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किरीबुरू : सारंडा के घाटकुड़ी उत्क्रमित मध्य विद्यालय के प्राचार्य पिछले छह वर्षों से नहीं आ रहे स्कूल, अधर में बच्चों का भविष्य

Kiriburu (Shailesh Singh) : सारंडा के गंगदा पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय घाटकुड़ी के प्राचार्य पिछले लगभग छह वर्षों से विद्यालय में ही नहीं आये हैं. इसका खुलासा विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक में हुआ है. सोमवार को मुखिया सुखराम उर्फ राजू सांडिल की अध्यक्षता में आयोजित उक्त बैठक में उपस्थित विद्यालय के बच्चों एंव ग्रामीणों ने इसकी जानकारी दी. ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय के प्राचार्य सिपुन कुमार गिरी के स्कूल नहीं आने से बच्चों की शिक्षा व मध्याह्न भोजन व्यापक रुप से प्रभावित हुई है. बच्चों ने बताया कि प्राचार्य की निरंतर अनुपस्थित रहने के कारण मध्याह्न भोजन भी मीनू अनुसार तथा नियमित नहीं मिलता.
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alt="" width="545" height="363" /> घाटकुड़ी स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय[/caption]

प्राचार्य ने फोन पर मुखिया से किया दुर्व्यवहार

बच्चों व अभिभावकों की शिकायत पर जब मुखिया राजू सांडिल ने प्राचार्य को फोन कर यह जानकारी लेनी चाही कि आखिर किन वजहों से आप पिछले छः वर्षों से स्कूल नहीं आ रहे हैं, तथा आपकी हाजिरी कैसे बन रही है और आपको वेतन कैसे मिल रहा है. जबाब में सिपुन कुमार गिरी ने मुखिया राजू सांडिल से कहा कि ये सवाल पूछने वाले तुम कौन होते हो. इसके बाद प्राचार्य ने फोन काट दिया. इस घटना व शिक्षक गिरी के बर्ताव से वहाँ मौजूद बच्चे व ग्रामीण हतप्रभ रह गये.
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कार्रवाई के लिए शिक्षा मंत्री को लिखेंगे पत्र : मुखिया

मुखिया राजू सांडिल ने बताया कि प्राचार्य सिपुन कुमार गिरी से जुड़े मामले की उच्च स्तरीय जाँच कराकर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा मंत्री, डीएसई, बीईओ आदि अधिकारियों को पत्र लिखा जायेगा. उन्होंने कहा कि यह ग्रामीण व गरीब बच्चों के भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़ का भी मामला है. तमाम विद्यालयों के शिक्षकों को आगाह किया गया है कि वह नियमित रुप से स्कूल में बच्चों को पढ़ाने आए व मीनू अनुसार मध्याह्न भोजन बच्चों को दें. इस दौरान बिरंची चाम्पिया, मंगल चाम्पिया, बुधनी चाम्पिया, मंगल कुम्हार, प्रधान चाम्पिया, जमादार चाम्पिया, मन्नु चाम्पिया आदि दर्जनों ग्रामीण व बच्चे मौजूद थे. [wpse_comments_template]

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