alt="" width="360" height="180" /> लगातार न्यूज को समस्या बताते मानकी, मुंडा, मुखिया आदि प्रभावित गांव के ग्रामीण.[/caption] [caption id="attachment_355043" align="aligncenter" width="360"]
alt="" width="360" height="180" /> गांवों में हो रही लाल पानी की सप्लाई की तस्वीर.[/caption] इसे भी पढ़े : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-fair-price-shop-dealers-association-raised-the-demand-to-increase-the-commission-and-give-50-thousand-monthly-honorarium/">जमशेदपुर
: फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन ने कमीशन बढ़ाने व 50 हजार मासिक मानदेय देने की उठाई मांग उक्त लोगों ने बाईहातु जलमीनार से पानी सप्लाई करने वाले एजेंसी व कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाया की वह वर्षा के मौसम में पूरी तरह से लाल व प्रदूषित हो चुकी कोयना नदी का पानी को मोटर व पंप के सहारे खिंच कर बाईहातु स्थित वाटर ट्रिटमेंट प्लांट में साफ किये बगैर सीधे सप्लाई कर दे रहे हैं. जब वर्षा होती है तो नदी का पानी लाल हो जाता है और लाल पानी ही लोगों के घरों में सप्लाई होता है. मौसम व नदी का पानी के रंग के अनुसार हीं लोगों के घरों में पानी की आपूर्ति की जाती है. न कि पानी को फिल्टर करके. यही स्थिति गंगदा पंचायत के दोदारी जल मीनार का भी है.
लगभग आठ करोड़ की लागत से दो लाख पांच हजार लीटर क्षमता वाला जलमीनार का हुआ है निर्माण
सारंडा के छोटानागरा पंचायत अंतर्गत बाईहातु गाँव में डीएमएफटी फंड से लगभग आठ करोड़ की लागत से लगभग दो लाख पांच हजार लीटर क्षमता वाला जलमीनार एवं डब्ल्यूपीटी का निर्माण के अलावे जोजोगुटु गाँव के समीप कोयना नदी में इन्टेक वेल (कुँआ) का निर्माण हुआ है. जलमीनार से फिल्टर पानी को छोटानागरा पंचायत के दस गांव छोटानागरा, बाईहातु, जोजोगुटु, तितलीघाट, बहदा, राजाबेड़ा, जामकुन्डिया, दुबिल, बढु़ईया एवं सोनापी में भेजा जाता है.गंगदा पंचायत के दोदारी गाँव स्थित जलमिनार का भी लगभग यही हाल है
दूसरी तरफ गंगदा पंचायत के दोदारी गाँव स्थित जलमिनार अथवा पेयजल आपूर्ति योजना से गंगदा पंचायत के गंगदा, दुईया, सलाई, घाटकुड़ी, टिमरा, राडुवा, मम्मार, हिनुआ, कासिया-पेचा, सोदा, चुर्गी, दोदारी, रोवाम, कुम्बिया अर्थात चौदह गाँव के ग्रामीणों को सीधे शुद्ध पेयजल मिलना है. योजना का श्रोत- कोयना नदी जिसके इंटेक वेल में 20 एचपी का मोटर लगाया गया है से पेयजल आपूर्ति होना है. लेकिन कुछ गांवों को छोड़ बाकी गांवों में पाईप लाईन तक नहीं बिछा है जिससे सभी गांवों में पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है. ज्ञात हो कि नक्सल प्रभावित सारंडा के छोटानागरा एवं गंगदा पंचायत के ग्रामीण ऐसे पानी पीकर निरंतर बीमार हो रहे हैं एवं ऐसा पानी पीने अथवा इससे नहाने के लिये झारखण्ड के मुख्यमंत्री तक को चुनौती दी है. [wpse_comments_template]

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