Kiriburu (Shailesh Singh) : पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर के निर्देशानुसार सीआरपीएफ एवं झारखंड पुलिस के अधिकारी व जवानों ने कोल्हान रिजर्व वन क्षेत्र अन्तर्गत नक्सल प्रभावित गोईलकेरा,
टोंटो एवं
गुवा सीमान्त थाना क्षेत्रों के जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ सघन सर्च अभियान
चलाया. इस अभियान में पुलिस को विशेष सफलता हाथ नहीं
लगी. मिली जानकारी के अनुसार पुलिस की मजबूत घेराबंदी से घबराकर नक्सली अपने पुराने शरणस्थली व
पहाड़ियों से स्थायी कैंपों को
छोड़ पीछे भाग रहे
हैं. पुलिस को यह जानकारी मिली थी कि नक्सली उक्त तीनों थाना सीमांत क्षेत्र के जंगल अर्थात पाटूंग, अगरवां, रेला, पराल, कारा-खजुरिया क्षेत्र के जंगलों में भागकर आये हो सकते
हैं. [caption id="attachment_573639" align="aligncenter" width="600"]

https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/03/Kiriburu-Search-1.jpg"
alt="" width="600" height="400" /> जंगल में नक्सलियों के सोने का बेड की फाईल तस्वीरें.[/caption]
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इसी के मद्देनजर पुलिस व सीआरपीएफ की अलग-अलग टीम बनाकर उच्च अधिकारियों के नेतृत्व में जवानों को सारंडा क्षेत्र के जंगल के रास्ते
रोवाम होते हुए उक्त क्षेत्रों में 5 मार्च की सुबह लगभग डेढ़-दो बजे भेजा
गया. सारे जवान अपनी रणनीति के तहत घोर अंधेरा में उक्त जंगल क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाते
रहे. जब कोई सफलता हाथ नहीं लगी तो जवान वापस लौट
आए. पुलिस की रात से जारी इस ऑपरेशन से उक्त क्षेत्र के नक्सलियों व ग्रामीणों में खलबली मची हुई
है. पुलिस और जंगल में आग से परेशान हैं
नक्सली. नक्सली चलायमान जीवन बिताने को मजबूर
हैं. सूत्रों के अनुसार वह एक स्थान पर ठहर नहीं रहे हैं तथा प्रतिदिन स्थान को बदल रहे
हैं. [wpse_comments_template]
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