: चार दिनों में सांप ने सात लोगों को डंसा, तीन की मौत
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alt="" width="600" height="513" /> वर्षा में भींग कर नमाज पढ़ने जाता बच्चा.[/caption] मुस्लिम धर्म के लोगों ने कहा कि किरीबुरु-मेघाहातुबुरु शहर के लोग जिस प्रकार से एक परिवार की तरह रहते हैं इस माहौल को कोई भी खराब नहीं कर सकता है. नमाज के दौरान किरीबुरु थाना पुलिस द्वारा मस्जिद प्रांगण के चारों तरफ सुरक्षा के व्यापक व्यवस्था की गई थी. उल्लेखनीय है कि इस्लामिक मान्यता के अनुसार ईद-उल-अजहा के दिन अल्लाह के हुक्म पर हजरत इब्राहिम अपने पुत्र हजरत इस्माइल की कुर्बानी अल्लाह की राह में देने जा रहे थे. लेकिन अल्लाह ने उसी समय हजरत इस्माइल की जगह एक बकरे को रख दिया. इससे हजरत इस्माइल को जीवनदान मिल गया. उन्हीं की याद में बकरीद का पर्व मनाया जाता है. [wpse_comments_template] फोटोः- मस्जिद में नमाज अदा करते लोग तथा वर्षा में भीग कर नमाज पढ़ते जाता नन्हा बच्चा।
: चार दिनों में सांप ने सात लोगों को डंसा, तीन की मौत
मस्जिद प्रांगण के चारों तरफ कड़ी सुरक्षा
[caption id="attachment_353700" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="513" /> वर्षा में भींग कर नमाज पढ़ने जाता बच्चा.[/caption] मुस्लिम धर्म के लोगों ने कहा कि किरीबुरु-मेघाहातुबुरु शहर के लोग जिस प्रकार से एक परिवार की तरह रहते हैं इस माहौल को कोई भी खराब नहीं कर सकता है. नमाज के दौरान किरीबुरु थाना पुलिस द्वारा मस्जिद प्रांगण के चारों तरफ सुरक्षा के व्यापक व्यवस्था की गई थी. उल्लेखनीय है कि इस्लामिक मान्यता के अनुसार ईद-उल-अजहा के दिन अल्लाह के हुक्म पर हजरत इब्राहिम अपने पुत्र हजरत इस्माइल की कुर्बानी अल्लाह की राह में देने जा रहे थे. लेकिन अल्लाह ने उसी समय हजरत इस्माइल की जगह एक बकरे को रख दिया. इससे हजरत इस्माइल को जीवनदान मिल गया. उन्हीं की याद में बकरीद का पर्व मनाया जाता है. [wpse_comments_template] फोटोः- मस्जिद में नमाज अदा करते लोग तथा वर्षा में भीग कर नमाज पढ़ते जाता नन्हा बच्चा।
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