: मैट्रिक परीक्षार्थी को सेल प्रबंधन उपलब्ध कराएगी बस सेवा
सीजीएम पर झूठ बोलने का लगाया आरोप
राजू सांडिल ने बताया कि सीजीएम ने झूठ बोला था कि खदान की मिट्टी, मुरुम प्रभावित गांवों के रैयत भूमि व प्राकृतिक जल श्रोतों में नहीं जा रही है. जबकि सच्चाई यह है कि दुबिल आदि गांव के सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि इस कारण बंजर हो चुकी है. सीजीएम ने बताया था कि खदान के पत्थर तोड़ने वाले खनिक को डेली वेजेज पर रखने का समझौता मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों ने किया हैं. उन्हें खदान में कार्य दिया जा रहा है. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-villagers-upset-due-to-drinking-water-crisis-in-san-chiru-village-of-khuntpani-forced-to-drink-river-water/">चाईबासा: खूंटपानी के सान चीरू गांव में पेयजल संकट से ग्रामीण परेशान, नदी का पानी पीने को विवश जबकि सच्चाई यह है कि खनिकों को साफ-सफाई, सड़क मरम्मति, रेलवे साइडिंग, गेस्ट हाऊस आदि के कार्यों में लागाया गया है. सैकड़ों खनिकों को बिना कारण व नोटिस के काम से हटा भी दिया गया है. उनका फाईनल पैसा, पीएफ, ग्रेच्युटी आदि भी नहीं दिया गया है. राजू सांडिल ने आरोप लगाया कि पिछले 20-30 वर्षों से खदान में एक ही प्राईवेट ठेकेदार को फार्म का नाम बदल-बदल कर काम दिया जा रहा है. उसके द्वारा मजदूरों का शोषण भी किया जाता है. इससे संबंधित मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग उन्होंने की है. [wpse_comments_template]

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