Kiriburu (Shailesh Singh) : सारंडा स्थित
छोटानागरा पंचायत के नक्सल प्रभावित सुदूरवर्ती
सोनापी गांव के
हेंदेबुरु टोला निवासी मदन माझी (32 वर्ष), पिता
रुईदास माझी कैंसर से
पीड़ित हैं. घर पर स्थिति
बिगड़ने के बाद 6 अक्टूबर को ग्रामीणों ने इसकी सूचना मनोहरपुर सीएचसी को
दी. सीएचसी की मेडिकल टीम ने एम्बुलेंस भेज बीमार मदन माझी को ग्रामीणों के सहयोग से एम्बुलेंस से इलाज हेतु मनोहरपुर अस्पताल
पहुंचाया. इलाज के क्रम में मरीज को एक सामान्य आरएल एवं
एनएस नामक
स्लाईन की बोतल चढ़ाने की आवश्यकता
पड़ी लेकिन ये सामान्य
स्लाइन की बोतल भी मनोहरपुर सीएचसी अस्पताल में उपलब्ध नहीं
थी. [caption id="attachment_438332" align="aligncenter" width="600"]

https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/10/Kiriburu-CHC-1.jpg"
alt="" width="600" height="400" /> मनोहरपुर के एक प्राइवेट दवा दुकान से खरीदे गये स्लाइन की बोतल की पर्ची.[/caption]
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: इनरव्हील व लायंस क्लब के संयुक्त शिविर में 15 यूनिट रक्त का हुआ संग्रह गांव के ही शुभचिंतक ने खरीद कर दी स्लाइन की दो बोतल
चिकित्सक ने नर्स के माध्यम से बाहर की दुकान से उक्त
स्लाइन की बोतल खरीद कर लाने के लिए एक पर्ची मरीज के परिजन को
पकड़ा दी. गांव के हीं एक शुभचिंतक ने मरीज के परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए
स्लाइन की दो बोतल खरीद कर अस्पताल के स्टाफ को
दिया. तब मरीज को
स्लाइन चढ़ाया
गया. यह हाल है झारखंड सरकार की सरकारी अस्पतालों
का. यहां जरूरी दवाओं व अन्य
समानों का भारी अभाव
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: नुआगांव में बंद घर का ताला तोड़कर 50 हजार नकद समेत कई सामानों की चोरी बेहतर इलाज के लिए सिविल सर्जन से ग्रामीणों ने की मुलाकात
हालांकि आज हीं गांव क्षेत्र के लोगों ने मदन माझी का बेहतर इलाज सरकारी स्तर से कराने हेतु चाईबासा जाकर सिविल सर्जन से मुलाकात
की. सिविल सर्जन ने मरीज से
जुड़ी तमाम जानकारी ली एवं इलाज में मदद का भरोसा
दिया. लेकिन
बड़ा सवाल यह है कि क्या झारखंड के सीएचसी जैसे सरकारी अस्पताल में आरएल एवं
एनएस जैसे
स्लाइन की बोतल भी उपलब्ध नहीं
है. अस्पताल में भर्ती
प्रायः मरीजों को ये
बोतले आमतौर पर चढ़ाई जाती
है. इसके
लिये जिम्मेदार कौन
है? व्यवस्था में कहां खामियां
हैं. [wpse_comments_template]
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