Kiriburu (Ghailesh Singh ) : सेल की
चिड़िया खदान से
क्रेशर कटिंग कर स्क्रैप चोरी के दौरान स्क्रैप माफियाओं ने दो वाहनों का इस्तेमाल किया
था. सबसे आश्चर्य की बात यह है कि
दोनो वाहनों का असली
नम्बर को बदल कर उसके स्थान पर एक हीं फर्जी बिहार का रजिस्ट्रेशन
नम्बर बीआर09जीबी-0702 लगाया गया
था. ताकि चोरी का स्क्रैप ले जाने के दौरान कोई वाहन का
नम्बर नोट भी कर ले तो उससे वाहन का असली मालिक की पहचान नहीं हो
सके. स्क्रैप माफिया पुरानी व सस्ती वाहनों को खरीद उसका
नम्बर प्लेट बदलकर निरंतर स्क्रैप की चोरी कर रहे
हैं. ऐसी कई
वाहनें पूरे
लौहांचल क्षेत्र में
नम्बर बदल बदल कर चल रही
है. इससे रात-दिन चोरी के स्क्रैप
ढोये जा रहे
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: कोल्हान मानवाधिकार संगठन ने लगाया फलदार पौधा सही से जांच हो तो कई लोग पकडे़ जायेंगे
[caption id="attachment_658850" align="aligncenter" width="300"]

https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/06/scrap-mafiya-300x195.jpg"
alt="" width="300" height="195" /> कैम्फर वाहन का एक हीं नम्बर.[/caption] कार और
कैम्फर का एक हीं रजिस्ट्रेशन नम्बर, वह भी एक हीं स्थान पर एक हीं कार्य के
लिये हो तो सवाल परिवहन विभाग व पुलिस विभाग पर भी उठना वाजिब
है. वाहन जांच भी सही तरीके से नहीं होता
है. ऐसे में चोरी के वाहन भी फर्जी
नम्बर प्लेट लगातार आसानी से पुलिस को चकमा देकर पार हो सकते
हैं. वाहनों के कागजात व इंजन,
चेचिस नम्बर की साथ में जांच हो तो कई लोग
पकडे़ जायेंगा।
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