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किरीबुरू : बाईहातु जल मीनार और दोदारी जलमीनार से लाल पानी की हो रही सप्लाई

Kiriburu (Shailesh Singh) : माननीय मुख्यमंत्री जी एवं पेयजल तथा स्वच्छता विभाग के मंत्री जी, पश्चिम सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड अन्तर्गत छोटानागरा पंचायत के बाईहातु जल मीनार से छोटानागरा पंचायत के 10 गांवों में तथा गंगदा पंचायत के दोदारी जलमीनार से हो रही शुद्ध पेयजल आपूर्ति योजना के तहत हमें मिल रही सप्लाई पानी का एक ग्लास पानी पी कर अथवा एक बाल्टी पानी से स्नान कर दिखा दें तो हम सभी गांवों के ग्रामीण इस पानी का इस्तेमाल पीने व अन्य कार्य में करने लगेंगे. अगर आप नहीं पी सकते हैं तो इस पानी को सप्लाई करने व कराने वाले विभागीय अधिकारी से लेकर एजेंसी के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई कर अपनी नेक नियति का परिचय दें. उक्त बाते छोटानागरा एवं गंगदा पंचायत के जोजोगुटू निवासी सह सारंडा पीढ़ के मानकी लागुड़ी देवगम, मुंडा कुशु देवगम, पूर्व मुखिया देवेन्द्र देवगम, गंगदा पंचायत के मुखिया राजू सांडिल, मंगल कुम्हार समेत विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने लगातार न्यूज से बातचीत में कही. [caption id="attachment_355025" align="aligncenter" width="360"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/WhatsApp-Image-2022-07-11-at-3.37-360x180.jpg"

alt="" width="360" height="180" /> लगातार न्यूज को समस्या बताते मानकी, मुंडा, मुखिया आदि प्रभावित गांव के ग्रामीण.[/caption] [caption id="attachment_355043" align="aligncenter" width="360"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/WhatsApp-Image-2026662-07-11-at-3.37-360x180.jpg"

alt="" width="360" height="180" /> गांवों में हो रही लाल पानी की सप्लाई की तस्वीर.[/caption] इसे भी पढ़े : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-fair-price-shop-dealers-association-raised-the-demand-to-increase-the-commission-and-give-50-thousand-monthly-honorarium/">जमशेदपुर

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उक्त लोगों ने बाईहातु जलमीनार से पानी सप्लाई करने वाले एजेंसी व कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाया की वह वर्षा के मौसम में पूरी तरह से लाल व प्रदूषित हो चुकी कोयना नदी का पानी को मोटर व पंप के सहारे खिंच कर बाईहातु स्थित वाटर ट्रिटमेंट प्लांट में साफ किये बगैर सीधे सप्लाई कर दे रहे हैं. जब वर्षा होती है तो नदी का पानी लाल हो जाता है और लाल पानी ही लोगों के घरों में सप्लाई होता है. मौसम व नदी का पानी के रंग के अनुसार हीं लोगों के घरों में पानी की आपूर्ति की जाती है. न कि पानी को फिल्टर करके. यही स्थिति गंगदा पंचायत के दोदारी जल मीनार का भी है.

लगभग आठ करोड़ की लागत से दो लाख पांच हजार लीटर क्षमता वाला जलमीनार का हुआ है निर्माण

सारंडा के छोटानागरा पंचायत अंतर्गत बाईहातु गाँव में डीएमएफटी फंड से लगभग आठ करोड़ की लागत से लगभग दो लाख पांच हजार लीटर क्षमता वाला जलमीनार एवं डब्ल्यूपीटी का निर्माण के अलावे जोजोगुटु गाँव के समीप कोयना नदी में इन्टेक वेल (कुँआ) का निर्माण हुआ है. जलमीनार से फिल्टर पानी को छोटानागरा पंचायत के दस गांव छोटानागरा, बाईहातु, जोजोगुटु, तितलीघाट, बहदा, राजाबेड़ा, जामकुन्डिया, दुबिल, बढु़ईया एवं सोनापी में भेजा जाता है.

गंगदा पंचायत के दोदारी गाँव स्थित जलमिनार का भी लगभग यही हाल है

दूसरी तरफ गंगदा पंचायत के दोदारी गाँव स्थित जलमिनार अथवा पेयजल आपूर्ति योजना से गंगदा पंचायत के गंगदा, दुईया, सलाई, घाटकुड़ी, टिमरा, राडुवा, मम्मार, हिनुआ, कासिया-पेचा, सोदा, चुर्गी, दोदारी, रोवाम, कुम्बिया अर्थात चौदह गाँव के ग्रामीणों को सीधे शुद्ध पेयजल मिलना है. योजना का श्रोत- कोयना नदी जिसके इंटेक वेल में 20 एचपी का मोटर लगाया गया है से पेयजल आपूर्ति होना है. लेकिन कुछ गांवों को छोड़ बाकी गांवों में पाईप लाईन तक नहीं बिछा है जिससे सभी गांवों में पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है. ज्ञात हो कि नक्सल प्रभावित सारंडा के छोटानागरा एवं गंगदा पंचायत के ग्रामीण ऐसे पानी पीकर निरंतर बीमार हो रहे हैं एवं ऐसा पानी पीने अथवा इससे नहाने के लिये झारखण्ड के मुख्यमंत्री तक को चुनौती दी है. [wpse_comments_template]

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