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किरीबुरु : सारंडा को नक्सल मुक्त करने के लिए तिरिलपोसी में बनाया जा रहा पुलिस कैंप

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Kiriburu (Shailesh Singh) : सारंडा में लंबे अर्से बाद एक बार फिर नयी रणनीति के तहत पैर जमा रहे भाकपा माओवादी नक्सलियों को सारंडा से खदेड़ भगाने हेतु पुलिस ने सुरक्षा घेरा मजबूत करना प्रारम्भ कर दिया है. पुलिस सारंडा को नक्सलियों से पुरी तरह से मुक्त कराकर रखना चाहती है. इसी वजह से सारंडा के जराईकेला थाना अन्तर्गत तिरिलपोसी में पुलिस व सीआरपीएफ की निगरानी में नया कैम्प स्थापित किया जा रहा है. इसकी पुष्टि कोल्हान डीआईजी अजय लिंडा ने की है. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/ranchi-bike-rider-dies-after-being-hit-by-bus-in-namkum/">रांची

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उल्लेखनीय है कि सारंडा वर्ष 2001 से नक्सलियों का गढ़ रहा है. बाद में यह नक्सलियों का इआरबी जोन का मुख्यालय बनाया गया. यहां एक करोड़ का ईनामी नक्सली नेता प्रशांत बोस, शिला दी, मिसिर बेसरा, विवेक आदि के अलावे संदीप, निर्भय, अनमोल, मोछू, कांडे होनहागा, अनल दा जैसे बडे़ खूंखार नक्सली रहते थे. वर्ष 2011 में आपरेशन ऐनाकोंडा चलाकर पुलिस ने न सिर्फ सारंडा से नक्सलियों को खदेडा़, बल्कि सारंडा के थोलकोबाद, जुम्बईबुरु, करमपदा, किरीबुरु, मुर्गापाडा़, सैडल, छोटानागरा, दीघा, कलियपोश, रोवाम, टीमरा, जराईकेलादि स्थानों पर स्थाई कैंप लगाकर उनके गतिविधियां को खत्म कर दिया था. इतने कैंप सारंडा में लगाये जाने के बावजूद सारंडा के ग्रामीण लंबे समय से तिरिलपोसी, मारंगपोंगा, नवागांव में तीन और कैम्प लगाने की मांग कर रहे थे. लेकिन तब पुलिस से इसे गंभीरता से नहीं लिया. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-bjp-did-not-accept-madhu-with-geeta-that-is-why-geeta-could-not-come-to-the-party-singhdev/">आदित्यपुर

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अब जब कोल्हान में पुलिस आपरेशन के बाद भागकर जब नक्सली पुनः सारंडा में सक्रिय होकर पैर जमाने लगे तब पुलिस ने भी अपनी पूर्व की गलतियों से सीख लेकर तिरिलपोसी में कैंप स्थापित करना प्रारम्भ कर दिया है. ग्रामीण तिरिलपोसी के अलावे मारंगपोंगा व नयागांव क्षेत्र में भी एक एक कैंप लगाने की मांग दबी जुबान कर रहे है. ताकि नक्सलियों की गतिविधियां को पुरी तरह से नियंत्रित व सारंडा को नक्सल मुक्त करने में आसानी हो. बीते दिनों नक्सलियों ने समठा गांव निवासी अपने पुराने साथी नेल्शन भेंगरा की हत्या पुलिस मुखबिरी के आरोप में कर दिया था. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-wall-of-prisoner-ward-of-mgm-hospital-collapsed-created-chaos/">जमशेदपुर

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उस दिन कोल्हान डीआईजी अजय लिंडा स्वयं पुलिस टीम के साथ तिरिलपोसी में मौजूद थे. अजय लिंडा वर्ष 2011 में नक्सलियों के खिलाफ अब तक का सबसे बडा़ चलाय गया औपरेशन ऐनाकोंडा का नेतृत्व भी बतौर प्रशिक्षु आईपीएस सह किरीबुरु के एसडीपीओ किये थे. उस वक्त नक्सलियों ने थोलकोबाद में अजय लिंडा की टीम पर एलएमजी जैसे हथियार से फायर झोंका था. इस हमले में अजय लिंडा बाल बाल बच गये थे. इसे भी पढ़ें : पश्चिम">https://lagatar.in/west-bengal-mob-stripped-three-sadhus-and-beat-them-brutally-bjp-surrounded-mamata-banerjee/">पश्चिम

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किरीबुरु : जोजोगुटू का जलमीनार रख-रखाव के अभाव में खराब

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alt="" width="600" height="400" /> Kiriburu (Shailesh Singh) : सेल की गुआ प्रबंधन द्वारा सीएसआर योजना के तहत जोजोगुटू गांव में निर्मित पेयजल आपूर्ति योजना का लाभ ग्रामीणों की अपनी लापरवाही की वजह से नहीं मिल पा रहा है. उल्लेखनीय है कि सेल की गुआ प्रबंधन ने अपने खदान से प्रभावित जोजोगुटू गांव के ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु लगभग 4 वर्ष पूर्व विशेष कार्य किया था. इसके तहत स्कूल पास डीप बोरिंग कराकर उसमें समरसेबल पंप डाल तथा पानी टंकी स्थापित कर 24 घंटे शुद्ध पानी की व्यवस्था की थी. लेकिन इस पानी टंकी में लगे नलों को गांव के बच्चों द्वारा निरंतर तोड़ देने, समरसेबल पंप का विद्युत कनेक्शन नाली निर्माण के दौरान कट जाने की वजह से इसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है. इसे भी पढ़ें : पश्चिम">https://lagatar.in/west-bengal-mob-stripped-three-sadhus-and-beat-them-brutally-bjp-surrounded-mamata-banerjee/">पश्चिम

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इन छोटी सी समस्या को ग्रामीण स्वतः दूर कर लें तो लोगों को शुद्ध पानी मिलना प्रारम्भ हो जायेगा. जोजोगुटू गांव मलेरिया प्रभावित कोर जोन में है. प्रतिवर्ष यह गांव मलेरिया से बुरी तरह प्रभावित रहता है. मलेरिया से कई ग्रामीणों की जान जा चुकी है. शुद्ध पेयजल की समस्या से भी पहले जूझते रहती थी. लेकिन बाईहातु जलमीनार से इस गांव में प्रतिदिन पेयजल आपूर्ति हो रही है जिससे समस्या थोडा़ कम है. फिर भी सेल द्वारा स्थापित जलमीनार को ठीक कर देने से सालों भर लोगों को शुद्ध पानी मिलता रहेगा. इसके अलावे विधायक निधि से निर्मित स्ट्रीट लाईट भी वर्षो से खराब पडा़ हुआ है. जिससे ग्रामीणों की रात के समय भारी परेशानी होती है. [wpse_comments_template]

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