: नियोजन नीति के खिलाफ झारखंड बंद अब 19 अप्रैल को
गुड फ्राइडे के दिन ईसा मसीह को चढ़ाया गया था सूली पर
[caption id="attachment_603102" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="200" /> कब्रिस्तान में कब्र पूजा में शामिल ईसाई समुदाय के लोग.[/caption] ईस्टर से पूर्व शुक्रवार को ईसाई समुदाय के लोगों ने गुड फ्राइडे मनाया था. गुड फ्राइडे कैलवरी में ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाने के कारण हुई मृत्यु के कारण मनाया जाता है. इस दिन शहर के चर्चों से सजावट की वस्तुएं हटा ली गई थी.कपडे़ से ढक दिया गया था. इस पर्व की तैयारी चालीस दिन पहले ही आरम्भ कर दी गई थी. गुड फ्राइडे को शाकाहारी और सात्विक भोजन करते है ईसाई समुदाय के लोगों ने. ईसा मसीह ने पूरे जीवन अपने अनुयायियों को भाईचारा, एकता, मानवता और शांति का सन्देश दिया. इसे भी पढ़ें :आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-strategy-made-to-solve-the-problem-of-water-supply-in-summer/">आदित्यपुर
: गर्मी में जलापूर्ति की समस्या दूर करने की बनी रणनीति ईसा मसीह लोगों में ईश्वर के प्रति आस्था जगाने का कार्य कर रहे थे. ईसा मसीह स्वयं को ईश्वर का पुत्र मानते थे. धर्मगुरुओं ने ईसा को ईश्वर पुत्र बताने को भारी पाप करार दिया. वहां के शासक ने ईसा को क्रूस पर लटका कर अनेक यातनाएं देने का आदेश कर दिया. इन यातनाओं से उनकी मृत्यु हो गयी. इनकी मृत्यु के कारण ही ईसाई धर्म के अनुयायी 40 दिन तक शोक मनाते हैं. यह घटना फ्राइडे के दिन घटित हुई थी इसलिए इसे गुड फ्राइडे के नाम से जाना जाता है. ईसाई धर्म गुरुओं के अनुसार फ्राइडे के बाद रविवार को ईसा मसीह दोबारा जीवित हो जाते है. इसी की खुशी में ईस्टर या ईस्टर रविवार आज मनाया गया. इसे भी पढ़ें :मनोहरपुर">https://lagatar.in/manoharpur-jharkhand-bandh-against-planning-policy-now-on-april-19/">मनोहरपुर
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