Kiriburu (Shailesh Singh) : भागीरथी की हीं तरह घाघरथी झरना का पानी कभी कम अथवा सुखने का नाम नहीं लेता है. सारंडा के घने जंगलों में, सेल की किरीबुरू खदान के लीज क्षेत्र की ऊंची पहाड़ियों पर स्थित घाघरथी जलप्रपात अथवा घाघरथी झरना अपनी खूबसूरती को लेकर अलग पहचान रखती है. यह झरना हजारों परिवारों व लाखों पेड़-पौधों के लिये जीवनदायी है. हालांकि वन एवं पर्यटक विभाग की निष्क्रियता की वजह से इस झरने को राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर पहचान अबतक नहीं मिल पाई है. इसे भी पढ़ें :जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-week-long-summer-camp-ceremoniously-concluded-at-workers-college/">जमशेदपुर
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alt="" width="300" height="200" /> झरने में मस्ती करती युवतियां.[/caption] झरना तक जाने के लिये किरीबुरु एवं मेघाहातुबुरु खदान के रास्ते (लगभग 10 किलोमीटर दूर) सीधी कच्ची व पगडंडी रास्ते है. यहां छोटे वाहनों से भी आसानी से जाया जा सकता है. सारंडा की ऊंची पहाड़ी अर्थात किरीबुरु खदान क्षेत्र से इस झरना का उद्गम स्थल है. झरना का पानी ऊंची पहाड़ियों से चैनल में घूमते हुये पत्थरों से टकराते नीचे गिरती है. पहाड़ी के नीचे किरीबुरु प्रबंधन का पंप हाउस है. झरने के पानी को पंप के द्वारा टाउनशिप व खदान क्षेत्रों में पेयजल व अन्य कार्य हेतु सप्लाई किया जाता है.इसका पानी बिल्कुल शुद्ध व मिनरल से भरा तथा काफी मीठा है. विभिन्न प्रजाति के पेड़-पौधे एवं लौह अयस्क की पहाड़ झरने की खूबसूरती को और चार चांद लगाती है. परिवार के साथ पीकनिक मनाने का बेहतर स्थान है. गर्मी के मौसम में स्थानीय लोग इस झरने में परिवार व दोस्तों साथ जाकर खूब मस्ती करते हैं. वन विभाग व पर्यटन विभाग अगर इसका सौन्दर्यीकरण, प्रचार-प्रसार, पहुंच पथ को बेहतर करने का कार्य करे तो यहां पर्यटकों की भारी भीड़ सालों भर लगेगी. इससे स्थानीय लोगों का रोजगार भी सृजन होगा. इसे भी पढ़ें :जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-students-performing-best-in-eighth-ninth-and-matriculation-were-honored-at-peoples-academy/">जमशेदपुर
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गर्मी में लोग यहां परिवार के साथ खूब मस्ती करते है
[caption id="attachment_661974" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="200" /> झरने में मस्ती करती युवतियां.[/caption] झरना तक जाने के लिये किरीबुरु एवं मेघाहातुबुरु खदान के रास्ते (लगभग 10 किलोमीटर दूर) सीधी कच्ची व पगडंडी रास्ते है. यहां छोटे वाहनों से भी आसानी से जाया जा सकता है. सारंडा की ऊंची पहाड़ी अर्थात किरीबुरु खदान क्षेत्र से इस झरना का उद्गम स्थल है. झरना का पानी ऊंची पहाड़ियों से चैनल में घूमते हुये पत्थरों से टकराते नीचे गिरती है. पहाड़ी के नीचे किरीबुरु प्रबंधन का पंप हाउस है. झरने के पानी को पंप के द्वारा टाउनशिप व खदान क्षेत्रों में पेयजल व अन्य कार्य हेतु सप्लाई किया जाता है.इसका पानी बिल्कुल शुद्ध व मिनरल से भरा तथा काफी मीठा है. विभिन्न प्रजाति के पेड़-पौधे एवं लौह अयस्क की पहाड़ झरने की खूबसूरती को और चार चांद लगाती है. परिवार के साथ पीकनिक मनाने का बेहतर स्थान है. गर्मी के मौसम में स्थानीय लोग इस झरने में परिवार व दोस्तों साथ जाकर खूब मस्ती करते हैं. वन विभाग व पर्यटन विभाग अगर इसका सौन्दर्यीकरण, प्रचार-प्रसार, पहुंच पथ को बेहतर करने का कार्य करे तो यहां पर्यटकों की भारी भीड़ सालों भर लगेगी. इससे स्थानीय लोगों का रोजगार भी सृजन होगा. इसे भी पढ़ें :जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-students-performing-best-in-eighth-ninth-and-matriculation-were-honored-at-peoples-academy/">जमशेदपुर
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