Kiriburu (Shailesh Singh) : 15 नवम्बर 2000 को बिहार से अलग कर झारखण्ड राज्य बना. अलग झारखण्ड राज्य बनने के लगभग 24 वर्षों बाद भी एशिया के सबसे बड़े सारंडा जंगल में रहने वाले आदिवासियों व मूलवासियों तथा दर्जनों गांवों का आज तक विकास नहीं हो सका है. इसके लिये केन्द्र अथवा राज्य की एनडीए व यूपीए, दोनों सरकारें व उनके केन्द्रीय व राज्य स्तरीय मंत्री से लेकर सांसद व विधायक जिम्मेदार हैं. सारंडा के लोगों को राजनीतिक पार्टियां व उनके नेता मात्र वोट बैंक समझ पीछे-पीछे घुमाते रहते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान आज तक नहीं किया गया. इसे भी पढ़ें : गिरिडीह">https://lagatar.in/codex-wire-recovered-in-search-operation-against-naxalites-in-giridih/">गिरिडीह
में नक्सलियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन में कोडेक्स वायर बरामद
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alt="" width="600" height="400" /> लगभग 850 वर्ग किलोमीटर में फैले सारंडा में 90 से अधिक छोटे-बडे़ राजस्व, वन व इन्क्रोचमेंट गांव हैं. इन गांवों के ग्रामीणों की सबसे बड़ी समस्या चिकित्सा, शिक्षा, पेयजल, यातायात, संचार, सिचाई, वनाधिकार का पट्टा, वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में अब तक परिवर्तित नहीं करना, बेरोजगारी, पलायन, वन उत्पादों के लिये बाजार नहीं होना आदि है. सारंडा में कुछ वर्ष पूर्व तक दर्जनों खदानें संचालित थीं. इन खदानों से प्रतिवर्ष डीएमएफटी फंड में हजारों करोड़ रुपये जाते थे. यह पैसा वर्ष 2011-12 से डीएमएफटी में जा रहा है. लेकिन डीएमएफटी फंड राजनेताओं, अधिकारी व ठेकेदारों के लिये कुबेर का खजाना जैसा हो गया है. इसे भी पढ़ें : लोकसभा">https://lagatar.in/lok-sabha-elections-cji-chandrachud-urges-voters-not-to-miss-the-opportunity-to-cast-their-vote/">लोकसभा
चुनाव : सीजेआई चंद्रचूड़ ने मतदाताओं से किया आग्रह, वोट डालने का अवसर न गंवायें…
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alt="" width="600" height="400" /> इसी खजाने पर एकाधिकार अथवा एकक्षत्र राज हेतु विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के बीच वर्चस्व की लड़ाई वर्षों से जारी है. यह लड़ाई सारी नैतिकता व जन समस्याओं को ताक कर रखकर अब सतह पर खुलेआम लड़ी जा रही है. अलग-अलग विचारधारा के लोग भी आपस में गले लग एक-दूसरे को पटखनी देने में लगे हैं. इस लोकसभा चुनाव में भी मुख्य मुद्दा राजनीतिक पार्टियों का यही है. इसे भी पढ़ें : बिल्डर">https://lagatar.in/builder-kamal-bhushans-accountant-sanjay-murder-case-after-w-kujur-court-refuses-to-grant-bail-to-rahul-too/">बिल्डर
कमल भूषण के अकाउंटेंट संजय हत्याकांड: डब्लू कुजूर के बाद राहुल को भी बेल देने से कोर्ट का इंकार
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alt="" width="600" height="400" /> सारंडा के ग्रामीण वर्षों से मांग कर रहे हैं कि डीएमएफटी फंड से लगभग 500 बेड क्षमता का एक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल या एम्स यहाँ के ग्रामीणों का इलाज हेतु होना चाहिये. आज तक कुछ नहीं हुआ. सारंडा में जो प्राथमिक या उप स्वास्थ्य केन्द्र हैं भी तो उसमें चिकित्सक व दवा नहीं है. पूरे सारंडा में एक भी एम्बुलेंस मरीजों के लिये नहीं है. मरीज अंधविश्वास का सहारा लेते हैं. पेयजल के मामले में सारा जलापूर्ति योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई. अधिकारियों, राजनेताओं व ठेकेदारों को उनका हिस्से का लाभ मिल गया लेकिन जनता को पेयजल रूपी लाभ आज तक नहीं मिला. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-kashidih-high-school-celebrating-earth-day-celebration-week/">जमशेदपुर
: काशीडीह हाई स्कूल पृथ्वी दिवस उत्सव सप्ताह मना रहा उच्च व गुणवत्तापूर्ण मुफ्त शिक्षा हेतु कई स्कूलों को उच्च विद्यालय व प्लस-टू विद्यालय बनाया गया लेकिन आज तक एक भी शिक्षक नियुक्त नहीं किया गया. सारंडा के कई गांवों में आज तक बिजाली नहीं पहुंची, जहाँ बिजली है भी तो वहाँ नियमित नहीं रहती. सारंडा के तमाम गांव यातायात सुविधा से वंचित है. तमाम सरकारें आज तक यात्री वाहनें चलाने में असफल रही है. कई गांव आज भी वर्षात में टापू बन जाता है. इसे भी पढ़ें : क्या">https://lagatar.in/will-prime-minister-modi-fulfill-his-promise-of-sending-ashok-chavan-to-jail-congress-asked/">क्या
अशोक चव्हाण को जेल भेजने का अपना वादा पूरा करेंगे प्रधानमंत्री मोदी: कांग्रेस ने पूछा वहां जाने हेतु सड़क व पुल-पुलिया नहीं है. सारंडा में स्थित दर्जनों खदानें वर्षों से बंद है, जिससे बेरोजगारी व पलायन चरम पर है. जब खदानें चालू भी तो यहां के जनप्रतिनिधि अपने लाभ हेतु बाहरी को लाकर रोजगार देते रहे और आज उन्हें वोट सारंडा के लोगों का चाहिये. लेकिन वोट देने वाले काफी लोग रोजगार हेतु सारंडा से पलायन कर गये हैं. सारंडा के प्रायः ग्रामीणों की आजीविका का मुख्य श्रोत वनोत्पाद है लेकिन उसके लिये बाजार व मूल्य निर्धारित नहीं है. इसे भी पढ़ें : महत्वपूर्ण">https://lagatar.in/important-order-wife-had-accused-husband-of-rape-civil-court-acquitted-her/">महत्वपूर्ण
आदेश: पत्नी ने पति पर लगाया था रेप का आरोप, सिविल कोर्ट ने किया आरोपमुक्त स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय का निर्माण के नाम पर ऐतिहासिक लूट हुई. कुछ ग्रामीणों के घर में शौचालय है भी तो वह जमीन छेकने का कार्य मात्र कर अनुपयोगी है. सारंडा के 10 वन ग्रामों के ग्रामीण अपने गांवों को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने तथा इन्क्रोचमेंट व अन्य गांवों के ग्रामीण वनाधिकार का पट्टा होता सरकार की चौखट खटखटा व नाक रगड़कर थक गये लेकिन आज तक सिर्फ आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला. इसे भी पढ़ें : राहुल">https://lagatar.in/rahul-gandhis-another-attack-on-pm-modi-narendra-modi-is-running-a-school-of-corruption-in-the-country/">राहुल
गांधी का पीएम मोदी पर एक और हमला…नरेंद्र मोदी देश में भ्रष्टाचार का स्कूल चला रहे हैं! उल्लेखनीय है कि 18 से 20 अक्टूबर 2011 को तत्कालीन केन्द्रीय मंत्री जयराम रमेश ने केन्द्र व राज्य सरकार के अधिकारियों की एक विशेष टीम बना कर उन्हें सारंडा में विकास से संबंधित रिपोर्ट तैयार करने को कहा था. इस टीम में एन. मुरुगानंदम (संयुक्त सचिव, मनरेगा), नीता केजरीवाल (निदेशक, एनआरएमएल), एसपी वशिष्ठ (निदेशक, मनरेगा), कमलेश प्रसाद (एनएमएमयू), मीरा चटर्जी, वरुण सिंह, विनय वुतुकुरु (तीनों विश्व बैंक), परितोष उपाध्याय (स्पे. सचिव आरडी विभाग, झारखंड), एसएन पांडेय (प्रोजेक्ट निदेशक, जेएसएलपीएस, झारखंड) आदि शामिल थे. इसे भी पढ़ें : पूर्व">https://lagatar.in/former-mp-kameshwar-baitha-resigns-from-rjd-will-contest-elections-from-palamu-on-bsp-ticket/">पूर्व
सांसद कामेश्वर बैठा का राजद से इस्तीफा, बसपा के टिकट पर पलामू से लड़ेंगे चुनाव! इन अधिकारियों ने विकास से संबंधित रिपोर्ट तैयार करने से पहले तत्कालीन उपायुक्त के श्रीनिवासन, एसपी अरुण कुमार सिंह, सारंडा डीएफओ केके तिवारी, विकास आयुक्त डी गुप्ता, आरएस पोद्दार (पीआरएल सचिव, आरडी) आदि से विकास व नक्सल मामले पर विस्तृत चर्चा कर रिपोर्ट तत्कालीन मंत्री जयराम रमेश को भेजा था. इसमें जिला प्रशासन द्वारा मनोहरपुर प्रखंड के छह ग्राम पंचायतों के 56 गांवों के लिए एक्शन प्लान तैयार किया था. इसमें 10 वन ग्राम व 10 झारखंडी ग्राम शामिल थे. इस रिपोर्ट के अनुसार सारंडा के लगभग सात हजार परिवारों (आबादी लगभग 37 हजार) को सीधे लाभ पहुंचाना था. सारंडा एक्शन प्लान के लिए लगभग 540 करोड़ रुपए की स्वीकृति की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में कहा गया कि 454 करोड़ रुपए खर्च हुए थे. इन पैसों से लघु (छः माह के अन्दर) और मध्यम (दो साल के अंदर) की योजनाएं बनाई गई थीं. इसे भी पढ़ें : उलगुलान">https://lagatar.in/tight-security-arrangements-in-ranchi-regarding-ulgulan-rally-2000-additional-soldiers-will-be-deployed/">उलगुलान
रैली को लेकर रांची में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, 2000 अतिरिक्त जवान होंगे तैनात इस योजना में इंदिरा आवास योजना के तहत लगभग चार हजार परिवारों के लिए मकान बनाना, मनरेगा कार्यों के लिए स्थानीय आदिवासी युवाओं से 56 रोजगार मित्रों की नियुक्ति, इसके लिए 6 हजार से अधिक जॉब कार्ड बनाकर लोगों को रोजगार से जोड़ना, पीएमजीएसवाई के तहत 11 सड़कों और एक पुल का निर्माण करना था. वन अधिकार अधिनियम के तहत लगभग 2,122 दावे प्राप्त हुए थे जिसका वितरण, 7 हजार सौर लालटेन, 7 हजार ट्रांजिस्टर और 7 हजार साइकिलों का वितरण (सेल प्रबंधन द्वारा) किया गया था. सेल के सीएसआर कार्यक्रम के तहत पांच मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों का शुभारंभ, लगभग 36 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करते हुए छह वाटर शेड विकास परियोजनाओं की शुरुआत करना था. शुद्ध पेयजल आपूर्ति हेतु विभिन्न गांवों में 200 हैंडपंप लगाना, मनोहरपुर प्रखंड के दीघा समेत सभी छः पंचायतों में एक-एक आईडीसी (इंटिग्रेटेड डेवलपमेंट सेंटर) का निर्माण ताकि किसी भी कार्य के लिए ग्रामीणों को प्रखंड व जिला मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पडे़. सारंडा एक्शन प्लान के दौरान हुए तमाम कार्यों का पूर्ण बायोडाटा अभी भी सरकार व प्रशासन के पास उपलब्ध नहीं है कि उस प्लान के अन्तर्गत कराए गए कार्यों में से कितना पूरा हुआ. इसे भी पढ़ें : नोवामुंडी">https://lagatar.in/noamundi-immersion-of-maa-basanti-durga-idol-with-musical-instruments/">नोवामुंडी
: गाजे-बाजे के साथ मां बसंती दुर्गा प्रतिमा की हुई विसर्जन यही वजह है कि सारंडा में अनेक विकास योजनाओं को धरातल पर लाने से प्रशासनिक विभाग घबरा रहा है, क्योंकि पुरानी योजनाओं में से दोबारा कोई योजना उसी कार्य के लिए शुरू की जाती है तो जांच के घेरे में भी आ सकता है. इस कारण सारंडा के लोग आज भी विकास योजनाओं से वंचित हैं. अब सारंडा के वोटरों के आस अच्छा मौका है कि वह जाती, धर्म, समुदाय, पैसा, शराब आदि का प्रलोभन में पड़ व गुमराह होकर अपना महत्त्वपूर्ण वोट बर्बाद करते हैं या सारंडा का सर्वागीण विकास करने वाले अच्छी सरकार व जनप्रतिनिधि को चुनने हेतु सामूहिक रुप से अधिक से अधिक संख्या में मतदान केन्द्रों पर जाकर अपना विकास करने वाले को वोट करते हैं. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-jamshedpur-circle-area-will-be-strengthened-with-rs-300-crores/">आदित्यपुर
: 300 करोड़ से जमशेदपुर सर्किल क्षेत्र का होगा विद्युत सुदृढ़ीकरण
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alt="" width="600" height="400" /> सांकेतिक तस्वीर[/caption] Kiriburu (Shailesh Singh) : सिंहभूम संसदीय सीट पर 13 मई को होने वाले मतदान के दौरान सारंडा जंगल के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में वोटिंग फीसदी काफी कम रहने की पूरी संभावना है. जानकारों का कहना है कि वोटिंग प्रतिशत कम होने का मुख्य वजह भीषण गर्मी, गांवों से मतदान केन्द्रों की दूरी काफी अधिक होना तथा गांवों से मतदान केन्द्रों तक जाने के लिये आवागमन की बेहतर सुविधा नहीं होना, सारंडा के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से बेरोजगारों का रोजगार एवं छात्र-छात्राओं का उच्च शिक्षा हेतु अन्य शहरों में पलायन होना, सेलकर्मियों को मतदान कार्य में लगाया जाना, राजनीतिक पार्टियों व उनके प्रत्याशियों से नाराजगी तथा सुदूरवर्ती गांवों का दौरा उनके द्वारा नहीं करना, ग्रामीणों में मतदान को लेकर जागरूकता की कमी तथा नशापान आदि मुख्य वजह होगा. इसे भी पढ़ें : बिल्डर">https://lagatar.in/builder-kamal-bhushans-accountant-sanjay-murder-case-after-w-kujur-court-refuses-to-grant-bail-to-rahul-too/">बिल्डर
कमल भूषण के अकाउंटेंट संजय हत्याकांड: डब्लू कुजूर के बाद राहुल को भी बेल देने से कोर्ट का इंकार उल्लेखनीय है कि नक्सल प्रभावित सारंडा जंगल में थोलकोबाद, दीघा, करमपदा, सोनापी, छोटानागरा, तितलीघाट, जामकुन्डिया, रोवाम, किरीबुरु, मेघाहातुबुरु आदि स्थानों पर मतदान केन्द्र है. इन मतदान केन्द्रों से विभिन्न गांवों की दूरी लगभग 8-35 किलोमीटर दूर (सबसे दूर नयागांव से दीघा) है, जहाँ से लोगों को इस भीषण गर्मी में पैदल चलकर मतदान करने आना होगा. हालांकि प्रशासन भी अपने स्तर से वाहन की व्यवस्था पूर्व में करती रही है लेकिन अधिक लाभ नहीं मिला. सारंडा के प्रायः गांवों में बसे लोग अपने-अपने घर अलग-अलग बनाये हुये हैं. जहाँ से सभी को एक साथ बूथों तक ले जाना आसान नहीं होगा. दूसरी तरफ सारंडा से भारी तादाद में युवक व युवतियां रोजगार हेतु अन्य शहरों में पलायन कर गये हैं. सैकड़ों छात्र-छात्रायें उच्च शिक्षा हेतु अन्य शहरों में हैं. इसे भी पढ़ें : परंपरागत">https://lagatar.in/who-will-get-gurujis-blessings-from-the-traditional-seat-dumka/">परंपरागत
सीट दुमका से गुरुजी का किसे मिलेगा आशीर्वाद सेल की किरीबुरु, मेघाहातुबुरु, गुआ व चिड़िया के हजारों सेलकर्मी मतदान प्रक्रिया में लगाये जाते हैं, जिसमें से अधिकतर अपने-अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाते हैं. सेलकर्मियों के अनुपस्थिति के वजह से उनके कुछ परिजन भी मतदान करने बूथों पर नहीं जाते हैं. अधिकारी वर्ग के लोग बहुत कम मतदान में हिस्सा लेते हैं. ऐसी स्थिति में इस बार सारंडा क्षेत्र के बूथों पर मतदान प्रतिशत काफी कम होने की संभावना है. चुनाव आयोग व जिला प्रशासन को इस समस्या का समाधान व मतदान फीसदी बढा़ने हेतु विशेष कार्य योजना तैयार करना होगा. इसे भी पढ़ें : नोवामुंडी">https://lagatar.in/noamundi-immersion-of-maa-basanti-durga-idol-with-musical-instruments/">नोवामुंडी
: गाजे-बाजे के साथ मां बसंती दुर्गा प्रतिमा की हुई विसर्जन
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alt="" width="600" height="400" /> Kiriburu (Shailesh Singh) : किरीबुरु-मेघाहातुबुरु का तापमान 39-40 डिग्री तक पहुंचने से यहां की जनता का हाल बेहाल है. भीषण गर्मी की वजह से मेघाहातुबुरु में आज लगने वाली सप्ताहिक शनिचरा हाट-बाजार में सारंडा के किसानों के अलावे बाहरी व्यापारियों की उपस्थिति काफी कम देखी जा रही है. दूसरी तरफ ग्राहक भी गर्मी के कारण अपने-अपने घरों में कैद हैं. इसे भी पढ़ें : लोहार">https://lagatar.in/high-court-seeks-response-from-central-and-state-government-on-removal-of-lohar-caste-from-st-list/">लोहार
जाति को एसटी सूची से हटाने पर झारखंड हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से मांगा जवाब हाट-बाजार में दुकान लगाये कई दुकानदार गर्मी की वजह से अपनी दुकाने छोड़ पेड़ की छाँव के नीचे बैठ गर्मी से बचने की कोशिश कर रहे हैं. कुछ दुकानदारों ने बताया की दुकान के उपर धूप से बचने हेतु लगाया गया प्लास्टिक के नीचे बैठने से गर्मी से कोई राहत नहीं मिल पा रहा है. सब्जियां भी खराब हो जा रही है. लेकिन पेट की खातिर यह सब झेलना मजबूरी है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-kashidih-high-school-celebrating-earth-day-celebration-week/">जमशेदपुर
: काशीडीह हाई स्कूल पृथ्वी दिवस उत्सव सप्ताह मना रहा उल्लेखनीय है कि इस शहर का तापमान जब भी 38 डिग्री से बढ़ता था तब दोपहर में अचानक आसमान में काले बादल छा जाते एवं लगभग एक घंटा मुसलाधार वर्षा होती थी. इससे कुछ दिन मौसम ठंडा हो जाता था. यह सिलसिला पूरे गर्मी भर चलता था. लेकिन अब वैसा मौसम व गर्मी में वर्षा एक इतिहास बन गया है. इसे भी पढ़ें : गिरिडीह">https://lagatar.in/codex-wire-recovered-in-search-operation-against-naxalites-in-giridih/">गिरिडीह
में नक्सलियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन में कोडेक्स वायर बरामद
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alt="" width="600" height="400" /> Noamundi (Sandip Kumar Prasad) : डीएवी पब्लिक स्कूल गुवा में विलियम वर्ड्सवर्थ दिवस मनाया गया. इस अवसर स्कूल की प्राचार्या उषा राय की अध्यक्षता में स्कूली बच्चों की अन्तर सदनसीय क्वीज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. बच्चों की आयोजित क्विज प्रतियोगिता में एंकरिंग वरीय शिक्षक पीके आचार्या व शिक्षिका आकांक्षा सिंह कर रही थी. परिणाम स्वरूप 60 अंक प्राप्तांक से श्रद्धानन्द सदन प्रथम, 45 अंक प्राप्तांक से अरविंदो सदन द्वितीय एवं 40 अंक प्राप्त कर दयानंद सदन तृतीय रहा. इसे भी पढ़ें : बिल्डर">https://lagatar.in/builder-kamal-bhushans-accountant-sanjay-murder-case-after-w-kujur-court-refuses-to-grant-bail-to-rahul-too/">बिल्डर
कमल भूषण के अकाउंटेंट संजय हत्याकांड: डब्लू कुजूर के बाद राहुल को भी बेल देने से कोर्ट का इंकार
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alt="" width="600" height="400" /> प्रतियोगिता में स्कूली बच्चों में मान्याश्री, राजीव रंजन पाठक, ओम महापात्रा, मयंक, निधि, जसिका हालदार, रॉबिन महतो, ओम भट्टाचार्या, नरगिस परवीन, अजहर खान व अन्य अपने-अपने उम्दा प्रदर्शन से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया. इस अवसर पर बच्चों ने विलियम वर्ड्सवर्थ पर प्रेरक व अनुकरणीय विचार रखें एवं कविता के माध्यम से विलियम वर्ड्सवर्थ की महानता को प्रदर्शित किया. स्कूल की प्राचार्या उषा राय ने बच्चों को बताया कि विलियम वर्ड्सवर्थ एक प्रमुख अंग्रेजी रोमांटिक कवि थे. उन्होने सैम्युअल टेलर कॉलरिज कि सहायता से अंग्रेजी सहित्य में सयुक्त प्रकाशन गीतात्मक गथागीत के साथ रोमन्चक युग का आरम्भ किया. इसे भी पढ़ें : क्या">https://lagatar.in/will-prime-minister-modi-fulfill-his-promise-of-sending-ashok-chavan-to-jail-congress-asked/">क्या
अशोक चव्हाण को जेल भेजने का अपना वादा पूरा करेंगे प्रधानमंत्री मोदी: कांग्रेस ने पूछा
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alt="" width="600" height="400" /> विलियम वर्द्स्व्र्थ का जन्म 7 अप्रैल को हुआ था. वे एक प्रमुख रचनात्मक कवि थे. मौके पर कार्यक्रम के समायोजन में अनन्त कु उपाध्याय,अरविन्दों साहू, शशिभूषण तिवारी, विकास मिश्रा, एस के पाण्डेय, संजीव सिन्हा, जय मंगल साव, अंजन सेन, विनोद कु साहू, बाल गोपाल सिंह, योगेन्द्र त्रिपाठी, पुष्पांजलि नायक, अनिरुद्ध दत्ता, अनिशा राय चौधरी, ज्योति सिन्हा, अनीला एक्का, ऋषिकेश कुमार व अन्य का अग्रणी योगदान रहा. इसे भी पढ़ें : उलगुलान">https://lagatar.in/tight-security-arrangements-in-ranchi-regarding-ulgulan-rally-2000-additional-soldiers-will-be-deployed/">उलगुलान
रैली को लेकर रांची में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, 2000 अतिरिक्त जवान होंगे तैनात
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alt="" width="600" height="400" /> Majhgaon (Md Wasi) : मझगांव प्रखंड के झामुमो मझगांव पंचायत में चार बूथ समिति का गठन मझगांव के बांदासाई टोला में झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ कार्यकर्ता दिलबर हुसैन ,मोहम्मद फैय्याज व जानेआलम की संयुक्त अध्यक्षता में की गई. इस दौरान सैकड़ो की संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दिलबर हुसैन ने कहा कि लोकसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं को एक मौका मिला है. जिसमें महा गठबंधन के प्रत्याशी पूर्व मंत्री जोबा मांझी को हर हाल में जीत दर्ज करवाना है. इस संकल्प के साथ हम सभी कार्यकर्ता मतदाता के घर-घर जाकर झारखंड मुक्ति मोर्चा के सरकार के द्वारा की गई जनकल्याणकारी कार्यों को बताना है. इसे भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/support-congress-to-make-dhanbad-fear-free-anupama-singh/">धनबाद
को भयमुक्त बनाने के लिए कांग्रेस का साथ दें : अनुपमा सिंह भाजपा के इशारे पर केंद्र एजेंसी ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जेल में डालने का काम किया है. उन्हें लगता है कि हमारे नेता को जेल में डालकर आसानी के साथ चुनाव जीत जाएंगे. लेकिन उन्हें भूलना नहीं चाहिए कि झारखंड मुक्ति मोर्चा का हर एक कार्यकर्ता हेमंत सोरेन के जैसा हौसला रखता है. इसलिए लोकसभा चुनाव में उन्हें इस अपमान का बदला जरूर चुकाना होगा. पूरी राज्य की जनता इस अपमान का बदला लेने के लिए तैयार हो चुकी है. उन्हें लोकसभा चुनाव में झारखंड से एक भी सीट नहीं मिलने जा रहा है. इसलिए हम सभी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि बूथ स्तर पर ही हम मजबूती के साथ महागठबंधन के प्रत्याशी जोबा मांझी को जीत दिलाने में अपनी ओर से पूरी शक्ति लगा दे. तन, मन और धन लगाकर हम जोबा मांझी को जीत दिलाने में लगे. हमारा लक्ष्य है कि प्रत्येक बूथ पर कम से कम 300 मतों का अंतर रहना चाहिए. इसे भी पढ़ें : IPL">https://lagatar.in/ipl-2024-dhonis-bat-is-spewing-fire-making-the-ball-travel-in-the-air/">IPL
2024 : धोनी का बल्ला उगल रहा आग, गेंद को करा रहे हवाई यात्रा यह हम सभी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है. इस बार के चुनाव में इंडिया महागठबंधन के प्रत्याशी की जीत ऐतिहासिक जीत होगी. वहीं मो. फैयाज ने कहा कि यह लड़ाई बहुत बड़ी फौज के साथ है. जिसके पास धन बल की बड़ी ताकत नजर आ रही है. हमारी ताकत प्रत्येक गांव और बूथ में मौजूद कार्यकर्ता है. भाजपा धन बल से लड़ाई करेगी तो हमारे कार्यकर्ता अपने तन, मन, धन से इस लड़ाई को जीत में बदलेंगे. हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि हर बूथ पर हम मजबूती के साथ अपने प्रत्याशी को जीत दिलाने में लग रहे. आज की पंचायत स्तर के भीड़ देखने से प्रतीत हो रहा है कि महागठबंधन के प्रत्याशी जोबा माझी को एक मजबूत जीत मिलने वाली है. इसे भी पढ़ें : मैट्रिक">https://lagatar.in/3-news-from-deoghar-including-excellent-performance-of-palojori-students-in-matriculation-examination-ii/">मैट्रिक
परीक्षा में पालोजोरी के विद्यार्थियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन II समेत देवघर की 3 खबरें इसमें हम सभी कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे अहम होगी. इसलिए आज से ही सभी कार्यकर्ता चुनाव के कार्य में लग जाए. मौके पर नुंदीराम हेम्बम, मोजाहिद अहमद, सुरेंद्र पिंगुवा, जाने आलम, हरिश पिंगुवा, रुशदुस्लाम, मनोज गोप, सफीक अहमद, दशरथ गोप, साहिद अहमद, शब्बीर अहमद, सोनु महाराणा, जरीफ अहमद, शकील अहमद, विपीन महाराणा, सीता केराई, मिनी पुरती, रिंडु पुरती, जाकीर हुसैन, मोहम्मद आदिल, फिरदोश अहमद, आनन्द पाट पिंगुवा, लक्ष्मण पिंगुवा, साबित्री महाराणा, विपीन महाराणा, सद्दाम हुसैन आदि सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे. [wpse_comments_template]
में नक्सलियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन में कोडेक्स वायर बरामद
alt="" width="600" height="400" /> लगभग 850 वर्ग किलोमीटर में फैले सारंडा में 90 से अधिक छोटे-बडे़ राजस्व, वन व इन्क्रोचमेंट गांव हैं. इन गांवों के ग्रामीणों की सबसे बड़ी समस्या चिकित्सा, शिक्षा, पेयजल, यातायात, संचार, सिचाई, वनाधिकार का पट्टा, वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में अब तक परिवर्तित नहीं करना, बेरोजगारी, पलायन, वन उत्पादों के लिये बाजार नहीं होना आदि है. सारंडा में कुछ वर्ष पूर्व तक दर्जनों खदानें संचालित थीं. इन खदानों से प्रतिवर्ष डीएमएफटी फंड में हजारों करोड़ रुपये जाते थे. यह पैसा वर्ष 2011-12 से डीएमएफटी में जा रहा है. लेकिन डीएमएफटी फंड राजनेताओं, अधिकारी व ठेकेदारों के लिये कुबेर का खजाना जैसा हो गया है. इसे भी पढ़ें : लोकसभा">https://lagatar.in/lok-sabha-elections-cji-chandrachud-urges-voters-not-to-miss-the-opportunity-to-cast-their-vote/">लोकसभा
चुनाव : सीजेआई चंद्रचूड़ ने मतदाताओं से किया आग्रह, वोट डालने का अवसर न गंवायें…
alt="" width="600" height="400" /> इसी खजाने पर एकाधिकार अथवा एकक्षत्र राज हेतु विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के बीच वर्चस्व की लड़ाई वर्षों से जारी है. यह लड़ाई सारी नैतिकता व जन समस्याओं को ताक कर रखकर अब सतह पर खुलेआम लड़ी जा रही है. अलग-अलग विचारधारा के लोग भी आपस में गले लग एक-दूसरे को पटखनी देने में लगे हैं. इस लोकसभा चुनाव में भी मुख्य मुद्दा राजनीतिक पार्टियों का यही है. इसे भी पढ़ें : बिल्डर">https://lagatar.in/builder-kamal-bhushans-accountant-sanjay-murder-case-after-w-kujur-court-refuses-to-grant-bail-to-rahul-too/">बिल्डर
कमल भूषण के अकाउंटेंट संजय हत्याकांड: डब्लू कुजूर के बाद राहुल को भी बेल देने से कोर्ट का इंकार
alt="" width="600" height="400" /> सारंडा के ग्रामीण वर्षों से मांग कर रहे हैं कि डीएमएफटी फंड से लगभग 500 बेड क्षमता का एक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल या एम्स यहाँ के ग्रामीणों का इलाज हेतु होना चाहिये. आज तक कुछ नहीं हुआ. सारंडा में जो प्राथमिक या उप स्वास्थ्य केन्द्र हैं भी तो उसमें चिकित्सक व दवा नहीं है. पूरे सारंडा में एक भी एम्बुलेंस मरीजों के लिये नहीं है. मरीज अंधविश्वास का सहारा लेते हैं. पेयजल के मामले में सारा जलापूर्ति योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई. अधिकारियों, राजनेताओं व ठेकेदारों को उनका हिस्से का लाभ मिल गया लेकिन जनता को पेयजल रूपी लाभ आज तक नहीं मिला. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-kashidih-high-school-celebrating-earth-day-celebration-week/">जमशेदपुर
: काशीडीह हाई स्कूल पृथ्वी दिवस उत्सव सप्ताह मना रहा उच्च व गुणवत्तापूर्ण मुफ्त शिक्षा हेतु कई स्कूलों को उच्च विद्यालय व प्लस-टू विद्यालय बनाया गया लेकिन आज तक एक भी शिक्षक नियुक्त नहीं किया गया. सारंडा के कई गांवों में आज तक बिजाली नहीं पहुंची, जहाँ बिजली है भी तो वहाँ नियमित नहीं रहती. सारंडा के तमाम गांव यातायात सुविधा से वंचित है. तमाम सरकारें आज तक यात्री वाहनें चलाने में असफल रही है. कई गांव आज भी वर्षात में टापू बन जाता है. इसे भी पढ़ें : क्या">https://lagatar.in/will-prime-minister-modi-fulfill-his-promise-of-sending-ashok-chavan-to-jail-congress-asked/">क्या
अशोक चव्हाण को जेल भेजने का अपना वादा पूरा करेंगे प्रधानमंत्री मोदी: कांग्रेस ने पूछा वहां जाने हेतु सड़क व पुल-पुलिया नहीं है. सारंडा में स्थित दर्जनों खदानें वर्षों से बंद है, जिससे बेरोजगारी व पलायन चरम पर है. जब खदानें चालू भी तो यहां के जनप्रतिनिधि अपने लाभ हेतु बाहरी को लाकर रोजगार देते रहे और आज उन्हें वोट सारंडा के लोगों का चाहिये. लेकिन वोट देने वाले काफी लोग रोजगार हेतु सारंडा से पलायन कर गये हैं. सारंडा के प्रायः ग्रामीणों की आजीविका का मुख्य श्रोत वनोत्पाद है लेकिन उसके लिये बाजार व मूल्य निर्धारित नहीं है. इसे भी पढ़ें : महत्वपूर्ण">https://lagatar.in/important-order-wife-had-accused-husband-of-rape-civil-court-acquitted-her/">महत्वपूर्ण
आदेश: पत्नी ने पति पर लगाया था रेप का आरोप, सिविल कोर्ट ने किया आरोपमुक्त स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय का निर्माण के नाम पर ऐतिहासिक लूट हुई. कुछ ग्रामीणों के घर में शौचालय है भी तो वह जमीन छेकने का कार्य मात्र कर अनुपयोगी है. सारंडा के 10 वन ग्रामों के ग्रामीण अपने गांवों को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने तथा इन्क्रोचमेंट व अन्य गांवों के ग्रामीण वनाधिकार का पट्टा होता सरकार की चौखट खटखटा व नाक रगड़कर थक गये लेकिन आज तक सिर्फ आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला. इसे भी पढ़ें : राहुल">https://lagatar.in/rahul-gandhis-another-attack-on-pm-modi-narendra-modi-is-running-a-school-of-corruption-in-the-country/">राहुल
गांधी का पीएम मोदी पर एक और हमला…नरेंद्र मोदी देश में भ्रष्टाचार का स्कूल चला रहे हैं! उल्लेखनीय है कि 18 से 20 अक्टूबर 2011 को तत्कालीन केन्द्रीय मंत्री जयराम रमेश ने केन्द्र व राज्य सरकार के अधिकारियों की एक विशेष टीम बना कर उन्हें सारंडा में विकास से संबंधित रिपोर्ट तैयार करने को कहा था. इस टीम में एन. मुरुगानंदम (संयुक्त सचिव, मनरेगा), नीता केजरीवाल (निदेशक, एनआरएमएल), एसपी वशिष्ठ (निदेशक, मनरेगा), कमलेश प्रसाद (एनएमएमयू), मीरा चटर्जी, वरुण सिंह, विनय वुतुकुरु (तीनों विश्व बैंक), परितोष उपाध्याय (स्पे. सचिव आरडी विभाग, झारखंड), एसएन पांडेय (प्रोजेक्ट निदेशक, जेएसएलपीएस, झारखंड) आदि शामिल थे. इसे भी पढ़ें : पूर्व">https://lagatar.in/former-mp-kameshwar-baitha-resigns-from-rjd-will-contest-elections-from-palamu-on-bsp-ticket/">पूर्व
सांसद कामेश्वर बैठा का राजद से इस्तीफा, बसपा के टिकट पर पलामू से लड़ेंगे चुनाव! इन अधिकारियों ने विकास से संबंधित रिपोर्ट तैयार करने से पहले तत्कालीन उपायुक्त के श्रीनिवासन, एसपी अरुण कुमार सिंह, सारंडा डीएफओ केके तिवारी, विकास आयुक्त डी गुप्ता, आरएस पोद्दार (पीआरएल सचिव, आरडी) आदि से विकास व नक्सल मामले पर विस्तृत चर्चा कर रिपोर्ट तत्कालीन मंत्री जयराम रमेश को भेजा था. इसमें जिला प्रशासन द्वारा मनोहरपुर प्रखंड के छह ग्राम पंचायतों के 56 गांवों के लिए एक्शन प्लान तैयार किया था. इसमें 10 वन ग्राम व 10 झारखंडी ग्राम शामिल थे. इस रिपोर्ट के अनुसार सारंडा के लगभग सात हजार परिवारों (आबादी लगभग 37 हजार) को सीधे लाभ पहुंचाना था. सारंडा एक्शन प्लान के लिए लगभग 540 करोड़ रुपए की स्वीकृति की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में कहा गया कि 454 करोड़ रुपए खर्च हुए थे. इन पैसों से लघु (छः माह के अन्दर) और मध्यम (दो साल के अंदर) की योजनाएं बनाई गई थीं. इसे भी पढ़ें : उलगुलान">https://lagatar.in/tight-security-arrangements-in-ranchi-regarding-ulgulan-rally-2000-additional-soldiers-will-be-deployed/">उलगुलान
रैली को लेकर रांची में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, 2000 अतिरिक्त जवान होंगे तैनात इस योजना में इंदिरा आवास योजना के तहत लगभग चार हजार परिवारों के लिए मकान बनाना, मनरेगा कार्यों के लिए स्थानीय आदिवासी युवाओं से 56 रोजगार मित्रों की नियुक्ति, इसके लिए 6 हजार से अधिक जॉब कार्ड बनाकर लोगों को रोजगार से जोड़ना, पीएमजीएसवाई के तहत 11 सड़कों और एक पुल का निर्माण करना था. वन अधिकार अधिनियम के तहत लगभग 2,122 दावे प्राप्त हुए थे जिसका वितरण, 7 हजार सौर लालटेन, 7 हजार ट्रांजिस्टर और 7 हजार साइकिलों का वितरण (सेल प्रबंधन द्वारा) किया गया था. सेल के सीएसआर कार्यक्रम के तहत पांच मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों का शुभारंभ, लगभग 36 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करते हुए छह वाटर शेड विकास परियोजनाओं की शुरुआत करना था. शुद्ध पेयजल आपूर्ति हेतु विभिन्न गांवों में 200 हैंडपंप लगाना, मनोहरपुर प्रखंड के दीघा समेत सभी छः पंचायतों में एक-एक आईडीसी (इंटिग्रेटेड डेवलपमेंट सेंटर) का निर्माण ताकि किसी भी कार्य के लिए ग्रामीणों को प्रखंड व जिला मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पडे़. सारंडा एक्शन प्लान के दौरान हुए तमाम कार्यों का पूर्ण बायोडाटा अभी भी सरकार व प्रशासन के पास उपलब्ध नहीं है कि उस प्लान के अन्तर्गत कराए गए कार्यों में से कितना पूरा हुआ. इसे भी पढ़ें : नोवामुंडी">https://lagatar.in/noamundi-immersion-of-maa-basanti-durga-idol-with-musical-instruments/">नोवामुंडी
: गाजे-बाजे के साथ मां बसंती दुर्गा प्रतिमा की हुई विसर्जन यही वजह है कि सारंडा में अनेक विकास योजनाओं को धरातल पर लाने से प्रशासनिक विभाग घबरा रहा है, क्योंकि पुरानी योजनाओं में से दोबारा कोई योजना उसी कार्य के लिए शुरू की जाती है तो जांच के घेरे में भी आ सकता है. इस कारण सारंडा के लोग आज भी विकास योजनाओं से वंचित हैं. अब सारंडा के वोटरों के आस अच्छा मौका है कि वह जाती, धर्म, समुदाय, पैसा, शराब आदि का प्रलोभन में पड़ व गुमराह होकर अपना महत्त्वपूर्ण वोट बर्बाद करते हैं या सारंडा का सर्वागीण विकास करने वाले अच्छी सरकार व जनप्रतिनिधि को चुनने हेतु सामूहिक रुप से अधिक से अधिक संख्या में मतदान केन्द्रों पर जाकर अपना विकास करने वाले को वोट करते हैं. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-jamshedpur-circle-area-will-be-strengthened-with-rs-300-crores/">आदित्यपुर
: 300 करोड़ से जमशेदपुर सर्किल क्षेत्र का होगा विद्युत सुदृढ़ीकरण
सारंडा में मतदान फीसदी में भारी कमी की रहेगी संभावना
[caption id="attachment_862085" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="400" /> सांकेतिक तस्वीर[/caption] Kiriburu (Shailesh Singh) : सिंहभूम संसदीय सीट पर 13 मई को होने वाले मतदान के दौरान सारंडा जंगल के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में वोटिंग फीसदी काफी कम रहने की पूरी संभावना है. जानकारों का कहना है कि वोटिंग प्रतिशत कम होने का मुख्य वजह भीषण गर्मी, गांवों से मतदान केन्द्रों की दूरी काफी अधिक होना तथा गांवों से मतदान केन्द्रों तक जाने के लिये आवागमन की बेहतर सुविधा नहीं होना, सारंडा के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से बेरोजगारों का रोजगार एवं छात्र-छात्राओं का उच्च शिक्षा हेतु अन्य शहरों में पलायन होना, सेलकर्मियों को मतदान कार्य में लगाया जाना, राजनीतिक पार्टियों व उनके प्रत्याशियों से नाराजगी तथा सुदूरवर्ती गांवों का दौरा उनके द्वारा नहीं करना, ग्रामीणों में मतदान को लेकर जागरूकता की कमी तथा नशापान आदि मुख्य वजह होगा. इसे भी पढ़ें : बिल्डर">https://lagatar.in/builder-kamal-bhushans-accountant-sanjay-murder-case-after-w-kujur-court-refuses-to-grant-bail-to-rahul-too/">बिल्डर
कमल भूषण के अकाउंटेंट संजय हत्याकांड: डब्लू कुजूर के बाद राहुल को भी बेल देने से कोर्ट का इंकार उल्लेखनीय है कि नक्सल प्रभावित सारंडा जंगल में थोलकोबाद, दीघा, करमपदा, सोनापी, छोटानागरा, तितलीघाट, जामकुन्डिया, रोवाम, किरीबुरु, मेघाहातुबुरु आदि स्थानों पर मतदान केन्द्र है. इन मतदान केन्द्रों से विभिन्न गांवों की दूरी लगभग 8-35 किलोमीटर दूर (सबसे दूर नयागांव से दीघा) है, जहाँ से लोगों को इस भीषण गर्मी में पैदल चलकर मतदान करने आना होगा. हालांकि प्रशासन भी अपने स्तर से वाहन की व्यवस्था पूर्व में करती रही है लेकिन अधिक लाभ नहीं मिला. सारंडा के प्रायः गांवों में बसे लोग अपने-अपने घर अलग-अलग बनाये हुये हैं. जहाँ से सभी को एक साथ बूथों तक ले जाना आसान नहीं होगा. दूसरी तरफ सारंडा से भारी तादाद में युवक व युवतियां रोजगार हेतु अन्य शहरों में पलायन कर गये हैं. सैकड़ों छात्र-छात्रायें उच्च शिक्षा हेतु अन्य शहरों में हैं. इसे भी पढ़ें : परंपरागत">https://lagatar.in/who-will-get-gurujis-blessings-from-the-traditional-seat-dumka/">परंपरागत
सीट दुमका से गुरुजी का किसे मिलेगा आशीर्वाद सेल की किरीबुरु, मेघाहातुबुरु, गुआ व चिड़िया के हजारों सेलकर्मी मतदान प्रक्रिया में लगाये जाते हैं, जिसमें से अधिकतर अपने-अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाते हैं. सेलकर्मियों के अनुपस्थिति के वजह से उनके कुछ परिजन भी मतदान करने बूथों पर नहीं जाते हैं. अधिकारी वर्ग के लोग बहुत कम मतदान में हिस्सा लेते हैं. ऐसी स्थिति में इस बार सारंडा क्षेत्र के बूथों पर मतदान प्रतिशत काफी कम होने की संभावना है. चुनाव आयोग व जिला प्रशासन को इस समस्या का समाधान व मतदान फीसदी बढा़ने हेतु विशेष कार्य योजना तैयार करना होगा. इसे भी पढ़ें : नोवामुंडी">https://lagatar.in/noamundi-immersion-of-maa-basanti-durga-idol-with-musical-instruments/">नोवामुंडी
: गाजे-बाजे के साथ मां बसंती दुर्गा प्रतिमा की हुई विसर्जन
गर्मी की वजह से शनिचरा हाट-बाजार में छाई वीरानी
alt="" width="600" height="400" /> Kiriburu (Shailesh Singh) : किरीबुरु-मेघाहातुबुरु का तापमान 39-40 डिग्री तक पहुंचने से यहां की जनता का हाल बेहाल है. भीषण गर्मी की वजह से मेघाहातुबुरु में आज लगने वाली सप्ताहिक शनिचरा हाट-बाजार में सारंडा के किसानों के अलावे बाहरी व्यापारियों की उपस्थिति काफी कम देखी जा रही है. दूसरी तरफ ग्राहक भी गर्मी के कारण अपने-अपने घरों में कैद हैं. इसे भी पढ़ें : लोहार">https://lagatar.in/high-court-seeks-response-from-central-and-state-government-on-removal-of-lohar-caste-from-st-list/">लोहार
जाति को एसटी सूची से हटाने पर झारखंड हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से मांगा जवाब हाट-बाजार में दुकान लगाये कई दुकानदार गर्मी की वजह से अपनी दुकाने छोड़ पेड़ की छाँव के नीचे बैठ गर्मी से बचने की कोशिश कर रहे हैं. कुछ दुकानदारों ने बताया की दुकान के उपर धूप से बचने हेतु लगाया गया प्लास्टिक के नीचे बैठने से गर्मी से कोई राहत नहीं मिल पा रहा है. सब्जियां भी खराब हो जा रही है. लेकिन पेट की खातिर यह सब झेलना मजबूरी है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-kashidih-high-school-celebrating-earth-day-celebration-week/">जमशेदपुर
: काशीडीह हाई स्कूल पृथ्वी दिवस उत्सव सप्ताह मना रहा उल्लेखनीय है कि इस शहर का तापमान जब भी 38 डिग्री से बढ़ता था तब दोपहर में अचानक आसमान में काले बादल छा जाते एवं लगभग एक घंटा मुसलाधार वर्षा होती थी. इससे कुछ दिन मौसम ठंडा हो जाता था. यह सिलसिला पूरे गर्मी भर चलता था. लेकिन अब वैसा मौसम व गर्मी में वर्षा एक इतिहास बन गया है. इसे भी पढ़ें : गिरिडीह">https://lagatar.in/codex-wire-recovered-in-search-operation-against-naxalites-in-giridih/">गिरिडीह
में नक्सलियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन में कोडेक्स वायर बरामद
नोवामुंडी : डीएवी पब्लिक स्कूल गुवा में विलियम वर्ड्सवर्थ दिवस मनाया
alt="" width="600" height="400" /> Noamundi (Sandip Kumar Prasad) : डीएवी पब्लिक स्कूल गुवा में विलियम वर्ड्सवर्थ दिवस मनाया गया. इस अवसर स्कूल की प्राचार्या उषा राय की अध्यक्षता में स्कूली बच्चों की अन्तर सदनसीय क्वीज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. बच्चों की आयोजित क्विज प्रतियोगिता में एंकरिंग वरीय शिक्षक पीके आचार्या व शिक्षिका आकांक्षा सिंह कर रही थी. परिणाम स्वरूप 60 अंक प्राप्तांक से श्रद्धानन्द सदन प्रथम, 45 अंक प्राप्तांक से अरविंदो सदन द्वितीय एवं 40 अंक प्राप्त कर दयानंद सदन तृतीय रहा. इसे भी पढ़ें : बिल्डर">https://lagatar.in/builder-kamal-bhushans-accountant-sanjay-murder-case-after-w-kujur-court-refuses-to-grant-bail-to-rahul-too/">बिल्डर
कमल भूषण के अकाउंटेंट संजय हत्याकांड: डब्लू कुजूर के बाद राहुल को भी बेल देने से कोर्ट का इंकार
alt="" width="600" height="400" /> प्रतियोगिता में स्कूली बच्चों में मान्याश्री, राजीव रंजन पाठक, ओम महापात्रा, मयंक, निधि, जसिका हालदार, रॉबिन महतो, ओम भट्टाचार्या, नरगिस परवीन, अजहर खान व अन्य अपने-अपने उम्दा प्रदर्शन से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया. इस अवसर पर बच्चों ने विलियम वर्ड्सवर्थ पर प्रेरक व अनुकरणीय विचार रखें एवं कविता के माध्यम से विलियम वर्ड्सवर्थ की महानता को प्रदर्शित किया. स्कूल की प्राचार्या उषा राय ने बच्चों को बताया कि विलियम वर्ड्सवर्थ एक प्रमुख अंग्रेजी रोमांटिक कवि थे. उन्होने सैम्युअल टेलर कॉलरिज कि सहायता से अंग्रेजी सहित्य में सयुक्त प्रकाशन गीतात्मक गथागीत के साथ रोमन्चक युग का आरम्भ किया. इसे भी पढ़ें : क्या">https://lagatar.in/will-prime-minister-modi-fulfill-his-promise-of-sending-ashok-chavan-to-jail-congress-asked/">क्या
अशोक चव्हाण को जेल भेजने का अपना वादा पूरा करेंगे प्रधानमंत्री मोदी: कांग्रेस ने पूछा
alt="" width="600" height="400" /> विलियम वर्द्स्व्र्थ का जन्म 7 अप्रैल को हुआ था. वे एक प्रमुख रचनात्मक कवि थे. मौके पर कार्यक्रम के समायोजन में अनन्त कु उपाध्याय,अरविन्दों साहू, शशिभूषण तिवारी, विकास मिश्रा, एस के पाण्डेय, संजीव सिन्हा, जय मंगल साव, अंजन सेन, विनोद कु साहू, बाल गोपाल सिंह, योगेन्द्र त्रिपाठी, पुष्पांजलि नायक, अनिरुद्ध दत्ता, अनिशा राय चौधरी, ज्योति सिन्हा, अनीला एक्का, ऋषिकेश कुमार व अन्य का अग्रणी योगदान रहा. इसे भी पढ़ें : उलगुलान">https://lagatar.in/tight-security-arrangements-in-ranchi-regarding-ulgulan-rally-2000-additional-soldiers-will-be-deployed/">उलगुलान
रैली को लेकर रांची में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, 2000 अतिरिक्त जवान होंगे तैनात
मझगांव : झामुमो के हर कार्यकर्ता में हेमंत जैसा है हौसला : दिलवर
- मझगांव प्रखंड के झामुमो मझगांव पंचायत में बूथ समिति का हुआ गठन
alt="" width="600" height="400" /> Majhgaon (Md Wasi) : मझगांव प्रखंड के झामुमो मझगांव पंचायत में चार बूथ समिति का गठन मझगांव के बांदासाई टोला में झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ कार्यकर्ता दिलबर हुसैन ,मोहम्मद फैय्याज व जानेआलम की संयुक्त अध्यक्षता में की गई. इस दौरान सैकड़ो की संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दिलबर हुसैन ने कहा कि लोकसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं को एक मौका मिला है. जिसमें महा गठबंधन के प्रत्याशी पूर्व मंत्री जोबा मांझी को हर हाल में जीत दर्ज करवाना है. इस संकल्प के साथ हम सभी कार्यकर्ता मतदाता के घर-घर जाकर झारखंड मुक्ति मोर्चा के सरकार के द्वारा की गई जनकल्याणकारी कार्यों को बताना है. इसे भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/support-congress-to-make-dhanbad-fear-free-anupama-singh/">धनबाद
को भयमुक्त बनाने के लिए कांग्रेस का साथ दें : अनुपमा सिंह भाजपा के इशारे पर केंद्र एजेंसी ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जेल में डालने का काम किया है. उन्हें लगता है कि हमारे नेता को जेल में डालकर आसानी के साथ चुनाव जीत जाएंगे. लेकिन उन्हें भूलना नहीं चाहिए कि झारखंड मुक्ति मोर्चा का हर एक कार्यकर्ता हेमंत सोरेन के जैसा हौसला रखता है. इसलिए लोकसभा चुनाव में उन्हें इस अपमान का बदला जरूर चुकाना होगा. पूरी राज्य की जनता इस अपमान का बदला लेने के लिए तैयार हो चुकी है. उन्हें लोकसभा चुनाव में झारखंड से एक भी सीट नहीं मिलने जा रहा है. इसलिए हम सभी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि बूथ स्तर पर ही हम मजबूती के साथ महागठबंधन के प्रत्याशी जोबा मांझी को जीत दिलाने में अपनी ओर से पूरी शक्ति लगा दे. तन, मन और धन लगाकर हम जोबा मांझी को जीत दिलाने में लगे. हमारा लक्ष्य है कि प्रत्येक बूथ पर कम से कम 300 मतों का अंतर रहना चाहिए. इसे भी पढ़ें : IPL">https://lagatar.in/ipl-2024-dhonis-bat-is-spewing-fire-making-the-ball-travel-in-the-air/">IPL
2024 : धोनी का बल्ला उगल रहा आग, गेंद को करा रहे हवाई यात्रा यह हम सभी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है. इस बार के चुनाव में इंडिया महागठबंधन के प्रत्याशी की जीत ऐतिहासिक जीत होगी. वहीं मो. फैयाज ने कहा कि यह लड़ाई बहुत बड़ी फौज के साथ है. जिसके पास धन बल की बड़ी ताकत नजर आ रही है. हमारी ताकत प्रत्येक गांव और बूथ में मौजूद कार्यकर्ता है. भाजपा धन बल से लड़ाई करेगी तो हमारे कार्यकर्ता अपने तन, मन, धन से इस लड़ाई को जीत में बदलेंगे. हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि हर बूथ पर हम मजबूती के साथ अपने प्रत्याशी को जीत दिलाने में लग रहे. आज की पंचायत स्तर के भीड़ देखने से प्रतीत हो रहा है कि महागठबंधन के प्रत्याशी जोबा माझी को एक मजबूत जीत मिलने वाली है. इसे भी पढ़ें : मैट्रिक">https://lagatar.in/3-news-from-deoghar-including-excellent-performance-of-palojori-students-in-matriculation-examination-ii/">मैट्रिक
परीक्षा में पालोजोरी के विद्यार्थियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन II समेत देवघर की 3 खबरें इसमें हम सभी कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे अहम होगी. इसलिए आज से ही सभी कार्यकर्ता चुनाव के कार्य में लग जाए. मौके पर नुंदीराम हेम्बम, मोजाहिद अहमद, सुरेंद्र पिंगुवा, जाने आलम, हरिश पिंगुवा, रुशदुस्लाम, मनोज गोप, सफीक अहमद, दशरथ गोप, साहिद अहमद, शब्बीर अहमद, सोनु महाराणा, जरीफ अहमद, शकील अहमद, विपीन महाराणा, सीता केराई, मिनी पुरती, रिंडु पुरती, जाकीर हुसैन, मोहम्मद आदिल, फिरदोश अहमद, आनन्द पाट पिंगुवा, लक्ष्मण पिंगुवा, साबित्री महाराणा, विपीन महाराणा, सद्दाम हुसैन आदि सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे. [wpse_comments_template]
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