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alt="" width="750" height="338" /> आज ऐसा ही नजारा सारंडा के सैकड़ों लोग, पुलिस-प्रशासन और विभिन्न कंपनियों के अधिकारी देख मंत्र-मुग्ध हो गये. सभी की जुबान से एक ही आवाज निकली, इस खूबसूरती को किसी की नजर नहीं लगे. सरकार व समाज इस खूबसूरती को बचाने की हरसंभव कोशिश करे और सारंडा को पर्यटन स्थल का ताज पहनाये. सारंडा में ऐसे कई अनोखे स्थान हैं जहां की खूबसूरती बस देखते ही बनती है. पर्यटन की दृष्टि से यह स्थान काफी समृद्ध है. ऐसे में अगर आप खूबसूरत झरनों, पहाड़ों और घने जंगलों में घूमने के शौकीन हैं तो सारंडा के जंगल आपके लिए उपयुक्त जगह है. प्रकृति के अद्भूत नजारे से भरपूर 700 पहाड़ियों एवं घने जंगलों का यह विहंगम दृश्यों और रोमांच से भरा है.
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: पुलिस ने स्कूली बच्चों के साथ निकाली रैली, साइबर क्राइम के प्रति किया जागरूक सारंडा का शाब्दिक अर्थ सात सौ पहाड़ियां हैं. झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित सारंडा लगभग 820 वर्ग किलोमीटर में फैला सघन वन है. खामोशी में डूबे इस जंगल में हरियाली और खूबसूरती का बेजोड़ मेल देखने को मिलता है. ऊँचे, छांवदार, फलदार अनगिनत पेड़ों का वर्चस्व यहां कुछ ऐसा था कि सूरज की किरणें भी धरती पर नहीं पहुंच पाती थी. वहीं पलाश एवं गुलमोहर के सुर्ख लाल फूल जब यहां की धरती को छूते हैं तो लगता है किसी ने लाल कालीन बिछा दी हो. इन सबके अलावे वर्षांत के मौसम में सारंडा का नजारा बिल्कुल ही अलग हो जाता है अर्थात् यहां पेड़-पौधों को अपनी आगोश में लेते तथा शरीर के पास से गुजरते बादल और घने कोहरे का डेरा सारंडा की खूबसूरती को चार चांद लगाती है. [wpse_comments_template]

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