- ओड़िसा प्रशासन मूकदर्शक बनी
: टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को इंडस्ट्रियल व सोशल पीस के लिए सर जहांगीर घांदी मेडल उल्लेखनीय है कि हजारों वाहन पास के खदानों से लौह अयस्क की लोडिंग व स्पंज आयरन प्लांट में कोयला अनलोडिंग का कार्य करती है. दिन में ये वाहनें लौह अयस्क की लोडिंग कर इस सड़क के उपर दोनों किनारे वाहन खडी़ कर देती है. सभी वाहनों को अन्यत्र खड़ी करने हेतु खदान प्रबंधन तथा ओड़िसा प्रशासन द्वारा बेहतर व्यवस्था नहीं की गई है. जिस कारण दोनों तरफ से छोटी वाहने भी आ जाये तो वह एक-दूसरे को पार नहीं कर सकती. ऐसी स्थिति में दोनों तरफ निरंतर लंबी जाम लग जाती है. यह सड़क निर्माणाधीन है. अर्थात कुछ दूरी तक सड़क बना हुआ है जबकि बाकी हिस्सों में बडे़ बडे़ गड्ढे हैं. इस कारण भी वाहनों को पार करने में दिक्कतें होती है. इसे भी पढ़ें : जमानत">https://lagatar.in/conditions-imposed-while-granting-bail-should-not-be-difficult-unreasonable-or-excessive-jharkhand-hc/">जमानत
देते समय लगायी गयीं शर्तें कठिन, अनुचित या अत्यधिक नहीं होनी चाहिए : झारखंड HC सड़क पर दिन भर दोनों तरफ खाली अथवा लोड वाहन खड़ा करना अपराध की श्रेणी में आता है. लेकिन जब ओडि़सा प्रशासन हीं इसका समाधान नहीं निकाल मूक दर्शक बनी रहे तो ऐसा अपराध वाहन मालिक निरंतर करते हुये आम जनता व यात्रियों को परेशानी में डालते रहेंगे. सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है जब बडा़जामदा क्षेत्र के लोग आपात स्थिति में गर्भवती महिला को या अन्य मरीजों को इलाज हेतु ओड़िसा के अस्पतालों में सुरक्षित डिलीवरी अथवा इलाज हेतु ले जाते हैं एवं उस मरीज या महिला को ले जाने वाली वाहन इस जाम में घंटों फंस जाती है, जो चाह कर भी निकल नहीं पाती है. इस स्थिति में मरीजों की जान खतरे में पड़ जाती है. लोगों ने कहा कि ओडिसा प्रशासन इस समस्या से झारखण्ड व ओड़िसा की जनता व यात्रियों को मुक्ति दिलाये. [wpse_comments_template]
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